बच्चों के साथ करें कुछ क्रिएटिव

गृहलक्ष्मी टीम

27th June 2017

बच्चों के सही विकास और खुशी के लिए जरूरी है कि पेरेन्ट्स उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। हॉबी आइडियाज़ एक्सपर्ट भावना मिश्रा बता रही हैं कि कैसे आप छुट्टियों में बच्चों के साथ कुछ क्रिएटिव ट्राई कर सकती हैं।

बच्चों के साथ करें कुछ क्रिएटिव
छुट्टियां चाहे लंबी हो या दो दिनों की  पेरेन्ट्स का ध्यान लगातार इस बात पर ही बना रहता है कि कैसे उनके बच्चे किसी काम में व्यस्त रहें और वो खुद भी जितना संभव हो उतना समय उनके साथ ही बिता सकें।
 
ट्राई करें आर्ट एंड क्राफ्ट
आर्ट और क्राफ्ट एक ऐसा माध्यम है जिसमें फैमिली के साथ बैठने के कारण वे काफी समय तक एक साथ रह सकते हैं। गर्मी की दोपहरी में बच्चे वेजिटेबल पेंटिंग या पेपरमैशी अथवा साधारण ड्राइंग बनाना पसंद करते हैं। पैरेन्ट्स भी बच्चों के साथ बैठकर कुछ बना सकते हैं और अपने बचपन की यादें ताजा कर सकते हैं। आजकल तो कई बड़े ब्रांड्स में एडल्ट कलरिंग बुक्स भी बाजार में उपलब्ध हैं।
 
प्ले विद कलर्स
यह सच है कि रंग आपके मूड को तरोताजा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, रंग मन का कायाकल्प करने में भी सक्षम हैं। उदाहरण के लिए लाल रंग मन को उत्साहित करने का प्रतीक माना जाता है, वहीं नीला और हरा रंग अधिक सुख दायक और प्रकृति के प्रति प्यार बढ़ाने वाला होता है। गर्मी के लंबे, नीरस दिनों में रंग बौछार लाने का काम करते हैं। जीवन्त रंगों के शेड्स का प्रयोग कोबाल्ट ब्लू, एक्सॉटिक औरेंज, सनी यलो और केंडी एपल रेड जैसे रंगों के साथ कर बच्चों को क्रिएटिव बनने दें। साथ में खुद भी इन रंगों से कुछ बनाएं, ताकि बच्चों को प्रेरणा मिले।
 
बड़ों के लिए भी है बेहतर
कलरिंग ऐसी कला है जो बड़ों को भी बच्चों की तरह व्यस्त रख सकती है। आप किसी खास तरह की पेंटिंग जैसे मधुबनी, सांगानेरी, कोलम और कश्मीरी ट्राई कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त इंडियन सफारी और एक्वामरीन जैसे थीम बड़ों को भी उनके बचपन की याद दिला सकते है। रंगों के साथ समय बिताने से तनाव कम होते हैं और मन को शांति मिलती है।

 

 
तकनीक से रहें दूर
आजकल वर्किंग प्रोफेशनल्स का ज्यादा समय कंप्यूटर के सामने ही निकल जाता है। ऐसे में उन्हें शरीर में एक प्रकार की व्यग्रता (एंग्जॉयटी) बनी रहती है। ऐसे में घर लौटने के बाद कुछ ऐसा किया जाए जो आपको सुकून दे और कला ऐसा ही जरिया है। कला के किसी न किसी फॉर्म को जरूर अपनाएं।
 
क्रिएशन से हमेशा मिलती है खुशी
क्रिएटिविटी इंसान को संतुष्टि एवं उपलब्धि का एहसास कराती है। छोटे बच्चे अपनी हर पेंटिंग के साथ और ज्यादा आत्मविश्वासी हो जाते हैं। जबकि बड़ों के लिए आर्ट फोकस बनाने, परेशानियों और स्ट्रेस से दूर एक अलग दुनिया को एंजॉय करने जैसा है। शोध बताते हैं कि बड़ों की लाइफ में कलरिंग का प्रभाव योगा जैसा ही होता है। 
 
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