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सर्दियों में भी त्वचा रहे बबली...

अर्पणारितेश यादव

29th December 2015

सर्दियों में अपनी त्वचा को साफ, चमकदार और मौसमी समस्याओं से मुक्त बनाए रखने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है ताकि आप खुद को व अपने परिवार को भी सर्द मौसम में होने वाली त्वचा संबंधी परेशानियों से बचा सकें।

 

मौसम के बदलते तेवरों का असर सबसे पहले आपकी त्वचा झेलती है। त्वचा में भिन्नता होने के कारण उसमें होने वाली समस्याएं भी अलग-अलग होती हैं। जैसे- ऑयली स्किन वालों को गर्मी में ज्यादा दिक्कत आती है तो ड्राई स्किन वालों को रूखी हवाओं वाला मौसम परेशान करता है। इस मौसम में बहुत ज्यादा ठंड और सूखी हवाएं त्वचा को खराब कर देती हैं। इस बारे में कॉस्मेटिक स्किन एंड होम्योक्लीनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट व होम्योफिजीशियन करुणा मल्होत्रा कहती हैं कि ठंडी हवाओं का सबसे ज्यादा असर स्किन पर पड़ता है। स्किन का फटना, होंठों का ड्राई होना व बालों की ड्राईनेस इस मौसम में आम बात है। अगर आपकी स्किन ऑयली या नार्मल है, तो ठंड का उस पर खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर ठंडी हवाओं से स्किन फट जाती है या ड्राई हो जाती है तो एहतियात बरतना बेहद जरूरी हो जाता है। इसके लिए ग्लिसरीन व मॉइश्चराइजर युक्त सोप का प्रयोग करें, नहाने के पानी में कुछ बूंदें बेबी ऑयल की डालें। यह स्किन पर प्रोटेक्टिव लेयर का काम करता है। साथ ही ज्यादा गर्म पानी से बिल्कुल न नहाएं। क्यूटिस स्किन स्टूडियो की कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट एंड लेजर सर्जन डॉ. अप्रितम गोयल कहती हैं कि सर्दियों में बुजुर्गों को रूखी त्वचा और खुजली से अधिक रू-ब-रू होना पड़ता है, इसका प्रमुख कारण उनकी मृत त्वचा कोशिकाएं हैं। सर्दी की वजह से ये लोग गर्म पानी से खूब नहाते हैं, जिससे उनकी त्वचा और भी रूखी हो जाती है और खुजली भी शुरू हो जाती है। इसे विंटर इच कहते हैं। इस मौसम में रेनाल्ड्स फिनामिना भी हो सकता है, जिसमें नसों में खून की सप्लाई पर्याप्त नहीं होती है और त्वचा नीली पड़ जाती है। इसके अलावा बदलते मौसम में फंगल इंफेक्शन की आशंका भी बढ़ जाती है। इस वजह से त्वचा का लाल होना, या खारिश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि नीचे बताई गए बातों को इस मौसम में अपनाएं और मौसम का भरपूर लुत्फ उठाएं।

मॉइश्चराइजर लगाएं त्वचा की देखभाल के नुस्खे

दिन के समय जिंक ऑक्साइड मॉइश्चराइजर लगाएं, जिसमें एसपीएफ-30 प्रोटेक्शन हो। रात के लिए विटामिन ए और दिन के लिए विटामिन सी और ई क्रीम फायदेमंद होती हैं। इस मौसम में फेस पैक में मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग बिल्कुल भी न करें, क्योंकि इससे त्वचा का तेल निकल जाता है। कोका या शी बटर दोनों ही त्वचा के लिए अच्छे हैं क्योंकि यह मॉइश्चराइजिंग एजेंटस होने के साथ-साथ सूखी त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इन्हें बॉडी लोशन, बॉडी बटर्स के साथ-साथ नाइट क्रीम्स की तरह उपयोग में लाया जा सकता है। यह त्वचा को नम बनाए रखने के साथ-साथ त्वचा को नमी के नुकसान से बचाने में भी मदद करते हैं। फिर भी यदि त्वचा बहुत ज्यादा संवेदनशील हो या मुहांसे युक्त हो तो कोका बटर के उपयोग से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं तथा त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

हाथ-पैरों को साफ रखें

सर्दियों में ठंडी हवाओं से हाथ व पैर की स्किन बेजान होने लगती है, ऐसे में इन्हें स्पेशल केयर की जरूरत होती है। आप कुछ पैक्स यूज कर अपने हाथों व पैरों को कोमल व फटने से बचा सकते हैं। पैरों की देखभाल के लिए फुटकेयर क्रीम लगाएं तथा कॉटन की नरम जुराबें पहनें। हाथों को पानी में डुबोते समय रबर के दस्तानों का प्रयोग करें। ठंड में नाखूनों की सुरक्षा के लिए उन पर बेस कोट लगाएं। नायलॉन के मोजों की जगह हमेशा कॉटन के मोजों का प्रयाग करें और गीले हो गए मोजों को बदलने में देरी न करें।

समय-समय पर पैडीक्योर जरूर करवाएं, इससे पैरों की सही प्रकार से सफाई हो जाती है। गीले पैरों को सही प्रकार से साफ करने के बाद उनके सूखने के बाद ही जूते पहनें। नंगे पांव बिल्कुल न चलें। सप्ताह में एक दिन जूतों को कुछ देर धूप में रखें, जिससे उसमें मौजूद सूक्ष्मजी या फफूंद नष्ट हो जाएं।

अलसी के तेल का उपयोग करें 

सर्दियों के मौसम में तीन महीनों तक रोजाना ओरल ईपीओ (इवनिंग प्रिमरोज आइल) 1000 मिलीग्राम के कैप्सूल लेना आरंभ करें। जो शाकाहारी हैं, वह अंदर से त्वचा को नमीयुक्त बनाए रखने के लिए अखरोट तथा अलसी के तेल का उपयोग करें।

गुनगुने पानी से नहाएं

स्किन की हाइजीन मेंटेन करने के लिए गुनगुने पानी से नहाएं। टैंक के ठंडे पानी से न नहाएं। नहाने से पहले और नहाने के तुरंत बाद मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें।

बॉडी मसाज करवाएं

अपनी त्वचा को आराम प्रदान करने के लिए एरोमा ऑयल बॉडी की मसाज सर्दियों के समय सबसे अच्छा विकल्प है। दो सप्ताह में एक बार तेल से बॉडी मसाज जरूर कराएं।

फेशियल करवाएं

महीने में एक बार फेशियल करवाएं। जिन्हें मुहांसे या त्वचा लाल होने की शिकायत है वह त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही फेशियल करवाएं।

ग्लिसरीन व पेट्रोलियम जैली लगाएं

ठंडी हवा का सबसे ज्यादा असर होंठों पर पड़ता है, नाजुक होठों के लिए आप पेट्रोलियम जैली व ग्लिसरीन यूज कर सकते हैं।

त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलें

हालांकि मुहांसे गर्मियों के दिनों में ज्यादा दिखाई देते हैं, लेकिन गलत किस्म के स्किन केयर उत्पादों के उपयोग से भी सर्दियों में कुछ किस्म के मुहांसे तेजी से बढ़ सकते हैं। इससे बचने का बेहतर तरीका अपने त्वचा रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लेना है।