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जन्म से ही करें बच्चे के लिए निवेश

मधूलिका

6th May 2016

घर में किलकारी गूंजे इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं हो सकती। पर खुशियों की यह पोटली अपने साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी लेकर आती है जिसे बखूबी निभाने के लिए भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते किया गया निवेश समझदारी होती है।

जन्म से ही करें बच्चे के लिए निवेश


आपका बच्चा बचपन में सपनों का जो महल बनाता है, उसे हकीकत में बदलने की बुनियाद उसके लिए निवेश के रूप में उसके जन्म के साथ ही रखनी शुरू कर देनी चाहिए। बच्चों की शिक्षा जरूरतों और जीवन सुरक्षा के लिए बाजार मे कई तरह के लंबी अवधि के निवेश की योजनाएं उपलब्ध हैं। इनमें जिनमे शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा से जुड़ी बीमा योजनाएं, बैंकों में निश्चित अवधि की निवेश योजनाएं, म्युचुअल फंड और सरकार की ओर से खासतौर पर लड़कियों के लिए चलाई गई योजनाएं शामिल हैं।

 

 


ध्यान रखें कुछ बातें
इन वित्तीय योजनाओं का चयन करते वक्त कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इनमें परिवार की नियमित आय, अभिभावकों की आयु, निवेश की क्षमता, निवेश का उद्देश्य, निवेश की अवधि, परिपक्वता की राशि, बदलती जरूरतें, मुद्रास्फिति की दर का आंकलन तथा निवेश से होने वाली आय पर कर की देनदारी आदि शामिल हैं। वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना जरूरी है।

 

 

 


मेच्योरिटी अमाउंट कितना हो
इन योजनाओं में निवेश की परिपक्वता पर मिलने वाला पैसा निवेशकर्ता की मौजूदा आय का दस गुना अवश्य होना चाहिए क्योंकि मुद्रास्फीति की जो स्थिति है उसके मुताबिक आज के दस हजार रुपये का मूल्य अगले दस साल में घटकर 100 रुपये रह जाएगा।

 

 

 


बच्चों के लिए बीमा योजनाएं
बाजार में बच्चों के लिए कई तरह की निवेश योजनाएं विभिन्न बीमा कंपनियां लेकर आई हैं। इनमें जीवन बीमा और निवेश दोनों की सुविधा रहती है। इसमें से कुछ में बच्चे के अभिभावकों का जीवन बीमा जुड़ा होता और राइडर वेवर की सुविधा रहती है। जबकि कुछ में अभिभावकों के जीवन बीमा के लिए कुछ प्रीमियम राशि का भुगतान अलग से करना पड़ता है। राइडर वेवर सुविधा वाली पॉलिसी में अभिभावकों की अकस्मात मृत्यु की स्थिति मे नामित को प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता। इसका भुगतान कंपनी करती है और परिपक्वता पर समूची रकम नामित को मिल जाती है।

तुलनात्मक अध्ययन
बाजार में ऐसी योजनाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में भारतीज जीवन बीमा निगम, एचडीएफसी, रेलीगेयर, बजाज आलियांज, रिलायन्स, बिड़ला सन लाइफ, डीचएफल, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई फेडरल और कोटक लाइफ प्रमुख हैं। हर कंपनी ने अपनी योजनाओं के साथ कुछ खास चीजें जोड़ रखी है। इनके तुलनात्मक अध्ययन के लिए पॉलिसी बाजार डॉट काम पर लॉग इन करें।


सिप से दीर्घकालीन निवेश
वित्तीय सलाहकार और फेथ फाइनेंशियल कंपनी के निदेशक एस.के. मित्रा का कहना है कि बच्चों के लिए दीर्घकालीन निवेश के लिहाज से एचडीएफसी चिल्ड्रन गिफ्ट प्लान एक बेहतरीन प्लान है। यह एक सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान है। इसमें यदि इसमें 4000 रुपये प्रतिमाह का निवेश 25 साल तक किया जाए तो मेच्योरिटी पर नामित को 13 प्रतिशत सालाना ब्याज के हिसाब से एक करोड़ से ज्यादा की रकम मिलेगी। अर्जित ब्याज पर आयकर से छूट भी है। लेकिन नामित 18 वर्ष की आयु के बाद ही इससे पैसा ले सकता है। इसमें मात्र 6200 रुपये के अतिरिक्त सालाना प्रीमियम पर बच्चे के अभिभावकों का 50 लाख रुपये का जीवन बीमा हो सकता है। अभिभावकों को कुछ हो गया तो ये 50 लाख रुपये बच्चे को तुरंत मिल जाएंगे। 


