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गर्मी मे फूलों के स्नान से बनें तरोताजा

रश्मि द्विवेदी

28th May 2015

फूलों के सत्व में ऐसी खूबियां होती हैं, जो तनाव कम करने के साथ-साथ आपके सौंदर्य को भी निखारने का काम करते हैं। तो चलिये जानते हैं ऐसे ही कुछ समर कूल फ्लॉवर बाथ के बारे में ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज़ हुसैन से।

गर्मी मे फूलों के स्नान से बनें तरोताजा

गर्मियों में हमेशा तरोताज़ा व सुगंधित बने रहना बहुत मुश्किल भरा होता है। गर्मी में पसीने की दुर्गंध सबसे अधिक परेशान करती हैं। पर ऐसे समय अगर नियमित रूप से स्क्रब व स्नान किया जाए तो दुर्गंध व त्वचा पर मौजूद कीटाणुओं से छुटकारा पाया जा सकता है। खासकर जब स्नान फूलों से किया जाये तो यह आपको तरोताज़ा तो करता ही है साथ ही आपकी खूबसूरती को भी बढ़ाता है। फूलों की ताज़गी, उनके ठंडेपन का गुण तनाव को कम करने में मदद करते हैं। वो कैसे? आइए जानें-

 

गुलाब की पंखुडिय़ों का बाथ

ये बात जगजाहिर है कि गुलाब की पंखुडिय़ां नहाने के लिये केवल आज से ही उपयोग में नहीं लाई जा रही हैं बल्कि पुरातन काल में महारानियां भी गुलाब की पंखुडिय़ों से ही स्नान किया करती थीं और यही उनकी खूबसूरती का राज भी था। अपनी मनमोहक खुशबू और कई गुणों के कारण ही गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। गुलाब का फूल हर तरह से आपकी खूबसूरती में चार-चांद लगाता है इसलिए गुलाब की पंखुडियां आपकी त्वचा के लिये काफी गुणकारी है। अगर आप गुलाब की पंखुडिय़ों का स्नान करने की सोच रही हैं तो गुलाब की पंखुडिय़ों में एक कप दूध का पाउडर, नमक, गुलाब के तेल की पांच बूंदे व दो चम्मच बादाम के शुद्ध तेल को नहाने के पानी में मिलाएं। अगर आप टब स्नान कर रही हैं तो उसमें बाथ लवण मिलाएं। गर्मी के मौसम में यह स्नान जहां आपको भरपूर ताज़गी से भर देगा, वहीं इससे आपकी त्वचा नर्म, मुलायम और चमकदार बनी रहेगी।

लैवेंडर के फूलों का बॉथ

जिस तरह से गुलाब शांति व शीतलता लिये हुये होता है उसी तरह से लैवेंडर का फूल भी शांति व शीतलता से भरपूर होता है। अगर आप लैवेंडर के फूलों से स्नान करना चाहती हैं तो पानी में लैवेंडर के फूलों के साथ-साथ तिल या जैतून के तेल की कुछ बूंदे भी मिला सकती हैं। यह त्वचा में क्षार व अम्ल के संतुलन को सामान्य बनाए रखता है और त्वचा को सुरक्षित रखता है। इस स्नान से त्वचा की रंगत निखरती है और साथ ही यह शीतलता भी प्रदान करता है। लैवेंडर का फूल त्वचा को तरोताज़ा रखने में मदद करता है।

वाइट लिली के फूलों का बाथ

वाइट लिली के फूल दिखने में जितने खूबसूरत होते हैं उसके गुण भी उतने ही फायदेमंद होते हैं। अरोमाथेरेपी में इसका बखूबी इस्तेमाल किया जाता है। गर्मी के मौसम में वाइट लिली से स्नान करना काफी अच्छा विकल्प है क्योंकि यह त्वचा को खूशबूदार बनाने के साथ-साथ स्वस्थ भी बनाता है।

नीम की पत्तियों का बाथ

 नीम की पत्तियों को त्वचा के संरक्षक के रूप में जाना जाता है। अगर आपको त्वचा से जुड़ी समस्यायें जैसे- कील-मुहांसे, फोड़े-फुंसी आदि हैं तो नीम की पत्तियों से स्नान करें। नीम की पत्तियों को गर्म पानी में खौलाकर उस पानी को नहाने के पानी में मिलाएं। यह स्नान त्वचा की समस्याओं से आपको छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होगा।

गेंदे के फूलों का बाथ

बहुत कम लोगों को पता होगा कि गेंदे के फूल में पाया जाने वाला सत्व त्वचा को निखारने में मददगार होता है। गेंदे की पत्तियों को मसलें फिर इसका लेप पूरे शरीर पर लगाकर ठंडे पानी से स्नान करें। आपकी त्वचा निखरने के साथ-साथ तरोताजा भी हो उठेगी।

चमेली के फूलों का बाथ

चमेली का फूल मिज़ाज व भावनाओं को सकारात्मक बनाने में मदद करता है। आप चाहें तो इसके तेल को बॉडी मसाज लोशन के रूप में प्रयोग कर सकती हैं। चमेली के फूलों का बाथ लेते समय कुछ बूंदे गुलाबजल के साथ एक चम्मच मिल्क पाउडर नहाने के पानी में मिलाएं। गुलाब के तेल की कुछ बूंदों को भी नहाने के पानी में मिलाया जा सकता है। आप चाहें तो लैवेंडर के तेल को भी नहाने में प्रयोग कर सकती हैं। यह स्नान आपके मिज़ाज को सकारात्मक कर त्वचा को सुंदर व मन को शांति प्रदान करता है।

इन बातों का ध्यान रखें

  • गर्मी में नहाने या शॉवर का पानी ठंडा होना चाहिए।
  • अपने शरीर को लूफा या स्पंज से साफ करें। यह शरीर से मृत कोशिकाओं को हटाता है। त्वचा पूरी तरह साफ हो जाती है।
  • बगल, पैर की सफाई पर खास ध्यान दें क्योंकि यहां पर शुष्क ग्रंथियां अधिक होती हैं।
  • अगर त्वचा सूखी है तो स्नान के दौरान आप कुछ बूंदे ग्लिसरीन का भी प्रयोग कर सकती हैं, इससे त्वचा का सूखापन कम होता है।
  • शरीर के सूखने के बाद मॉइश्चराइजिंग लोशन का प्रयोग करें। यह त्वचा की नमी को बनाए रखता है।