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बच्चे के लिए चुनें सही बेबी केयर प्रोडक्ट

अर्पणारितेश यादव

20th May 2016

अगर आप अपने बच्चे की सेहत का ख्याल रखना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप ऐसे बेबी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें, जो उनकी त्वचा की कोमलता बरकरार रखे।

बच्चे के लिए चुनें सही बेबी केयर प्रोडक्ट

 

माता-पिता अपने बच्चे के लिए हर तरह की सुविधाएं जुटाना चाहते हैं लेकिन उसके लिए सही उत्पाद यानी बेबी प्रोडक्ट्स खरीदने के मामले में वे दुविधा में पड़ जाते हैं। बाजार अनेक किस्म के बेबी प्रोडक्ट्स से भरे पड़े हैं और उनमें से सही प्रोडक्ट्स का चयन करना मुश्किल भरा होता है। आकर्षक रंगों, डिजाइनों को देखकर माता-पिता बेबी प्रोडक्ट्स में कुछ महत्वपूर्ण कारकों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बच्चे के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं। इसलिए बेबी प्रोडक्ट्स खरीदते समय उसकी कीमत की बजाय उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और बेबी प्रोडक्ट्स की ठीक प्रकार से खोजबीन करनी चाहिए, फिर चाहे वे प्रोडक्ट स्किन केयर प्रोडक्ट हों, कपड़े हों या खिलौने हों। बच्चे के लिए प्रोडक्ट्स का चयन करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

कैसे करें चयन?
बच्चे के विकास के विभिन्न चरणों में बाथिंग किट, टॉयलेट के सामान, फीडिंग बॉउल और खिलौने जैसे बेबी प्रोडक्ट्स की जरूरत पड़ती है। इसलिए इन चीजों को खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान विशेष रूप से रखें-

  • बेबी बाथ स्पंज का चयन करते समय, कॉटन से बने स्पंज या पूरी तरह से कॉटन टॉवल का चयन करें। पहले से इस्तेमाल किये गये बाथ टॉवल या कई फैब्रिक्स से बने स्पंज का इस्तेमाल न करें क्योंकि नवजात शिशु की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है और जरा सी लापरवाही से उस पर रैशेज होने की आशंका होती है। 
  • आप अपने कोमल हाथों से बच्चे को स्नान करा सकती हैं। डायपर में आप बायो-डिग्रेडेबल डायपर का ही इस्तेमाल करें। इसमें सोखने की अधिक क्षमता होती है और यह त्वचा को कोमल बनाए रखता है। यह शरीर के निचले हिस्से को सूखा रखता है। डायपर के कारण होने वाले रैशेज की रोकथाम करता है।
  • बच्चे के शरीर में हानिकारक रसायन के प्रवेश को रोकने के लिए बेबी बाथ सीट, बाथ टब, चूइंग सूदर्स और सॉफ्ट खिलौनों का मटीरियल और रंग नॉन-टॉक्सिक होना आवश्यक है। बेबी प्रोडक्ट का चयन करते समय उसमें इस्तेमाल किये गये पदार्थों पर लिखी बातों को ध्यान पूर्वक पढ़ें और पूरी जानकारी हासिल करें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्किन केयर प्रोडक्ट:-

बच्चे की यह त्वचा बहुत ही नाजुक और संवेदनशील होती है इसलिए उसे शुरूआती कुछ सालों तक अतिरिक्त सावधानी और देखभाल की जरूरत होती है। अपने बच्चे की त्वचा की देखभाल के लिए खरीदारी करते वक्त जरूरी है कि आप उस प्रोडक्ट से संबंधित जानकारियां लें, कि कौन-सा प्रोडक्ट आपके बच्चे की त्वचा के लिए कितना सही है और क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित है या नहीं।

मसाज ऑयल:-
बच्चे के लिए मसाज ऑयल का चुनाव करें तो इन बातों पर ध्यान दें-

  • चिकनाई रहित हो और आसानी से लगाया जा सके।
  • हल्का और सुरक्षित हो।
  • त्वचा की नमी को बनाए रखने में मददगार हो और क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित हो।
  • सोप त्वचा विशेषज्ञ द्वारा टैस्ट किया गया और क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित होना चाहिए।
  • ऐसे सोप से बचें जो लगते तो त्वचा पर हैं, पर उनसे आंखे जलने लगती हैं।
  • त्वचा की सही देखभाल के लिए सोप में हल्की-धीमी खुशबू होनी चाहिए।
  • त्वचा को सिर्फ पानी से साफ करने के बजाए उसे लिक्विड क्लीनजर या सोप से साफ करना ज्यादा अच्छा रहता है इससे सफाई ज्यादा होती है।
  • लिक्विड क्लीनजर या सोप अकेले पानी का इस्तेमाल करने से ज्यादा बेहतर है।