अन्य बेहतरीन योजनाएं
बच्चों के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम की जीवन लक्ष्य और जीवन तरुण के नाम से भी दो अच्छी योजनाएं हैं। जीवन लक्ष्य योजना में 25 वर्ष के निवेश के लिए प्रतिमाह 3600 रुपये महज 22 साल तक देने होंगे। बाकी तीन वर्ष का प्रीमियम कंपनी देगी। परिपक्वता राशि 26 लाख 75 हजार रुपये मिलेगी। इसमें अभिभावकों का जीवन बीमा समाहित है। जीवन तरुण में 24 साल के निवेश के लिए 19 साल तक 4000 मासिक प्रीमियम देना होगा। बाकी प्रीमियम कंपनी देगी। परिपक्वता पर 24 लाख 6 हजार रुपये मिलेंगे।


राशि पर आयकर छूट
जीवन बीमा की इन दोनों योजनाओं की राशि पर आयकर छूट है। बैकों में भी बच्चों के नाम से खाते खोलने की व्यवस्था है। बच्चों में बचत और निवेश की आदतें डालने के लिहाज से यह काफी लाभकारी है। जन्मदिन और तीज त्योहारों में मित्रों और परिजनों से उपहार के तौर पर मिलने वाले पैसे इन खातों में डालने की आदत बच्चों में विकसित करें। ये छोटी बचत आगे उनके लिए बड़े काम आएगी। खुद माता-पिता भी नियमित रूप से इसमें कुछ राशि जमा कर सकते हैं।


बैंकों की योजनाएं
भारतीय स्टेट बैंक ने 'पहली उड़ान, 'पहला कदम नाम से योजना शुरू की है। 'पहला कदम के तहत बैंक खाते अभिभावक और बच्चे के संयुक्त रूप से या सिर्फ बच्चे के नाम से खुल सकते हैं। इस खाते के साथ एटीएम कार्ड और चेकबुक भी जारी होती है। इन पर जमा में 4 प्रतिशत सालाना दर से ब्याज मिलता है। आईसीआईसीआई बैंक ने 'यंग स्टार और एक्सिस बैंक ने 'फ्यूचर स्टार के नाम से ऐसे खाते शुरू किए है लेकिन यह उन्हीं शाखाओं में खोले जा सकते हैं जहां बच्चों के अभिभावकों के भी खाते हैं।


सावधि जमा और रेकरिंग डिपाजिट
बच्चों के नाम से बैंक की सावधि जमा और रेकरिंग डिपाजिट खातों में भी निवेश किया जा सकता है। इन पर मासिक, तिमाही या साल में एक बार जैसा चाहे ब्याज की रकम निकालने की सुविधा रहती है। सावधि जमा सुरक्षित निवेश है हालांकि इस पर ब्याज दर 7 या 8 प्रतिशत के करीब ही है। सालाना दस हजार से ज्यादा ब्याज पर आयकर भी देय है। निम्न और मध्यम आयवर्ग के लोगों के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है।

 

बेहतरीन विकल्प 'पीपीएफ
लोक भविष्य निधि 'पीपीएफ बच्चों के वास्ते लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतरीन विकल्पों में से एक है। यह खाता 15 साल के लॉक इन पीरियड के साथ ही खुलता है। जमा पर 8.75 प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलता है। यदि सालाना एक लाख रुपये का निवेश किया गया तो 15 साल बाद 31 लाख 30 हजार रुपये मिलेंगे जिस पर कोई आयकर भी नहीं चुकाना होगा।


राष्ट्रीय बचत योजना
दूसरी डाकघर की लघु बचत योजना- राष्ट्रीय बचत योजना है। इसमें 500 से लेकर 10,000 रुपये मूल्य के सर्टिफिकेट खरीदे जा सकते हैं। परिपक्वता अवधि पांच वर्ष है। इसमें 1,50,000 रुपये तक के निवेश पर आयकर से छूट है लेकिन इससे अधिक के निवेश पर यह छूट नहीं मिलती। यदि एक लाख का निवेश है तो पांच साल बाद इस पर करीब 77 हजार का ब्याज मिलेगा, इस ब्याज पर आयकर देय नहीं है।


बाजार में इसके अलावा भी कई योजनाएं है। किस योजना में निवेश करना है इसका चयन अपनी आमदनी देख कर करें। निवेश एक समझदारी भरा कदम होता है, इसे बोझ न बनने दें। ऐसा कुछ न करें जिससे भविष्य संवारने के चक्कर में वर्तमान की तस्वीर बिगड़ जाए। निवेश के विकल्प हमेशा खुले हैं। जब हाथों मे पैसा हो, निवेश किया जा सकता है। हर काम में संयम और संतुलन होना चाहिए।