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इस बीमारी के चलते अनुष्का शंकर को निकलवाना पड़ा यूट्रस, आप भी जान लें इस कंडीशन के बारे में

यशोधरा वीरोदय

3rd September 2019

कई बार स्वास्थ्य परिस्थितियों के चलते महिलाओं को गर्भाशय को निकलवाना पड़ता है, जो कि उनके लिए शारीरिक पीड़ा के साथ ही मानसिक पीड़ा का भी कारण बनता है, हाल ही में जानीमानी सितारवादक अनुष्का शंकर भी ऐसी ही पीड़ा से गुजरी हैं. जिसका दर्द उन्होने् सोशल मीडिया के जरिए बयां किया है।

इस बीमारी के चलते अनुष्का शंकर को निकलवाना पड़ा यूट्रस, आप भी जान लें इस कंडीशन के बारे में
दरअसल, जानीमानी सितारवादक अनुष्का शंकर ने बीते शुक्रवार एक पोस्ट के जरिए ये खुलासा किया है कि अब उनके पास गर्भाशय नहीं रहा है। अनुष्का ने अपने पोस्ट में बताया है कि पिछले महीने उनका हिस्ट्रेक्टमी (गर्भाशय को बाहर निकालना) का ऑपरेशन हुआ। साथ ही अनुष्का ने इसका कारण भी बताया है।असल में, अनुष्का ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी इस आप बीती को दुनिया के सामने रखा है। इस पोस्ट में अनुष्का ने लिखा है, 'पिछले महीने मैंने डबल सर्जरी कराई और अब मेरे पास यूट्रस नहीं है। मेरे पेट और यूट्रस में करीब 13 ट्यूमर थे... मेरा पेट 6 महीने की प्रेग्नेंट महिला जैसे दिखने लगा था। इनमें से एक ट्यूमर मेरी मांसपेशियों तक पहुंच गया था, ऐसी स्थिति में डॉक्टर्स ने ऑपरेशन करने के लिए कहा तो मैं अंदर तक सहम गई थी'।

 

 

अनुष्का आगे कहती हैं… ‘जब मैं जब 11 साल की थी, तभी मुझे पीरियड्स आने शुरू हो गए थे… मुझे हर 20-25 दिन में बेतहाशा दर्द होता था और मैं खून से लथपथ हो जाती थी ऐसे में फिर डॉक्टर मुझे दवाइयां देते थे और ऐसा हर महीने होता था। फिर जब मैं 26 साल की हुई, तो मुझे फाइब्रॉइड गर्भाशय की समस्या हुई, डॉक्टर्स ने मुझे उस समस्या से बाहर निकाला और मुझे दो संतान पैदा करने का मौका दिया।'
हिस्ट्रेक्टमी के अपने अनुभव के बारे में बताते हुए अनुष्का कहती हैं,'यह मेरे लिए औरत की पहचान खोने जैसा था... भविष्य में कोई संतान पैदा ना कर पाने का भय था, ऐसे में मैं डिप्रेशन में चली गई थी पर जब मैंने इस बारे में अपने दोस्तों और परिवार से बात की तो मैं यह जानकर चौंक गईं कि कितनी महिलाएं इस हिस्टेरेक्टॉमी करवा चुकी हैं, पर जैसा कि दूसरी महिलाएं अपनी आप बीती को दुनिया से उजागर नहीं करती हैं, लेकिन मैं इस बात को छिपाना नहीं चाहती हैं'। 

क्या है हिस्टेरेक्टॉमी ?

असल में हिस्टेरेक्टॉमी महिलाओं में गर्भाशय को हटाने के लिए किया गया ऑपरेशन है। वहीं बात करें यूट्रस यानी कि गर्भाशय की तो वो महिलाओं के शरीर का वो स्थान होता है जहां बच्चा गर्भस्थ शिशु विकसित होता है। ऐसे में हिस्टेरेक्टॉमी के बाद ना तो महिलाओं को पीरियड्स आते हैं और ना ही वो बच्चे को जन्म दे सकती है।

क्यों करानी पड़ती है हिस्टेरेक्टॉमी ?

हिस्टेरेक्टॉमी कराने की नौबत कई कारणों से आ सकती है, जैसे कि हैवी ब्लीडिंग, यूट्रस में फाइब्रॉएड, या यूट्रस के आकार में अस्वाभाविक रूप से वृद्धी, जैसा कि अक्सर बच्चे के जन्म के साल होता है। या फिर यूटेरस कैंसर जैसी स्थिति में भी हिस्टेरेक्टॉमी कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए अगर आपको गर्भाशय या पीरियड्स से जुडी कोई समस्या आ रही है, तो तुरंत किसी चिकित्सक से सम्पर्क करें, ताकी हिस्टेरेक्टॉमी कराने की नौबत ना आए।
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