GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

बढ़ाएं त्वचा व बालों की खूबसूरती

गीता सिंह

11th June 2015

आयुर्वेद के जरिए हम केवल अपने स्वास्थ्य को ही बेहतर नहीं बना सकते हैं बल्कि अपनी बालों व त्वचा की खूबसूरती में भी इजाफा कर सकते हैं।



आज के समय में आयुर्वेद चिकित्सा को स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। आयुर्वेद के जरिये आसानी से निरोगी काया पायी जा सकती है। तभी तो आम लोगों से लेकर बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हस्तियों में आयुर्वेद का क्रेज देखा जा सकता है। अपने को फिट रखना हो या फिर बालों व त्वचा को खूबसूरत व जवां बनाए रखना हो, रेखा से लेकर शिल्पा शेट्टी, करीना कपूर, दीपिका पादुकोण आदि अभिनेत्रियां आयुर्वेद का इस्तेमाल करती है। श्री वैद्य क्लिनिक, द्वारका आल्टरनेटिव मेडिसन एक्सपर्ट डॉ. सोनिया गहलोत बता रही हैं कि किस प्रकार आप भी आयुर्वेद के इस्तेमाल से सेलिब्रिटी जैसे घने बाल व खूबसूरत त्वचा पा सकते हैं।
बालों के पोषण के लिए जरूरी तत्व
आयुर्वेद का विश् वास है कि गिरते बालों के नियंत्रण के लिए मन और शरीर की स्थिरता भी जरूरी होती है। आयुर्वेद बालों के प्रतिफल के रूप में हड्डी के गठन को प्रमुख समझता है। हड्डियों के गठन के लिए जिम्मेदार ऊतक भी बालों के विकास में सहायक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार बालों के गिरने के लिए पित् त दोष जिम्मेदार है।
बढ़ाएं त्वचा व बालों की खूबसूरती

गिरते बालों को रोकने के लिए आयुर्वेदिक उपचार बहुत प्रभावशाली माना जाता है। आयुर्वेदिक उपचार के लिए आहार के साथ ध्‍यान और योग को भी शामिल कीजिए और हां बालों में औषधीय हर्बल तेल से मालिश करना न भूलें। इन सबके अलावा कुछ अन्य कारणों को दूर कर व आयुर्वेद के इस्तेमाल से बाहरी और आंतरिक सुन्दरता पाई जा सकती है।

अन्य उपाय
. अगर आप कब्‍ज से ग्रस्त हैं तो इसके उपचार के लिए त्रिफला का सेवन करें और हल् का भोजन करें।
.अशुद्धियों को अच्‍छी तरह से शरीर से बाहर निकलने के लिए भरपूर मात्रा में पानी का सेवन कीजिए। वसंत ऋतु में जमे हुए आमा (पाचन दोष) को पिघलाने के लिए गरम पानी का सेवन करें।
.शरीर के आंतरिक उपचार के लिए सही तरीके का खानपान, दवाओं का सेवन और बाहरी उपचार के लिए औषधीय तेलों, लेप (मलहम) आदि का प्रयोग करें।

त्वचा के पोषण के लिए जरूरी तत्व

त्वचा के प्रकार के आधार पर आहार की दिनचर्या का अनुसरण करने के साथ, त् वचा को निखारने के लिए निम् नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं- हरी पत्तेदार सब्जियां, आसानी से पचने वाले प्रोटीन जैसे- पनीर, दूध, टोफू, सूरजमुखी के बीज, जिंक युक्त पदार्थ जैसे क्विनोआ और बीटा-किरोटीन युक् त आहार जैसे गाजर और मीठी चेरी का सेवन करें। बादाम और अखरोट प्रोटीन और चिकनाई युक्त वसा के साथ त् वचा को निखारने में मदद करते हैं। त् वचा के अनुकूल कुछ मसाले जैसे हल्दी त्वचा की पहली चारों परतों को पोषण देते हैं। शरीर से अम्ल निकालने के लिए जीरा का सेवन करें। चैनलों को शुद्ध करने के लिए काली मिर्च और त्वचा की परिवर्तनकारी क्षमता को संतुलित करने के लिए सौंफ का सेवन करें। त् वचा को निखारने के लिए सभी एंटी-ऑक् सीडेंट युक त फल और सब्जियां जैसे- अनार, सेब, नाशपाती और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। केवल ताजा ही खाएं, साबुत और जैविक खाद्य पदार्थ ही खाएं। डिब्‍बाबंद और संसाधित खाद्य पदार्थों से दूर रहें।