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मानसून रहे खूबसूरती बरकरार

अर्पणारितेश यादव

21st November 2015

रिमझिम फुहारों का मौसम आपकी खूबसूरती को छीन ना लें, इसके लिए जरूरी है कि इस मौसम में त्वचा की खास देखभाल की जाए।

बरसात के मौसम में वातावरण में उमस एवं नमी आ जाती है। उमस के कारण बालों में जहां उलझाव के साथ-साथ कवक का संक्रमण भी हो जाता है, वहीं त्वचा पर कील-मुंहासे भी बढ़ जाते हैं। इस मौसम में सुंदर लुक पाने के लिये डॉ. शिरीषा सिंह कुछ नुस्खे बता रही हैं, जिसे अपनाकर आप अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बना सकती हैं।

तीन कदमों को न भूलें :-
त्वचा को साफ करने के लिए क्लींजिंग, टोनिंग एवं मॉयश्चराइजिंग जैसे तीन सरल कदमों को दिन में दो बार अपनाएं।

क्लींजर :- त्वचा की सफाई के लिए क्लींजर का इस्तेमाल करें। सोप फ्री पीएच न्यूट्रल क्लींजर सामान्य और शुष्क त्वचा वालों के लिए उपयुक्त है जबकि मुंहासे वाली त्वचा के लिए क्लींजर कंटेनिंग सैलिसाइलिक एसिड उपयुक्त होता है। ध्यान रखें कि क्लींजर का इस्तेमाल बार-बार न करें, क्योंकि इससे त्वचा पर मुंहासे अथवा एलर्जी हो सकती है। इसके बजाए गुनगुना अथवा ठंडा जल इस्तेमाल करें, ताकि दिन के समय आप पसीने से बच कर तरोताजा महसूस कर सकें।

टोनर : - बारिश के इस मौसम के दौरान टोनर का इस्तेमाल जरूरी होता है। सामान्य व शुष्क त्वचा वाले लोग टोनर का इस्तेमाल दिन में एक बार कर सकते हैं और वह भी केवल टी-जोन में जबकि तैलीय त्वचा वाले लोग इसका इस्तेमाल दिन में दो बार कर सकते हैं।

मॉयइश्चराइजर : - उमस भरे मौसम के कारण त्वचा तैलीय हो जाती है इसलिए एलोवेरा और विटामिन्स से युक्त हल्के मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल करें।

एसपीएफ का इस्तेमाल करें : - इस मौसम में उमस से युक्त ऊष्मा त्वचा के यूवी डैमेज का कारण बन सकती है इसलिए सनस्क्रीन का चुनाव करें। धूप में घूमते वक्त प्रत्येक 3 घंटे में सनस्क्रीन अवश्य लगाएं, क्योंकि चेहरे से पसीने को पोंछना पड़ता है, जिसके कारण सनस्क्रीन भी हट जाती है। 30 एसपीएफ के साथ एक जैल आधारित सनस्क्रीन का चयन करें तथा टचअप के लिये एसपीएफ युक्त कॉम्पैक्ट अथवा अपारदर्शी पाउडर का इस्तेमाल करें।

मृत त्वचा से बचें :- त्वचा की सतह पर उपस्थित मृत कोशिकाओं को निकालने के लिये सप्ताह में दो बार अपनी त्वचा पर स्क्रब करें, क्योंकि मृत कोशिकाएं रहने पर त्वचा खुरदुरी एवं कांतिहीन लगती है।

त्वचा को रखें नमी से मुक्त :- त्वचा में ज्यादा नमी कवक के संक्रमण का कारण बन सकता है, क्योंकि इससे कवक बढ़ कर त्वचा पर दुष्प्रभाव दिखाने लगते हैं। इसलिये त्वचा को जहां तक संभव हो नमी से मुक्त बनायें। इसका सबसे अच्छा तरीका यह है कि नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह से पोंछें और कॉटन तथा लिनेन जैसे सुराखदार कपड़े पहनें, ताकि शरीर को ताजी हवा मिलती रहे और कवक भी न पनपें। इस रुटीन को रात में अपनाया जाना जरूरी है। शरीर के आंतरिक हिस्सों, कांखों, स्तन के नीचे की सिलवटों, अंगूठों और उंगलियों के बीच विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि इन हिस्सों पर कवक संक्रमण काफी तेजी से होता है। कुछ लोगों में त्वचा संक्रमण भी काफी तेजी से होता है, जिन्हें कवकरोधी तत्वों से युक्त डस्टिंग पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिये। इससे कवक के पनपने की आशंका कम हो जाती है।

व्यायाम करें :- वैसे तो व्यायाम हमेशा ही करते रहना चाहिए पर इस मौसम में व्यायाम की ज्यादा जरूरत होती है। 45 मिनट या इससे अधिक समय का व्यायाम शरीर में अच्छे हार्मोन्स के स्राव को प्रोत्साहित करता है तथा इससे त्वचा में चमक उत्पन्न होती है।

अच्छी नींद लें :- 6 से 8 घंटे की नियमित नींद शरीर को स्वस्थ एवं तरोताजा रखने में सहायता करती है इसलिए भरपूर नींद लें।

रंगीन खाद्य पदार्थों का समावेश करें :- रंगीन फल एवं सब्जियों में एंटी ऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर को सुरक्षित रखने के लिये यूवी क्षति एवं फ्री ऑक्सीजन रैडिकल्स से लड़ते हैं। एक व्यक्ति को जहां तक संभव हो अपने आहार में विभिन्न रंगों के पौष्टिक खाद्य पदार्थों का समावेश करना चाहिये, जिससे भरपूर एंटी ऑक्सिडेंट्स प्राप्त हो।