रियालटी शो को लेकर बच्चों पर न बनाएं किसी तरह का दबाव

डॉ. समीर पारिख

17th December 2016

हाल में रियलिटी टेलीविजन के बढ़ते चलन के कारण बच्चों का रियलिटी शो में प्रतिभागिता करने के लिए उत्सुकता सामान्य बात है। अभिभावक भी यह बात अच्छी तरह समझते हैं कि रियलिटी शो उनके बच्चों को प्रोत्साहित कर उनकी प्रतिभा को सामने लाने के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हो सकते हैं। बच्चे तन और मन से कोमल होते हैं। ऐसे में छोटी-छोटी बातें उनपर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए रियलिटी शो में हिस्सा लेने वाले बच्चों के साथ विशेष सावधानी रखते हुए व्यवहार करना चाहिए। आइये जानें, रियलिटी शो में हिस्सा लेने वाले बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अभिभावकों को कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए...

 

प्रतिभा के उपयोग का अवसर

 

 

यह निश्चित तौर पर हमारी बढ़ती पहुंच और समझ का नतीजा है कि हमारे पास आज ऐसे मंच उपलब्ध हैं, जहां देश भर से बच्चे आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं, पहचान बना सकते हैं और नाम भी कमा सकते हैं। ऐसे रियलिटी शो बच्चों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सीखने और अपनी प्रतिभा का भरपूर उपयोग करने का भी अवसर प्रदान करते हैं।


सपोर्ट सिस्टम बनें

 

 

 

ऐसे शो के प्रतिभागी बच्चों पर बहुत दबाव होता है। बच्चे हार का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाते और तनाव में आ जाते हैं। परिणामस्वरूप अभिभावकों को मनोचिकित्सक का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में माता-पिता बच्चों के सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करें। बच्चे को शुरू से ही ऐसी शिक्षा दें कि वे इस शो की प्रतियोगिता को ही अपने जीवन का अंतिम सत्य न मानें। बच्चों को बताएं कि उनका जीवन इस शो में हारने या जीतने पर ही नहीं टिका है, इसके अलावा भी जिंदगी में बहुत कुछ है।


सामाजिक- भावनात्मक विकास

 

 


अभिभावकों का ध्यान सिर्फ इस पर होना चाहिए कि बच्चे प्रतिस्पर्धी भावना का पूरा आनंद ले रहे हैं या नहीं। बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अहम भूमिका अदा कर सकती है क्योंकि यह बच्चों को कोशिश करना, मिल-जुलकर काम करना और अनुशासन सिखाती है। सहयोग करना ऐसा जीवन कौशल है, जिसे प्रोत्साहित करने की जरूरत है।


तुलना करना हानिकारक

 

 


प्रतियोगिता में बच्चों की एक-दूसरे से तुलना कभी न करें क्योंकि इससे बच्चा यह महसूस करने लगता है कि वह तब तक बहुत अच्छा नहीं कर सकता, जब तक वह अन्य बच्चों से आगे न निकल जाए और ऐसे में उसका उद्देश्य बेहतरीन प्रदर्शन करना नहीं बल्कि अन्य से बेहतर करने तक सीमित हो जाता है। इससे रियलिटी टेलीविजन का उद्देश्य समाप्त हो जाता है।


बचपन बचाएं

 

 


पढ़ाई की उम्र में अभिभावकों की महत्वाकांक्षा के कारण यह मासूम बच्चे अपना बचपन खो देते हैं और सफलता उन्हें छोटी सी उम्र में ही बड़ा बना देती है। ऐसे में माता-पिता को चाहिए कि उन्हें बेवजह खेलने-कूदने से रोकने के बजाय जितना समय मिले, खेलने कूदने के लिए प्रोत्साहित कर उनका बचपन बचाए रखें।


अधिक ध्यान देना ठीक नहीं

 

 

 

प्रतिस्पर्धा वह प्रमुख वजह है, जो किसी भी व्यक्ति को उत्कृष्टता और सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। लेकिन प्रतिस्पर्धा पर अगर जरूरत से अधिक ध्यान दिया जाए तो बच्चों में नकारात्मकता बढ़ती है और साथ ही बच्चे का आत्मसम्मान व आत्मविश्वास घटने की भी आशंका रहती है।


मुख्य उद्देश्य समझें

 

 

 

अभिभावक और जिम्मेदार वयस्क होने के नाते हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे इन रिएलिटी शो का मुख्य उद्देश्य- मौज-मस्ती के साथ नए कौशल सीखें। बच्चों की प्रतिभा और कौशल की प्रशंसा कर बढ़ावा देना चाहिए ताकि आगे वह और अधिक बेहतर करे। 



ये भी पढ़ें ---

पिता के प्यार में भी छुपी होती है मां जैसी ममता

बच्चे को बनाएं ग्लोबल किड

बच्चे के सवालों के जवाब क्यों ईमानदारी से देने चाहिए? 

 

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं। 

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

क्या है वॉटर...

क्या है वॉटर वेट?...

आपने कुछ खाया और खाते ही अचानक आपको महसूस होने लगा...

विजडम टीथ या...

विजडम टीथ यानी अकल...

पिछले कुछ दिनों से शिल्पा के मुंह में बहुत दर्द हो...

संपादक की पसंद

नारदजी के कि...

नारदजी के किस श्राप...

कहते हैं कि मां लक्ष्मी की पूजा करने से पैसों की कमी...

पहली बार खुद...

पहली बार खुद अपने...

मेहंदी लगाना एक कला है और इस कला को आजमाने की कोशिश...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription