फलों को बनाएं अपना डॉक्टर

सुचिता माहेश्वरी

29th September 2015

आम, सेब, केला, अनार हो या हो जामुन सभी बहुत गुणकारी होते हैं। इनका सेवन नियमित रूप से करने के साथ-साथ आप इनसे कई तरह की बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं।

फलों को बनाएं अपना डॉक्टर

फल खाएं भी और बीमारियों को भगाएं

आम से उपचार-

पेचिश- आम के पत्तों को छाया में सुखाकर कपड़छान कर लें। 6 ग्राम चूर्ण को गर्म पानी के साथ खायें। खाने में खिचड़ी खायें।

हाजमा- मीठे आम का रस 20 ग्राम और सोंठ दो ग्राम पीसकर मिला लें। सुबह के वक्त पीने से जिनको खाना ठीक से हजम नहीं होता हो उनके लिए बहुत अच्छा है। 7 दिन पिएं।

ताकत के लिए- मीठे आम का रस सवा सौ ग्राम, दूध 250 ग्राम चीनी मिलाकर लस्सी की तरह बनाकर दो महिने तक शाम को पिएं। मर्दाना ताकत और शरीर की कमजोरी को ठीक करने केलिए बहुत बढ़िया है। बर्फ डालकर पी सकते है।
लू के लिए- दो कच्चे आम आग में भूनकर उनका गूदा निचोडकर 250 ग्राम पानी में थोड़ी बर्फ और चीनी मिलाकर दिन में दो बार पिंए । लू की बीमारी को ठीक करता है।

 

 

 

 

 

 

उल्टी गर्भवती- आम का रस 20 ग्राम, अर्क गुलाब 20 ग्राम, कैल्शियम वाटर 20 ग्राम सबको मिलाकर दिन में 3 बार पिलाने से गर्भवती की उल्टी को फायदा करता है। यह एक खुराक का वजन है।

मन्जन- आम के पत्ते छाया में सुखाकर जलाकर बारीक पीसकर रोजाना मलने से खून बन्द करके दांत मजबूत करता है।

मीठे आम का गूदा लेकर 250 ग्राम दही और जरूरत के मुताबिक चीनी और बर्फ मिलाकर लस्सी की तरह रगड़कर रस बना लें। एक गिलास रोजाना पीने से खून बढ़ता है। शरीर को मोटा और तन्दुरूस्ती और चेहरे का रंग खिलता है। लू से बचाता है। इसके साथ रोटी खायें तो बहुत अच्छी लगेगी और भूख भी बढ़ेगी।
कच्चे आम एक किलो छिलका उतारकर कद्दूकस पर रगड़कर थोड़े से पानी में डालकर आग पर उबालकर फिर ठण्डा होने पर पानी निचोड़कर आधा किलो चीनी मिलाकर आग पर पकाएं। जरूरत के मुताबिक थोड़ा-सा पीला रंग खाने वाला भी चाहें तो मिला सकते हैं। जब पानी सूख जाए तोआग से उतारकर ठण्डा होने पर कांच के बर्तन में रख देंमन करे तो थोड़ा केवड़ा मिला लें।

शुगर- आम के रस पत्ते जो पेड़ से झड़ गए हो उन्हें बारीक पीसकर 2 ग्राम ताजे पानी से 15 दिन तक खायें मीठे का परहेज करें।

अनार से उपचार

दांत मजबूत- अनार के फूल छाया में सुखाकर बारीक करके मलन से खून बन्द और दांत मजबूत होते हैं।

पीलिया- मीठे अनार के दानों का रस 50 ग्राम रात को लोहे के बर्तन में करके छत पर रख दें। सुबह थोड़ी कूंजा मिश्री मिलाकर 20-25 दिन पिलाएं। कमलबाय, यरकाल ठीक होगा। परहेज खटाई का करें।

खांसी-मीठे अनार का छिलका 20 ग्राम, नमक लाहौरी 3 ग्राम बारीक करके पानी में 1-1 ग्राम की गोलियां बनाएं। दिन मेंतीन बार 2-2 गोली चूसें। खटाई का परहेज करें। 6 ग्राम अनार का छिलका थोड़े दूध में उबालकर पीने से काली खांसी को आराम मिलता है।

पेशाब के लिए- अनार का छिलका बारीक करके 4 ग्राम ताजे पानी के साथ दिन में दो बार खाने से मसाने की गर्मी और पेशाब का बार-बार जान ठीक होता है। दस दिन खाएं। परहेज चावल न खाएं।

 

 

 

 

 

 

 


स्वप्न दोष- कंधारी अनार का छिलका बारीक करके 3 ग्राम ताजे पानी के साथ खाने से स्वपनदोष ठीक होता है। दस दिन खाएं। खटाई का परहेज करें। रात को दूध न पिएं।

काली खांसी- 6 ग्राम अनार का छिलका थोड़े दूध में उबालकर पीने से काली खांसी को आराम पहुंचता है।

अमरूद से करें उपचार

अमरूद खाने से कब्ज दूर होता है। कब्ज वाले रोगियों को नाश्ते में अमरूद लेना चाहिये। अजीर्ण और गैस दूर होगी। भूख लगेगी, सैंधा नमक के साथ खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। 

दस्त- अमरूद की कोमल पत्तियां उबालकर पीने से पुराने दस्तों में लाभ होता है। 

छंत पीड़ा- अमरूद के पत्तों को चबाने से दांतों की पीड़ा दूर होती है या अमरूद के पत्तों का पानी में उबालकर कुल्लें करें, दांतों का दर्द, मसूड़ों दर्द सूजन को दूर करता है।

