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सराबोर पूर्वोत्तर भारत

बुशरा फातमा

19th June 2015

पूर्वोत्तर की चुनिंदा जगहों की सैर....

देश की मुख्य धारा से दूर अपनी जुदा बोली, रहन-सहन और नैन-नक्श की वजह सें पूर्वोत्तर भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है। प्राकृतिक रूप से अत्यधिक धनी देश की ये सेवन सिस्टर्स पर्यटन की दृष्टि से भी प्रसिद्ध है। हरी-भरी पहाड़ी और घाटियां, कलकल बहते झरने द्धारा और नदी के साथ-साथ समृद्ध संस्कृति और इतिहास में पूर्वोत्तर भारत का कोई सानी नहीं। बीते कुछ वर्षों में भारत सरकार द्धारा  पूर्वोत्तर भारत को पर्यटन में बढ़ावा देने से इन दिनों यह देश-विदेश के सैलानियों में खासा प्रचलित हो गया है। इसी बात के मद्देनजर इस बार हम भी पूर्वोत्तर की चुनिंदा जगहों की सैर पर निकले हैं, जहां हम इसे करीब से जानेंगे। 


अगरतला 

देश के तीन राजपथों पर स्थित अगरतला त्रिपुरा की राजधानी है। यहां परंपरागत संस्कृति एवं पुराने रीति-रिवाजों का खूबसूरत संयोजन देखने को मिलेगा। हरोआ नदी के किनारे स्थित इस शहर का मौसम भी पर्यटन के लिहाज से बहुत अच्छा है। यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में नीरमहल की छटा देखने बनती है, जो रूद्रसागर झील के बीच स्थित है। नौकायन द्वारा इसकी सुंदरता को निहारा जा सकता है। हिंदू धर्म के कई अलौकिक स्थल यहां देखे जा सकते हैं। उनकोटी, देवता मूड़ा, चतुर्दश देवता बाड़ी आदि कई स्थल पर्यटकों का मुख्य आकर्षण केंद्र है। 


ज़ुकोऊघाटी 

मणिपुर और नागालैंड के बार्डर पर स्थित यह घाटी अपनी हरी-भरी प्राकृतिक संपदा के लिए जानी जाती है। ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध यह घाटी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है। सर्दियों में जहां यहां का तापमान न्यूनतम हो जाता है वहीं गॢमयों में पूरी घाटी जंगली फूलों से भर जाती है। पर्यटन के लिहाज़ से हालांकि यहां रहने खाने की सुख-सुविधा का लुत्फ ज्यादा नहीं उठा सकते लेकिन एडवेंचर प्रेमी पर्यटकों के लिए यह एक अच्छी जगह है।


गंगटोक

 पूर्वोत्तर भारत के सुंदर राज्य सिक्किम की राजधानी है गंगटोक, जो अपने खूबसूरत प्राकृतिक छटा के लिए पर्यटकों में बहुत मशहूर है। काजीरंगा की आच्छादित पहाडिय़ों की छटा का लुत्फ गंगटोक में उठाया जा सकता है। गंगटोक खूबसूरत घाटियों के लिए भी जाना जाता है। इस शहर को गुम्फाओं का शहर भी कहा जाता है। यहां करीब 140 गुम्फाएं हैं। इन गुम्फाओं में देवी देवताओं की भव्य मूर्तियां, लामा नृत्य संबंधित मुखौटे आदि देखे जा सकते हैं। साथ ही यहां की पेंटिंग्स और भित्ति चित्र इसके आकर्षण का केंद्र हैं, जो पर्यटक ट्रैकिंग के शौकीन हैं उनके लिए दार्जलिंग से गंगटोक तक जाने के लिए उपयुक्त ट्रैक है। ट्राइबल दृष्टि से भी गंगटोक बहुत उत्कृष्ट पर्यटन स्थल है। यहां के नमग्याल इंस्टीच्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी जाना ना भूलें, जहां तिब्बतियों की विभिन्न संस्कृति और सभ्यता जानने को मिलेगी।

इंफाल 

 इंफाल मणिपुर की राजधानी होने के साथ-साथ देश भर में अपने बहुमूल्य प्राकृतिक संपदा और मानवकृतियों के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक जानकारी के लिए इच्छुक पर्यटकों के लिए इंफाल में कई दर्शनीय स्थल हैं, जिसमें वे विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों को जान सकेंगे। इंफाल का इस्कॉन मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। यहां विदेशी पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है। यहां जाकर आप यहां के प्रसिद्ध मणिपुरी कुज़ीन का ज़ायका जरूर लें। इरोंबा का स्वाद नि:संदेह वर्षों तक आप याद रखेंगे। यहां के स्थानीय बाजार में मणिपुरी हैंडलूम और हस्तनिॢमत सामानों की खरीददारी की जा सकती है। शहर से 15 किमी दूर स्थित रेड हिल द्वितीय विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश एवं जापानियों के युद्ध के लिए जाना जाता है।


नामदफा राष्ट्रीय पार्क 

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित नामदफा राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता का सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है। यह उद्यान मिश्मी पहाडिय़ों की दफा बुम पर्वतमाला और पटकाई पर्वतमाला के बीच स्थित है। इसकी घाटियां जंगली फूलों की खुशबू से सराबोर होती है। यहां का विश्व प्रसिद्ध राइस बियर मारावा का ज़ायका लिए बिना यहां की यात्रा अधूरी है।


काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क 

पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक रूप से सबसे संपन्न राज्य असम का काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान  विश्व प्रसिद्ध है। हरे-भरे जंगल, जीव-जंतुओं की विभिन्न प्रजाती के लिए जाना जाने वाला काजीरंगा वन्य अभ्यारणों में उत्कृष्ट स्थान रखता है। हाथी की सवारी से लेकर खूबसूरत पक्षी विहार की वजह से काजीरंगा पर्यटकों में बहुत मशहूर है। हर वर्ष  जनवरी माह में यहां चलने वाले एलीफेंट फेस्टीवलका भी आकर्षण देखते
ही बनता है। 

त्सोंगमो झील : सिक्किम की प्रसिद्ध त्सोंगमो झील अपनी नैसॢगक छटा के लिए पर्यटकों में मशहूर है। इस झील का पानी पास की हिमानियों से आता है। झील के नज़ारे के साथ अगर चटपटे मोमो और क्रीमी गर्म चाय का साथ हो तो मज़ा दुगुना हो जाए। यहां स्थानीय हस्तनिर्मित सामान, गर्म कपड़े और बौद्ध आर्ट क्राफ्ट खरीदे जा सकते हैं। माइग्रेटेड बर्डस के लिए यह झील उपयुक्त जगह है।