इन छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखकर आप बेबी को रख सकते हैं हर इन्फेक्शन से सेफ

विजया मिश्रा

5th June 2018

अपने नन्हे मासूम की सुरक्षा के लिए मां बाप क्या कुछ नहीं करते, लेकिन फिर भी कई बार छोटी-छोटी सी बातें ध्यान ना देने पर बड़ी परेशानी का कारण बन जाती हैं। ऐसे में कैसे करें बच्चों की सुरक्षा आइए आपको बताते हैं।

नवजात बच्चों का सही तरह से लालन पालन माता-पिता की पूरी जिम्मेदारी होती है। माता-पिता प्यार के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी चाहते हैं और इसके लिए एड़ी चोटी का दम लगाते हैं। बावजूद इसके बच्चे अक्सर बीमार हो जाते हैं। आपको बताते हैं कि आखिर अपने मासूम की कैसे करें सुरक्षा ताकि वो हंसते रहें, खिलखिलाते रहें और रहें स्वस्थ और निरोगी।


1. स्वच्छता का रखें ध्यान
नवजात बच्चों की सबसे अधिक सुरक्षा उनकी सफाई में है। इसलिए शिशु को रोज स्नान कराना चाहिए। बच्चों के स्नान के लिए पानी हल्का गुनगुना हो। नवजात बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए कपड़े एवं बिछावन आदि नियमित तौर पर साफ किए जाने चाहिए। 


2. ताकि बच्चे को आए अच्छी नींद
बच्चों को अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अक्सर माता-पिता अपने शिशु को हाथों में लेकर झुलाया करते हैं ताकि उन्हें अच्छी नींद आए लेकिन यह ठीक नहीं। उन्हें आरामदायक बिस्तर दें और अगर उन्हें अपने हाथों में सुला रहें हों तो बहुत सावधानी रखें।


3. कितने घंटे की नींद है पर्याप्त
अपने शुरूआती दिनों में बच्चे लगभग 16 से 17 घंटे सोते हैं, इसे वो 3 या 4 घंटे की 4 या 5 नींद से पूरा करते हैं। कई बच्चे दिन में सोते हैं तो कई सिर्फ रात में। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, नींद कम होती जाती है।  सोते समय बच्चे के मुंह को कपड़ों से न ढ़कें। इससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

 

4. खिलौने से भी रहें सावधान
भई माना कि बच्चों को बहलाने के लिए खिलौने अहम भूमिका निभाते हैं लेकिन ध्यान रहे, खेलते-खेलते बच्चे खिलौने के छोटे पाट्र्स अथवा रंग-बिरंगी चीजों को मुंह में डाल सकते हैं। 3 साल तक के बच्चे ऐसा करते हैं और गले में कुछ फंसना उनके लिए बड़ा खतरा होता है। बच्चों को खिलौनों से चोट भी लग जाती है। बटन और बैटरी ऐसी खतरनाक चीजें हैं जिन्हें अक्सर बच्चे निगल जाया करते हैं। पेट के अंदर जाकर या गले में फंसकर बहुत नुकसान कर सकती है। बच्चों को दिए जाने वाले खिलौने को लेकर निम्न सावधानियां बरती जा सकती हैं।

5. कैसे हों बच्चों के खिलौने
बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार खिलौने दें। तेज आवाज वाले खिलौनों से बच्चों की सुनने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। खिलौने बैटरी से चलने वाले होने चाहिए। टूटे-फूटे खिलौने से बच्चों को नहीं खेलने दें। स्टफ खिलौनों को समय-समय पर उबले पानी से या धोकर साफ करते रहिए। 

6. मुंह की साफ सफाई
बच्चे के मुंह की सफाई का ध्यान रखें। हर सुबह उसकी जीभ को साफ मलमल के कपड़े को गुनगुने पानी में डुबोकर, उसे अपनी उंगली में लगाकर हल्के हाथों में सफाई करें। दूध पिलाने के बाद भी आप यह सफाई करें और अगर बच्चे को उल्टी आ गई हो तो भी खासतौर पर अच्छी तरह सफाई करें। 
7. सूर्य से भी करें सुरक्षा
बच्चे को चिलचिलाती धूप से बचाकर रखें। अगर बच्चे के साथ कहीं जाना है तो आप उसके सिर को टोपी से ढकें। बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक होती है, ऐसे में सर्दी के मौसम में भी बच्चे को ज्यादा देर तक धूप में ना रखें। मालिश के बाद सुबह 10 से 15 मिनट तक धूप का सेवन करवाएं।


8. नैपी से हो सकता है नुकसान
ध्यान रहे नैपी या डायपर को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाना चाहिए। दवाओं के रिएक्शन या गीलेपन और इन्फेक्शन के कारण भी बच्चे परेशान होते हैं। इस अवस्था से बचने के लिए नरम सूती कपड़ों के लंगोट को ढ़ीला करके पहनाएं। बच्चे के लिए उसके साइज से बड़े और ढीले डायपर का उपयोग करना चाहिए। 

 

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