GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जब बॉलीवुड के गीतों में उड़ी पतंग

अर्चना चतुर्वेदी

14th January 2016

लाल, हरी, नीली, पीली आदि रंग-बिरंगी पतंगें जब आसमान में लहराती हैं तो ऐसा लगता है मानो इन पतंगों के साथ हमारे सपने भी हकीकत की ऊँचाईयों को छू रहे हैं और हम सभी सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे की पतंगों के पेंच लड़ाते है। और बड़ी धूम-धाम से त्यौहार मनाते है.... मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है। हमारे देश में इस खास त्योहार पर पतंग उत्सव मनाया जाता है। साल के पहले महीने में इस त्योहार को उत्तर भारत के लोग बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। बॉलीवुड की ऐसी कई फिल्में हैं जिनमें पतंग पर गाने और पतंग उड़ाने वाली सीन हैं। फिल्मों में इस त्योहार को गानों के जरिए भी दिखाया गया है। इतना ही नहीं, जैसे-जैसे बॉलीवुड का दौर आगे बढ़ा पतंग सिल्वर स्क्रीन पर रंगीन होती गई। साथ ही, पतंग उड़ाने के गाने और उनके सीन और भी ज्यादा दिलचस्प और मजेदार होते चले गए।

जब बॉलीवुड के गीतों में उड़ी पतंग

 

फिल्म- दिल्लगी(1949)

फिल्म दिल्लगी की मुख्य भूमिका में सुरैया, श्याम व श्याम कुमार थे। इस फिल्म का निर्देशन अब्दुल राशिद ने किया और इस फिल्म के गाने से आज सभी को पंतग प्यारी हो गयी।

मेरी प्यारी पतंग चली बादल के संग

जरा धीरे-धीरे, हो जरा हौले-हौले

दे ढील, दे ढील, ओ री सखी

 

 

 

 

फिल्म- नागिन (1954)

फिल्‍म 'नागिन' सन 1954 में आई थी। निर्देशक थे नंदलाल जसवंतलाल। वैजयंतीमाला, प्रदीप कुमार और जीवन जैसे सितारे थे इस फिल्‍म में। इस फिल्म का गाना लता मंगेशकर और हेमंत कुमार की आवाज में आज भी पंतग और रोमांस के साथ होने का एहसास दिलाता है।

अरी छोड़ दे सजनिया, छोड़ दे पतंग मेरी छोड़ दे..

ऐसे छोड़ूँ न बलमवा, नैनवा के डोर पहले जोड़ दे...

 

 

 

फिल्म- भाभी(1957)

साल 1957 में आई फिल्म भाभी की मुख्य भूमिका में बलराज साहनी, नंदा व दक्षिण भारतीय अभिनेत्री पंधारीबाई थीं। फिल्म का निर्देशन आर. कृष्णन राजू और एस. पंजू ने किया था। इस फिल्म में एक गाने के जरिए पतंग उत्सव को दिखाया गया।

चली-चली रे पतंग मेरी चली रे, चली बादलों के पार हो के डोर पर सवार...

सारी दुनिया ये देख-देख जली रे, चली-चली रे पतंग मेरी चली रे..

 

 

 

 

अगली पेज पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें...