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इन तरीकों से घर के अंदर और बाहर पानी का बचाव करें

पूनम राव

14th October 2019

आज पूरे वर्ल्ड में पानी की समस्याएं दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन फिर भी हम इस समस्या का निवारण निकालने के बजाय, पानी की समस्या को और भी बढ़ा रहे हैं। भले हमारे घर में पानी समय से आ जाता है लेकिन जिस दिन हमारे घर पानी ना आए उस दिन हम हाहाकार मचा देते हैं। आपने कहावत जरूर सुनी होगी ‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’, इसलिए समय रहते हमें पानी का सही उपयोग करना और पानी के महत्व को दूसरों को समझाना जरूरी है। आइए जानें कैसे पानी को घर और बाहार इन टिप्स के जरिए बचाया जा सकता है:

इन तरीकों से घर के अंदर और बाहर पानी का बचाव करें
  • सर्वप्रथम अपने घरों एवं आसपास के इलाकों में टपकते नलों की मरमत कराएं।
  • पीने के लिए उतना ही  पानी लें जितना आ पी सकें। इसे व्यर्थ ना करें। हो सके तो अपने घर में  पानी पीने के लिए छोटे-छोटे ग्लास रखें ताकि आप आवश्यकतानुसार ही पानी लें या दूसरों को दें।
  • आर.ओ. या ए.सी. से निकलने वाले  पानी को बागवानी और घर में पोछा लगाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। फव्वारे या सीधे नल के नीचे बैठकर नहाने की बजाय बाल्टी और मग का प्रयोग करें।
  • हैंडपंप  का इस्तेमाल करें। इससे उतना ही पानी निकलेगा जितनी आपको चाहिए।
  • आए दिन हम लोगों के छतों पर लगी टंकियो ́ से पानी भरकर गिरने का दृश्य देखते हैं। यह दृश्य बहुत आम हो गया है। जहां  पूरा विश्व पानी के संकट से जूझ रहा है, वही ́ दूसरी ओर ऐसे ला रवाह लोगो ́ की भी कमी नही ́ है, जो धड़ल्ले से पानी बर्बाद करते हैं। इसे रोकना होगा। उन्हें जागरूक करना होगा, नहीं तो कई लीटर पानी ऐसे ही बर्बाद होते रहेंगे।
  • शेविंग करते समय नल खुला छोड ̧ने की आदत बदलें।
  • वृक्षारोपण करें। ज्यादा से ज्यादा वृक्ष होंगे तभी हमें गर्मी से राहत मिलेगी और वर्षा भी होगी अन्यथा सूखे का सामना करना पड़ सकता है।
  • नदियों, तलाबों आदि इकाइयों को प्रदूषित होने से रोकना होगा। एक समय था, जब लोग इन नदियों के जल से अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन आज हमने हानिकारक औद्योगिक कचरों को नदियों में प्रवाहित कर जल को इतना जहरीला बना दिया है कि जलीय जीव जंतुओं के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा। इसके अतिरिक्त हम नदियों में कई घरेलू अपशिष्टों को प्रवाहित कर इसे दूषित कर रहे हैं और इसका उदाहरण हमारे सामने हैं यमुना नदी के रूप में।
  • यदि हम वर्षा जल का संचयन करें तो यह जल संरक्षण के लिए मील का पत्थर सिद्घ हो सकती है और यह कोई मुश्किल कार्य भी नहीं है। हम अपने छतों पर पानी एकत्र करने के लिए हौज बनवा सकते हैं। यह पानी कपड़े धोने, बागवानी बर्तन धोने, नहाने आदि छोटे-मोटे घरेलू कार्यों के लिए तो उपयुक्त है ही साथ ही आप इसे पीने और खाना बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि सामान्यत: वर्षा का जल शुद्ध होता है।
  • घरों में (water saving device) जल को छत से निकासी करके पाईप द्वारा नीचे जमीन में भी पहुंचाया जा सकता है। इससे पानी का स्तर जो नीचे जा रहा है उसे ऊपर लाया जा सकता है।

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