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योग से रोकें उम्र को

अर्पणारितेश यादव

12th September 2015

बढ़ती उम्र कहीं आपकी खूबसूरती चुरा न लें इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसकी देखभाल करें।उम्र का असर शरीर पर नजर न आए इसके लिए प्राणा योगा के योगा एक्सपर्ट दीपक झा बता रहे हैं कुछ ऐसे योगासन, जिनको अपनाकर आप बढ़ती उम्र को काबू में कर सकती हैं।

 

 आज की महिलाओं को अपनी व्यस्त और रोजमर्रा की जिन्दगी में अनेक समस्याओं तथा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं कारणों से वे हाइपरटेंशन, नींद न आना (इन्सोमनिया) पीठ दर्द तथा चिंता जैसी समस्याओं से ज्यादा ग्रस्त रहने लगी हैं। परिणामस्वरूप उम्र से पहले शरीर ढलने लगता है। शरीर में ताकत और स्फूर्ति बनाए रखने और चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए, यह आवश्यक है कि महिलाएं नियमित रूप से ऐसे व्यायाम करें जिनसे उनका तन और मन तनावमुक्त रहे। योगा एक्सपर्ट दीपक झा कहते हैं कि योग तन और मन दोनों को ही संतुलित रखने में मददगार होता है। इसलिए महिलाओं को स्वस्थ जीवन के लिए योग की मदद लेनी चाहिए। यहां कुछ आसान योगाभ्यास बताए जा रहे हैं जिन्हें आप घर पर तथा स्वयं कर सकती हैं। नियमित अभ्यास से आप सक्रिय, तनावमुक्त और ऊर्जा से भरपूर रह सकेंगी और उम्र को भी थामे रख सकती हैं।

 अधोमुख शवासन

अपने हाथों और पैरों के बल आसन प्रारंभ कीजिए। अपनी उंगलियां फैलाइए और अपने हाथों को आसन पर जोर से टिकाइए। पैरों को सीधा करते हुए एडिय़ों और पंजों को दबाएं, अपने पुट्ठे को ऊपर आसमान की तरफ इस प्रकार फैलाएं कि आपकी रीढ की हड्डी बिल्कुल लंबी हो जाए। इस प्रकार आपके शरीर का आकार अंग्रेजी के वी अक्षर की तरह हो जाएगा। सिर को नीचे किए हुए हवा में लटकता रहना दें और अपने जबड़े को ढीला छोड़ दें। इसी मुद्रा में रहिए और तीन से पांच चक्र सांसें लीजिए, और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाइए।

 भुजंगासन

पेट के बल लेटें और अपने हाथों को समतल करके कंधे के नीचे रखें, टांगें सीधी पीछे की ओर एक साथ जोड़े कर रखें। अब अपनी टांगों को कस कर मिलाएं रखते हुए पैरों को जमीन पर ले आएं। अपने माथे को आसन पर टिकाएं। सांस भीतर खींचिए और अपने माथे, नाक और छाती को जमीन से ऊपर की ओर लाएं। इस दौरान हाथों को धरती पर ही रखें तथा अपने पुट्ठों को दम लगाकर आसन पर ही रखें। इसी अवस्था में रहें और इस दौरान कम से कम 3-4 बार गहरी सांसें लें और धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए नीचे आ जाएं।

 

बच्चे जैसा आसन
घुटनों से प्रारंभ करते हुए पहले एडिय़ों के बल बैठें। यदि आप इस मुद्रा में आराम से बैठ पा रहे हों तो अपने पुट्ठों और एडिय़ों के बीच में कंबल का रोल बनाकर रखें। सांस बाहर फेंकें और शरीर को इस प्रकार नीचे की ओर झुकाएं कि अपका सिर धरती से छूने लगे। यदि आपकी पीठ और टांगें अकड़ी हुई होंगी तो आपको अपने पुट्ठों बिना ऊपर की ओर उठाए, सिर धरती तक टिकाना कठिन लगेगा। अपने हाथों की उंगलियों को मिला कर एक प्रकार की फिस्ट बनाएं और अपना माथा उस पर टिका दें। यदि इस दौरान आपको लगे कि पेट में कुछ हो रहा है या फिर ऐसा करने में कठिनाई हो रही है तो आप अपनी टांगें अलग-अलग कर फैला लीजिए। अपने पुट्ठों को एडिय़ों पर टिकाएं और बांहों को सामने की ओर फैलाएं। जब भी आप सांस बाहर निकालें, तो अपनी छाती को ठुड्डी यानी चिन तक जाने दें। कंधों को तनावमुक्त रखें और बाहों को वापस इस प्रकार मोड़ें कि आपके हाथ, पैरों के पास तक पहुंच जाएं। इसी अवस्था में रहें और कम से कम 10-15 राउन्ड गहरी सांसें लें। धीरे से सांस  बाहर छोड़ें, और घुटने के बल बैठ जाएं, वापस सामान्य अवस्था में आने से पहले कुछ पल के लिए बिल्कुल हिलें-डुलें नहीं।

 

वाइड लैग फॉरवर्ड बेंड
अपनी टांगों को अलग कर फैला कर खड़ें हों ताकि आपके पुठ्ठे अलग-अलग हों। अपनी उंगलियों को आपस में फंसा कर अपनी पीठ के पीछे ले जाएं। धीरे से आगे की ओर झुकें। अपनी बांहों को आगे की ओर और पीछे की ओर तान कर रखें। लंबी-लबी सांसें लें। धीरे से अपनी बांहों को ढीला करें और फिर वापस उसी अवस्था मे आ जाएं। इसे 3-4 बार दोहराएं।