कुकर खांसी- अमरूद को भूमल में रख कर सेंककर खाने से कूकर खांसी ठीक हो जाती है। या कच्चे अमरूद का छिलका चबाकर उसका रस चूसने से खांसी को आराम होता है।

कब्ज-250 ग्राम अमरूद खाकर उपर गर्म दूधा पीने से कब्ज दूर होता है। पुराने कब्ज के रोगियों को सुबह-शाम अमरूद खाना चाहिये। 

सेब से करें उपचार-

सिर दर्द पुराना- एक मीठा सेब काटकर नमक लगाकर निराहार मॅुह चबाकर 15 दिन खाने से सिर दर्द को आराम करता है।

दिमाग की कमजोरी- खाना खाने से दस मिनट पहले एक मीठा बिना छिला सेब दस दिन खाएं, दिल दिमाग को ताकत देता है।

पेट की गैस- एक मीठा सेब लेकर उसमें 10 ग्राम लौंग चुभो दें। दस दिन बाद लौंग निकालकर। लौंग रोजाना पानी से खाएं। परहेज चावल व बादी चीजें न खाएं।

ताकत के लिए-  एक मीठा अम्बरी सेब जिसमें जितने लौंग आ सके चुभोकर किसी चीनी के बर्तन में आठ दिन तक पड़ा रहने दें। आठ दिन बाद लौंग निकालकर सीसी में रख दें और रोजाना 2 लौंग बारीक करके सुबह दुध से 20 दिन तक खायें। मर्दाना ताकत पैदा करता है। नीचे लिखा तेल इस्तेमाल करोगे। तो दुगना फायदा होगा। लौंग सुस्ती के लिए बढ़िया चीज़ है, वे लौंग की बीमारी को भी ठीक करेगी। धातु के मरीज न खायें।

दिल की कमजोरी-सेब का मुरब्बा 50 ग्राम चांदी के दो वर्क लगाकर सुबह के वक्त सेवन करें। दिल की कमजोरी, दिल का बैठना ठीक करेगा। 15 दिन तक खायें।

  

 

नुस्खा तेल- 10 ग्राम लौंग, 60 ग्राम चमेली के तेल में आग पर जलाकर कपड़े में छानकर शीशी में रख लें। रात को थोड़ा तेल इन्द्री पर लगाकर 2 मिनट मालिश करें, खराब नसें ठीक होकर खूब सख्ती आ जाएगी। 

केले से करें उपचार-

आंतों के मर्ज के लिए - दो केले 150 ग्राम दही के साथ कुछ दिन खाने से दस्त, पैचिश संग्रहणी को फायदा करता है।

मॅंह के छालों के लिए- जबान पर छाले पड़ने पर साथ के दूध की दही के साथ केला कुछ दिन इस्तेमाल करें, फायदा करेगा।

नकसीर- एक पका हुआ केला शक्कर, मिला के दूध के साथ आठ दिन खांए। 
बबासीर के लिए - एक पका हुआ केला शक्कर मिला हुआ दूध के साथ 8-10 दिन खायें।

मोटा होना- दो पके केले खाकर उपर से 250 मि.ग्रा., दूध प्रतिदिन 2 माह तक पियें। मोटे हो जायेगें। यदि अफारा करे तो न खायें।

दमा, सांस एवं खांसी के लिए- केले के छिलके को सुखाकर जलाइये (उपलों में) फिर बारीक पीसकर एक शीशी में रख लें। दमा, सांस, खांसी में 3 ग्राम की मात्रा में रात को सोते समय गुनगुने पानी से पंद्रह दिन तक खिलाएं। चावल का परहेज करें।

जामुन से करें उपचार-

पेशाब का बार-बार आना- जामुन की गुठली बारीक करके चार-चार ग्राम सुबह-शाम 100 ग्राम ताजे पानी से लें। 20 दिन खायें। खूनी दस्त को बहुत फायदा करता है।

माहवारी के लिए- जामुन की हरी ताजा छाल 20 ग्राम पानी में रगड़ छानकर सुबह-शाम पिलाने से माहवारी का खून ज्यादा आने की कम करने में मदद करता है।

ल्र्युकोरिया- जामुन की हरी ताजी छाल छाया में सुखा कर बारीक करके 4-4 औरतों के प्रदर रोग को फायदा करता है। 

छालों के लिए- जामुन की हरी छाल बारीक करके मंजन की तरह मलना दांतों की बीमारियों के लिए बहुत लाभदायक होता है।

खुनी दस्त- जामुन की गुठली बारीक पीस करके 4-4 ग्राम सुबह-शाम एक कम ताजे पानी से लें। बीस दिन तक खायें । खूनी दस्तों में बहुत फायदा करता है।

धातबंद- जिनका मसाना कमजोर हो और स्वप्नदोष को शिकायत हो, जामुन की गुठलियों को बारीक कूट-छानकर चूर्ण बना लें। तीन ग्राम की मात्रा में शाम को ताजे पानी के साथ तीस दिन तक खायें। गुड़, तेल, खटाई, मिर्च का परहेज करें।

गले के लिए- जामुन की गुठलियों को बारीक पीसकर शहद में मिलाकर बेर के बराबर की गोलियां बनायें। मुंह में डालकर चूसते रहें। बन्द गला ठीक होगा, आवाज का भारीपन ठीक होगा।

शुगर- जामुन की गुठली और छाल को सुखाकर कूट-छानकर चूर्ण बना लें। 6-6 ग्राम की मात्रा में सुबह -शाम ताजे पानी से लेने रहें। 30 दिन तक प्रयोग करने से शुगर की बीमारी में लाभ होगा।

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