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फेस लिफ्टिंग से दिखें जवां

गीता सिंह

30th May 2015

फेस लिफ्टिंग तकनीक अपनाकर आप अपनी बढ़ती उम्र पर ब्रेक लगा सकती हैं। चेहरे की त्वचा में बदलाव कर चेहरे की रंगत बदलने की क्रिया फेस लिफ्ट कहलाती है

फेस लिफ्टिंग  से दिखें जवां

सभी की चाहत होती है कि वो खूबसूरत और जवां दिखाई दें, जिसके लिए वे कई तरह के उपाय भी करते हैं। लेकिन ना चाहते हुए भी बढ़ती उम्र के निशान आपकी खूबसूरती पर ग्रहण लगा देते हैं। अब आपको इसके लिए परेशान होने की आवश्यकता नही है क्योंकि आप फेस लिफ्टिंग तकनीक अपनाकर अपनी बढ़ती उम्र पर ब्रेक लगा सकती हैं। चेहरे की त्वचा में बदलाव कर चेहरे की रंगत बदलने की क्रिया फेस लिफ्ट कहलाती है जिसके लिए किसी भी तरह की सर्जरी की जरूरत नहीं पडती है। 

कॉस्मेडिक स्किन एंड होम्यो क्लीनिक की कॉस्मोटॉलोजिस्ट व होम्योपैथ फिजीशियन डॉक्टर करुणा मल्होत्रा के अनुसार नॉन सर्जिकल केएएस फेस लिफ्ट की प्रक्रिया आज फेस‌ लिफ्टिंग सर्जरी या कॉस्मेटिक सर्जरी का पर्याय बनती जा रही है, आईये आपको बताते हैं आखिर ये प्रक्रिया है क्या-

केएएस फ्लूएड फेस लिफ्ट
केएएस फ्लूएड फेसलिफ्ट एक नॉन सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के ही टिशु का उपयोग करते हुए उसके चेहरे की बनावट में बदलाव किए जाते हैं। यह मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमें त्वचा को बिना सर्जरी के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ एजिंग की निशानियों को भी खत्म किया जाता है। यह त्वचा के उन स्थानों में वॉल्यूम बढ़ाने में मदद करती है, जहां पर त्वचा अपना वॉल्यूम खो चुकी है।

कौन करा सकता है फेस-लिफ्ट
कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में केएएस फ्लूड फेस लिफ्ट करवा सकता है। जो लोग कम उम्र में ही अपनी त्वचा की रौनक खो देते हैं या अधिक उम्रदराज हैं उनके लिए भी यह प्रक्रिया सुरक्षित है और जो लोग अधिक उम्र में भी अपनी त्वचा के खोए हुए वॉल्यूम को लौटाना चाहते हैं उन पर भी फेस लिफ्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी 20 से लेकर 60 तक की उम्र के लोगों के लिए यह कारगर है।

क्या है प्रक्रिया
इसमें सबसे पहले चेहरे का मूल्यांकन किया जाता है और तीन तरह के विभिन्न क्षेत्रों को चिह्नित किया जाता है।
1. वे स्थान जहां से वॉल्यूम को हटाना है, जैसे ठुड्डी और गाल के निचले हिस्से।
2. वे स्थान जहां वॉल्यूम को बढ़ाना है जैसे गालों का ऊपरी हिस्सा, माथा या कोई भी स्थान जो खोखला दिखाई देता है।
3. वे स्थान जहां न तो वॉल्यूम बहुत ज्यादा है और न ही कम लेकिन त्वचा को जवां बनाने की आवश्यकता है।

कैसा होता है फेस लिफ्ट
इसके लिये सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता का प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा प्राप्त किया जाता है। रोगी का अपना ही खून उतनी ही मात्रा में लिया जाता है, जितना आमतौर पर रक्त जांच के लिए निकाला जाता है। एक एफडीए अनुमोदित विधि से पीआरपी को आइसोलेट किया जाता है। एक खास तकनीक क्लॉटिंग सेल्स यानि प्लेटलेट्स को बढ़ा देती है, जिसमें बड़ी मात्रा में ग्रोथ फैक्टर होते हैं। इससे शरीर और अधिक टिशु के निर्माण के लिए फिट हो जाता है।

  • इससे टिशु में कोलेजन की मात्रा भी बढ़ जाती है। यह एक बहुत ही विशिष्टीकृत तकनीक है जिसके लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। यदि तैयारी की प्रक्रिया में लापरवाही बरती जाए या इसे ठीक तरह से न किया जाए तो गलत परिणाम भी हो सकते हैं।
  • चेहरे के मूल्यांकन के समय एक फेशियल मैप तैयार किया जाता है और आवश्यक वॉल्यूम का अनुमान लगाया जाता है। इन्हीं योजनाओं के आधार पर वॉल्यूम तैयार किया जाता है। दो प्रकार के फ्लूड मिक्सचर बनाए जाते हैं। पहला मिक्सचर सघन होता है जिसमें स्टेम सेल्स और एडिपोसाईटस अधिक संख्या में होती हैं। दूसरे मिक्सचर में पीआरपी अधिक मात्रा में होता है। फैट की अल्प मात्रा को निकाल कर फेशियल फैट के स्थानों का उपचार किया जाता है। जिन स्थानों में वॉल्यूम की कमी होती है, पहले बनाए जा चुके मैप के आधार पर उनकी फिलिंग की जाती है।
  •  यह त्वचा में युवा अपरिपक्व कोशिकाओं का निर्माण बढ़ाता है। इससे त्वचा में कोलेजन का निर्माण होने लगता है और त्वचा जवां और कोमल हो जाती है। गालों और नाक के आसपास के खाली स्थानों की फिलिंग कर दी जाती है और त्वचा की चमक लौट आती है।

कम समय में ज्यादा फायदा
इसमें व्यावहारिक रूप से ज्यादा समय नहीं लगता, अगले कुछ महीनों तक रोगी की त्वचा लगातार बेहतर होती जाती है। चूंकि इसमें कोई कृत्रिम फिलर्स प्रयुक्त नहीं किए जाते इसलिए त्वचा में किसी तरह की गांठें या असमानता नहीं हो सकतीं। इसमें आपकी अपनी त्वचा से टिशु लिए जाते हैं इसलिए किसी भी तरह के रिजेक्शन या रिएक्शन की कोई आशंका नहीं होती। इस प्रक्रिया में कोई कट या चीरा भी नहीं लगाया जाता।

क्या है लागत
फिलहाल इस प्रक्रिया की लागत लगभग 50,000 से 80,000 रुपये तक आती है।

फेस लिफ्टिंग के अतिरिक्त जवां दिखने के अन्य तरीके-
* अपने शरीर के वजन पर ध्यान दें। वजन अधिक होने पर वृद्धावस्था के लक्षण जल्दी आने लगते हैं।
* भोजन में वसा की मात्रा कम रखें। शरीर में जमी आवश्यक चरबी वृद्धावस्था को आमंत्रित करती है।
* जल, विटामिन तथा खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में लें।
* आवश्यकतानुसार व्यायाम करें।
* अत्यधिक धूप से त्वचा को बचाएं। अगर धूप में जाना ही पड़े तो छाते का प्रयोग करें।