 

शवासन
जमीन पर या आसन पर पीठ के बल लेट जाएं, पैरों के बीच करीब 18 इंच की दूरी रखें और हाथों को शरीर से करीब 6 इंच दूर रखें। इस दौरान हथेलियां ऊपर की ओर होनी चाहिए। कुछ पल के लिए देखिए कि आप इस अवस्था में आराम तथा तनावमुक्त महसूस कर रहे हैं। ध्यान रहे कि इस दौरान आपका शरीर सीधा हो। अपनी जांघों, घुटनों और पंजों को तनावमुक्त रखें और बाहर की ओर फैला कर रखें। आंखें बंद कर लें और नाक से गहरी लंबी सासें लें और निकालें। इसी अवस्था में कम से कम 15 मिनट तक रहें।फिर धीरे-धीरे आंखें खोलिए और बैठने की अवस्था में आने के लिए सीधे न उठ कर करवट से उठकर बैठिए। मॉडल व अभिनेत्रियों की तरह बढ़ती उम्र में सुंदरव चमकदार त्वचा पाना हर महिला का सपना होता है लेकिन उनकी तरह महंगे प्रसाधन, ब्यूटी एक्पर्ट का खर्चा उठाना हर किसी के बस की बातनहीं होती। ऐसे में अक्सर मध्यम वर्ग की महिलाएं खूबसूरत व चमकदार त्वचा पाना अपनी पहुंच से बाहर की बात मान बैठती हैं। पर ऐसा नहीं है। योग और कुछ प्राकृतिक उपाय द्वारा आप भी रह सकती हैं जवां और पा सकती हैं बेहद चमकदार त्वचा। इस बारे में प्राणा योगा से योगा एक्सपर्ट दीपक कहते हैं कि सुंदर और दमकती त्वचा पानेके लिए डाइट के साथ-साथ व्यायाम व योग बेहद फायदेमंद साबित होता है। खासतौर पर योग से आपकी त्वचा प्राकृतिक रूप से जवान व कांतिमय बनी रहती है। खूबसूरत त्वचा पाने का सबसे सरल व प्रभावकारी योगासन है ब्रीदिंग एक्सरसाइज, जिससे आप जवां बनी रह सकती हैं।

 

अनुलोम विलोम
एक प्रकार का प्राणायाम है। इसमें आप एक समय में अपने एक नथुने से सांस लेते हैं और दूसरे नथुने से सांस बाहर निकालते हैं। इस प्रकार व्यायाम करने से शारीरिक व मानसिक तनाव दूर होते हैं और त्वचा प्राकृतिक रूप से निखरती है। लंबी सांस लेकर 5 सेकेंड तक सांस अंदर खींचिए और 10 सेकेंड तक सांस बाहर निकालिए. ऐसा दिन में 3-4 बार करना बेहद लाभप्रद होता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 भास्त्रिका प्राणायाम

यह पूरी तरह से सांस लेने और पूरी तरह छोडऩे का आसन है ताकि आपके शरीर को पूरी मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके। दोनों नथुनों से पूरी ताकत के साथ पूरी सांस भीतर लें। यह सुनिश्चित करें कि आपके फेफड़ों में पूरी तरह से हवा भरी हुई है। एक बार जब आप पूरी तरह से सांस भीतर ले लें, तो उतनी ही ताकत के साथ तेज़ आवाज़ के साथ, सांस को बाहर छोड़ें। इससे आपको विषैले तत्वों को शरीर से बाहर फेंकने में मदद मिलेगी। शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में तेज़ी लाने के लिए योग और प्राणायाम एक श्रेष्ठ व्यायाम हैं। विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने से शरीर को न केवल सुंदरता, ताकत एवं ऊर्जा मिलती है बल्कि इससे सोचने की प्रक्रिया भी अधिक संतुलित और सुंदर होती है। एक बार जब व्यक्ति को, आंतरिक शांति और सुंदरता प्राप्त हो जाती है तो वह दूसरों में भी खुशियां ढूंढ सकता है।

 सर्वांगासन

सर्वांगासन से खून का दौरा बढ़ता है और रक्त की पर्याप्त मात्रा मिलने से संपूर्ण शरीर को पोषण मिलता है और इस तरह त्वचा का कोलैजन बढ़ता है और आप जवां बनी रह सकती है।

 पश्चिमोत्तानासन

इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर और मन दोनों स्वस्थ और शक्तिशाली बनते हैं। इसके साथ ही तन और मन के अनेक रोग भी समाप्त होते हैं। शरीर स्वस्थ एवं कांतिमय तथा मन प्रसन्न होता है। समतल भूमि पर आसन बिछाकर दोनों पैरों को सीधा सामने करके बैठ जाएं। धीरे-धीरे शरीर का ऊपरी भाग आगे की ओर झुकाते हुए दोनों पैरों के अंगूठों को पकडऩे का प्रयास करें। घुटने को न मोड़ें तथा सिर को घुटनों से मिलाएं। इस स्थिति में कुछ देर रुकें। जब अच्छी तरह अभ्यास हो जाए तो दोनों हाथों की अंगुलियां आपस में फंसाकर दोनों पैरों के तलुओं को पकडऩे का प्रयत्न करें। इस आसन को तीन आवृत्ति में करें, जिन्हें कमर में दर्द हो वह इस आसन को ना करें।