GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

बच्चे को विनर बनाने और सुपरमॉम कहलाने के 12 टिप्स 12 Tips to be a Supermom & Make Your Kid a Winner

ऋचा कुलश्रेष्ठ

1st September 2017

बच्चे को विनर बनाने और सुपरमॉम कहलाने के 12 टिप्स 12 Tips to be a Supermom & Make Your Kid a Winner
हर मां चाहती है कि उसका बच्चा विनर बने, लेकिन ऐसा अक्सर होता नहीं है। बच्चे के विनर बनने की राह में बहुत सी अड़चनें आती हैं। इसी तरह से आपको भी सुपरमॉम बनने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। यूं ही हर कोई सुपरमॉम नहीं बन जाता या सुपरमॉम नहीं कहलाता। हालांकि ज्यादातर बच्चों को अपनी मम्मी सुपरमॉम ही लगती है, क्योंकि एक वही तो है जो हर पल उसका पूरापूरा ख्याल रखती है, उसके उठने बैठने, सोने-जगने से लेकर उसकी छोटी-छोटी फरमाइश तक का ख्याल। लेकिन सुपरमॉम बनने के लिए सिर्फ यही जरूरी नहीं है, बल्कि कई बार सुपरमॉम बनने के लिए आपको अपने बच्चे की इच्छा के खिलाफ भी बहुत कुछ करना पड़ता है, हो सकता है कि इस राह में आपको अपने ही दिल को पत्थर का बनाना पड़े। तभी तो आप बन पाएंगी सुपरमॉम और आपका बच्चा बनेगा विनर, सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, जिंदगी की हर जंग में...
 

 

1. बच्चे से खुलकर बातचीत करें
बच्चे के साथ जब आपकी बातचीत हो, तब आप भूल जाएं कि आप उसकी मां हैं। सिर्फ तभी आप उससे दोस्ताना रिश्ता बना सकती हैं, जो आपके बच्चे की पर्सनालिटी के लिए बेहद जरूरी है। सिर्फ तभी आप उसकी जिंदगी की हर खुशी, हर गम में साझीदार बन सकती हैं और उसकी जिंदगी में घटने वाले अच्छे और बुरे का फर्क उसे समझा सकती हैं। 2. हर बात स्पष्ट और साफ शब्दों में बताएं बच्चे से बात करने के तरीके को बहुत स्पष्ट रखें। उसे जो कहना हो, साफ शब्दों में कहें, बात को घुमा फिरा कर न कहें। कोई बहाना बनाकर, दूसरे बच्चों का उदाहरण देकर या ताना मारकर कोई बात न कहें। इससे बच्चे को बुरा लग सकता है या फिर उसका व्यवहार भी इसी तरह का हो सकता है।
 
3. बच्चे के लिए रोल मॉडल बनें

 

मां और पिता हर बच्चे के लिए रोल मॉडल होते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि बच्चे के पैदा होने के बाद से ही आप अपने व्यवहार को बच्चे के अनुसार ढालें। आज के बच्चे बहुत जल्दी दूसरों की बातों को एडॉप्ट करते हैं। अगर आप ज्यादा गुस्सा करती हैं तो बच्चे के सामने खास ध्यान रखें कि तेज गुस्सा न करें, नहीं तो कुछ ही समय में बच्चा आपसे सीखकर आपके साथ भी वैसा ही व्यवहार करने लगेगा और तब आप कछ नहीं कर सकेंगी।
 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

स्कूलों की सुरक्षा गाइडलाइन को जांचने के बाद ही मिलनी चाहिए मान्यता, क्या आप इससे सहमत हैं?

गृहलक्ष्मी गपशप

अपने इस ऐप के जरिए डॉ. अंजली हूडा सांगवान लोगों को रखती हैं फिट

अपने इस ऐप के जरिए डॉ....

"गृहलक्ष्मी ऑफ द डे"- डॉ. अंजली हूडा सांगवान

रिंग सेरेमनी से दें रिश्ते को पहचान

रिंग सेरेमनी से...

रिंग सेरेमनी, ये एकमात्रा रस्म नहीं बल्कि एक ऐसा मौका...

संपादक की पसंद

आओ, हम ही श्रीगणेश करें

आओ, हम ही श्रीगणेश...

“मम्मी गर्मी से मैं जला जा रहा हूं, मुझे बचा लो” मां...

रिदम और रूद्राक्ष की प्रेम कहानी

रिदम और रूद्राक्ष...

अक्सर जब किताबों में कोई प्रेम कहानी पढ़ती थी, तब मन...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription