तन-मन की खूबसूरती के लिए 9 तरह के स्नान

अर्पणारितेश यादव

9th December 2016

स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों ही तरह से स्नान का महत्व है। भारत में नहाने को संस्कार और पवित्रता से जोड़कर भी देखा जाता है। भारत ही नहीं विश्व की दूसरी संस्कृतियों में स्नान को महत्व दिया गया है। यूनानी लोग पानी को ईश्वर का दिया उपहार मानते थे।

स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों ही तरह से स्नान का महत्व है। भारत में नहाने को संस्कार और पवित्रता से जोड़कर भी देखा जाता है। भारत ही नहीं विश्व की दूसरी संस्कृतियों में स्नान को महत्व दिया गया है। यूनानी लोग पानी को ईश्वर का दिया उपहार मानतेथे। भारत में आयुर्वेद में तमाम रोगों के उपचार हेतु अलग-अलग तरह के स्नान बताए गए हैं। गुलाब, दूध, शहद, हल्दी का उपयोग स्नान केलिए प्राचीन भारत में हमेशा से होता रहा है। शरीर में कुनकुने तेल की मालिश के बाद चंदन का पेस्ट लगा कर सुगंधित पानी से स्नान करने का वर्णन आयुर्वेद में मिलता है। वर्तमान में तमाम स्पा और हेल्थ क्लब खुल गए हैं। जिनमें तरह-तरह के बाथ उपलब्ध होते हैं, लेकिन हम चाहें तो घर पर भी आयुर्वेद में बताए तरीके से स्नान करके शरीर और मन को खूबसूरत अहसास दे सकते हैं।

मिल्क बाथ :- इसे क्लियोपेट्रा बाथ भी कहते हैं। क्योंकि क्लियोपेट्रा अपनी खूबसूरत त्वचा केलिए प्रसिद्ध थी और वो हमेशा ताजेदूध से स्नान करती थी। मिल्क बाथ से त्वचा चमकदार और स्वस्थ हो जाती है। दूध में पाया जाने वाला लैक्टिक एसिड तथा अल्फा ड्राइडोक्सी एसिड त्वचा की डेड स्किन हटाते हैं तथा धूप से टैन हुई त्वचा को भी ठीक करके खूबसूरत बनाता है। दूध से त्वचा की सफाई भी अच्छी तरह से हो जाती है। दो से चार कप दूध को नहाने के पानी में मिलाकर उस पानी में 20 मिनट तक रहें। नहाने का आनंद और खूबसूरती बढ़ानी हो तो थोड़ी-सी गुलाब की पत्तियां पानी में उबाल लें। इस पानी को भी दूध में मिला दें। थोड़ी-सी गुलाब की पत्तियां ऊपर से डाल दें। इस आरोमा बाथ के बाद आपको ताजगी और खुशबू का अहसास होगा। यह बाथ हर तरह की त्वचा के लिए उपयुक्त है। गुलाब नैचुरल टोनर का काम तो करता है। शरीर से नैचुरल  महक भी आती है। मिल्क बाथ के लिए कच्चा दूध ही प्रयोग करना चाहिए।

                                      

साल्ट बाथ :- ज्यादा थकान महसूस हो रही हो तो रिलैक्स करने के लिए साल्ट बाथ से बेहद आराम मिलता है। टब में बाथ फोम मिलाकार डेड-सी-मिनरल साल्ट (अच्छे स्टोर में उपलब्ध) मिला लें। थोड़ी -सी मनपसंद खुशबू डाल दें। कैंडल जला लें, इस बाथ से तन-मन दोनों रिलैक्स हो जाएंगें।

इंडोनशियन बाथ :- इंडोनेशियन बाथ भी त्वचा के साथ-साथ मन को भी आराम देता है। इसके लिए थोड़ा-सा बाथ फोम अच्छी क्वालिटी का लिया जा सकता है। इसमें थोड़ा-सा अरोमा आॅयल या फिर अपनी मनपसंद खुशबू वाला आॅयल मिला लें। बाथ टब के चारों और अरोमा कैंडल भी जलाकर रखने से शरीर के साथ-साथ मन को भी ताज़गी का अहसास होता है।

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