बच्चों में जगाएं कलात्मक अभिरूचियां

निहारिका जायसवाल

21st May 2016

जितना जरूरी है बच्चों के लिए पढऩा-लिखना है, उतना ही जरूरी है उनका विभिन्न एक्टिविटीज में हिस्सा लेना भी। सिर्फ पढ़ाई में अपना समय देने वाले बच्चे अक्सर एक्टिव नही होते हैं। एक्टीविटीज बच्चों के करियर को नया अयाम देने के साथ उनके दिमाग को भी तेज बनाते हैं। एक्टिीविटी क्लासेज के लिए बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां एक अच्छा विकल्प है। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों के पास अच्छा खासा समय होता है जिसमें वो मौजमस्ती के साथ विभिन्न प्रकार के हॉबी कोर्सेस कर सकते हैं।

बच्चों में जगाएं कलात्मक अभिरूचियां


बच्चों के लिए हॉबी कोर्सेज

हॉबी कोर्सेज की श्रेणी काफी बड़ी हैं, बच्चों के लिए एक्टिीविटीज में बहुत सारे ऑप्शन है। एक्टीविटीज क्लासेज में आप बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट, डांस, म्यूजिक, ढोलक, कुकिंग, ज्वैलरी मेकिंग, पेंटिंग और फ्लॉवर मेकिंग आदि कोर्स करवा सकते हैं।

आर्ट एंड क्राफ्ट

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

हर किसी के अंदर कोई न कोई कला होती है बस जरूरत होती है उसे पहचानने की। अगर उसे सही समय में पहचान लिया जाए तो वे किस्मत के तारों को भी चमका देती है। कला की श्रेणी बहुत बड़ी है। बच्चे को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के साथ उनके अंदर की कला को भी उभारना चाहिए। आजकल बच्चों के लिए कई आर्ट एंड क्राफ्ट क्लासेस भी चल रही है। इसलिए छुट्टी के दौरान बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट सिखाएं। आर्ट एंड क्राफ्ट क्लासेस में बच्चों को ऑयल पेंटिंग व सैरेमिक पेंटिंग जैसी विभिन्न प्रकार की पेंटिंग, स्कैचिंग, हैंडीक्राफ्ट्स या ड्राइंग आदि सिखाया जाता है। हैंडीक्राफ्ट्स में बच्चों को विभिन्न प्रकार की एंब्रायडरी, सॉफ्ट टॉय मेकिंग, पॉट मेकिंग, सैरिमक वर्क, पेपरमैशी वर्क, कैंडल मेकिंग, कंदीले मेकिंग जैसी विभिन्न चीजें सिखाई जाती हैं जो भविष्य में बच्चों के करियर को दिशा भी दे सकती हैं। पेंटिंग में भी स्प्रे पेंटिंग और मॉडर्न आर्ट भी आपके बच्चे के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इससे बच्चों का दिमाग खुलता है। आर्ट एंड क्राफ्ट के क्लासेस से बच्चे की कल्पनाशीलता बढ़ती है और समझ भी विकसित होती है।

आर्ट एंड क्राफ्ट क्लासेस
* क्रिएटिव फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट क्लासेज फॉर किड्स, दिल्ली  (www.modelncharts.com). 
* हॉबी क्लासेस फॉर किड्स, दिल्ली, (www.learning360.net).
* दि आर्ट फ्लोर, दिल्ली, (www.theartfloor.com).

* हिमांशू आर्ट एंड इंस्टीट्यूट, दिल्ली, (www.instituteoffineart.com)

* प्राथ आर्ट सेंटर फॉर चिल्ड्रन,  (www.mycity4kids.com).

* सॉफ्ट टॉय मेकिंग क्लासेज, मुंबई, (www.mumbai.click.in). 

* आर्ती ऑर्बिट आर्ट क्लासेस, मुंबई, (www.alllikeme.in).
* ऑल फॉर किड्स, मुंबई, (www.allforkids.in).
* आटर्सी-क्राफ्ट्सी, बैंगलोर (www.artsycraftsymom.com).

म्यूजिक

गीत, वाद्य और नृत्य ये तीनों मिलकर संगीत बनता है। वैसे तो संगीत की कोई नहीं होती हैं लेकिन उसकी लय हर किसी को लुभाती है। तनाव मुक्त करने में भी संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये करियर की दृष्टि से भी बेहतर है। इस गर्मी की छुट्टी में बच्चों को म्यूजिक सिखाना भी अच्छा विकल्प रहेगा। आजकल म्यूजिक की कई शॉर्ट टर्म कोर्सेस वाली क्लासेस भी चलने लगी हैं, जिसमें शुरूआत में बच्चों को बेसिक सिखाया जाता है। म्यूजिक में गायन यानी वोकल और वादन यानी इंस्ट्रयूमेंट दो श्रेणी होती है। वोकल में लोकगीत, क्लासिकल गाने, गजल, भजन, पॉप संगीत और फिल्मी संगीत आदि सीखा जा सकता है। इंस्ट्रयूमेंट में गिटार, ड्रम, ढोलक, तबला, पियानों आदि शामिल है। अगर आपके बच्चे की म्यूजिक और सिंगिंग को लेकर दिलचस्पी है, तो उन्हें प्रोत्साहित करें। ये उनके करियर के लिए भी अच्छा साबित हो सकता है।

म्यूजिक क्लासेस

 


* पायपा, दिल्ली, (www.paipa.in).
* संगीत विद्यालय, दिल्ली (www.sangeetvidhyalaya.com).
* लॉरियन म्यूजिक एकेडमी, दिल्ली, (www.lorrainemusicacademy.com).

* जिमबोरे, हैदराबाद, (www.gymboree.co.in).

* म्यूजिक एंड डांस एकेडमी , दिल्ली, (www.musicdanceacademy.com).

* ट्रयू स्कूल ऑफ म्यूजिक, मुंबई, (www.trueschool.in/music-school -mumbai).

* टॉडलर एक्टिविटी सेंटर, बैंगलोर, (www.tacindia.net).

* शंकर महादेव एकेडमी, हैदराबाद,(www.shankarmahadevanacademy.com).

* एसएन म्यूजिक एंड आर्ट एकेडमी (www.snmusicacademy.in).

डांस

डांस भी एक ऐसा आर्ट है जिसमें बिना कुछ कहे अपनी भावनाओं को व्यक्त किया जा सकता है। अच्छे करियर से लेकर तनाव कम करने तक में डांस की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चें छुट्टियों में वीडियो देखना ज्यादा पसंद करते हैं तो इसका मतलब उनकी रूचि मनोरजंन की तरफ है। तो आप अपने बच्चे का नाम डांस क्लासेस भी लिखवा सकती हैं। बच्चों के लिए डांस में कई तरह के विकल्प हैं। डांस में वे क्लचरल डांस, बैली डांस, कत्थक, जुंबा डांस, हिपहॉप डांस, सालसा आदि सिखा सकते हैं। ये आपके बच्चे के करियर के लिए भी प्रभावकारी साबित हो सकता है। हॉबी क्लासेस में सभी डांस के बेसिक्स सिखाए जाते हैं। इससे यह समझ में आता जाता है कि बच्चे की मनोरंजन के क्षेत्र में रूचि है कि नहीं।

डांस क्लासेस

* दिल्ली डांस एकेडमी, दिल्ली, (www.delhidanceacademy.in).

* किड्स एन वाई, दिल्ली, (www.kidsnwhy.com).

* बीपिक, दिल्ली,(www.bepickidscollege.in).

* किड्स स्टॉपर्स, (www.kidsstoppress.com).

* शामक डावर, दिल्ली, मंबई, पूना, बैंगलोर, हैदराबाद, (www.shiamak.com).

* नुपूर डांस एकेडमी, देहरादून, (www.noopurdanceacademy.com).

* सरगम, लखनऊ, (www.sargamsanstha.com).

 

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