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दीवाली में सेहत भी दुरुस्त रखें

ममता अग्रवाल जिंदल

12th October 2015

दीवाली का नाम आते ही रंग-बिरंगी मिठाइयां और स्वादिष्ट पकवानों के खयाल आने लगते हैं।

हैल्दी खाएं और खिलाएं

दीवाली का दिन मुंह मीठा करने और सभी का मुंह मीठा करवाने का दिन होता है इसलिये बाजार में दुकानें तरह-तरह की मिठाइयों और पकवानों से सज जाती हैं। सभी अपनी मनपसंद मिठाइयां और खाने की चीजें खरीदकर घर लाते हैं। यही मिठाइयां हम खुद भी खाते हैं और घर पर आने वाले मेहमानों को भी खिलाते हैं। लेकिन बाजार से खरीदकर खायी गई ये मिठाइयां हमारी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। क्योंकि दीवाली पर मांग ज्यादा होने पर बाजार में नकली खोये से बनी मिठाइयां और खाने के सामान खूब बिकते हैं जिन्हें खाने पर सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इस दीवाली बाजार से मिठाइयां ना खरीदकर घर पर ही कुछ मीठा बनाकर खाया और खिलाया जाये। आप इस बार घर पर मीठे में बेसन के लड्डू, नारियल की बर्फी, खीर, शक्करपारे या हनी रोस्टेड आलमंड जैसी चीजें बना सकती हैं ऐसा करने से मिलावटी खाने का डर भी नहीं रहेगा और सेहत भी दुरुस्त रहेगी।

दान करें, सोसायटी को लौटाएं
दीवाली का नाम आते ही मिठाइयां, नये कपड़े और पटाखे दिमाग में आते हैं। हम अपने घर को पेंट करवाने, महंगे गिफ्ट्स, सजावटी सामान व क्रोकरी खरीदने पर बहुत सारा पैसा खर्च करते हैं। लेकिन हमारी सोसायटी में बहुत से ऐसे गरीब, बेसहारा लोग और अनाथ बच्चे हैं जो त्योहार पर यह सब कुछ नहीं कर सकते हैं। क्यों ना इस बार दीवाली पर हम ऐसे लोगों की मदद करें। दीवाली पर हम घर की साफ-सफाई कर बहुत सारा सामान बाहर फेंक देतेहैं। यह सभी सामान किसी दूसरे के इस्तेमाल में आ सकता है। हम उन्हें अपने पुराने कपड़े, जूते, पुराना फर्नीचर व किताबें दान कर सकते हैं। उदारता भरा हमारा यह कार्य हमें शांति देगा और खुशियों में भी इजाफा कर देगा। थोड़ा सा समय अनाथ बच्चों के संग बिताएं और देखें उनकी चेहरे की खुशी जो आपने कभी किसी के चेहरे पर आज तक नहीं देखी होगी।