बाथिंग प्रोडक्ट:-

बड़ों के साबुन में मौजूद डिटर्जंट बच्चे की त्वचा में खुजली और संक्रमण पैदा कर सकते हैं। इसलिए बच्चे को बच्चों के लिए खास बने माइल्ड सोप से स्नान कराएं। ताकि ये बच्चे की त्वचा के संपर्क में आए तो भी उसे नुकसान ना पहुंचा पाए। सॉफ्ट चीजें बच्चों को खुश बनाए रखेंगी और स्किन रैशेज और इंफेक्शन से बचाएंगी। इसलिए यह ध्यान जरूर रखें कि बच्चों के लिए मॉर्केट में आने वाले बेबी प्रोडेक्ट अच्छी कंपनी के और अच्छी क्वालिटी के हों। बच्चों के लिए डॉक्टर द्वारा बताया गया और साबुन बहुत माइल्ड होना चाहिए और बहुत हल्का एसिडिक जैसे कि पी एच 5.5 से 7.0 से युक्त होनी चाहिए। यह बच्चे की त्वचा की ऊपरी परत पर बहुत ही हल्का प्रभाव डालते हैं।

बेबी शैंपू:-
माननीय नर्स एसोसिएशन के अनुसार शैंम्पू भी बच्चों के लिए क्लीनजर जितना ही सुरक्षित होना चाहिए ताकि उससे आंखों की कोमलता को कोई नुकसान नहीं पहुंचे।

प्रोडक्ट पैकेजिंग में जरूर देखें:-

  • उस प्रोडक्ट की प्रापर टैस्टिंग और क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित होना चाहिए।
  • गौर कीजिए केवल क्लीनिकली टेस्टेड लिखने से प्रोडक्ट की सौम्यता प्रमाणित नहीं होती। बच्चों के प्रोडक्ट पर क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित की सील अवश्य देखें।
  • पैकेजिंग पर जिन इनग्रेडिएंट का जिक्र है उनकी मार्जन ऑफ सेफ्टी लिखी होनी चाहिए कि वे कितनी मात्रा में हैं।
  • इसका पूरा फार्मूला सही तरीके से लिखा होना चाहिए।
  • प्रोडेक्ट माइक्रोबाइलोजिकली सेफ होना चाहिए।
  • जो खुशबू वाले प्रोडेक्ट हैं वे पूरी तरह से जांचे गए होने चाहिए कि उनसे त्वचा पर किसी तरह की विपरीत प्रतिक्रिया ना हो।
  • पैकेजिंग पर पैरेंटस के यूज करने की गाइडलाइन लिखी होनी चाहिए कि उन्हें वह प्रोडेक्ट किस तरह से इस्तेमाल करना है।
  • पैकेजिंग ऐसी होनी चाहिए जिस पर बाहर के दूषित वातावरण और पानी आदि का कोई प्रभाव ना पड़ें।


  

इन पर भी ध्यान दें:-

  • जो भी पोडेक्ट खरीदें उसकी एक्सपायरी डेट देख लें आखिर यह आपके बच्चे की नाजुक त्वचा का मामला है।
  • कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसे इंटरनेट आदि पर चेक कर लें उस तरह के कितने प्रोडेक्ट मार्केट में हैं।
  • दो तीन प्रोडेक्ट को आपस में तुलना करके ही अपने बच्चे के लिए सही प्रोडेक्ट चुनें।
  • आपके पड़ोसी ने बच्चे के लिए जिस कंपनी का प्रोडक्ट लिया है जरूरी नहीं कि आप भी वही लें पहले खुद देखें और तब लें।
  • अगर खरीदे हुए प्रोडक्ट को लगाने से बच्चे को कुछ भी समस्या होती है तो उसे दोबारा बच्चे को ना लगाएं बल्कि तुरंत वह प्रोडक्ट बदल लें और बच्चे के डॉक्टर से उसके लिए सही प्रोडेकट के बारे में जानकारी लें।
  • अगर कोई प्रोडक्ट खराब निकलता है तो उस दुकान पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि किसी और को इस मुसीबत से ना गुजरना पड़े।
  • जो भी लोशन बच्चे के लिए खरीदा है उसे पूरा पढ़े और उस पर लिखे निर्देशों के अनुसार ही उसे बच्चे की त्वचा पर लगों। द्य
  • बच्चे के लिए मॉश्चराइजर चुनते समय ध्यान दें-
  • यह चिपचिपा ना हो और त्वचा में आसानी से सोख लिया जाए।
  • बच्चे की त्वचा को खुश्क होने से बचाए।
  • त्वचा को कोमल व मुलायम बनाए।
  • यह त्वचा के लिए गुणकारी हो।
  • यह त्वचा को पूरे दिन नर्म और मुलायम बनाए रखे।
  • यह क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित होना चाहिए।