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पानी से निखारें अपनी खूबसूरती, जानिए कैसे

गृहलक्ष्मी टीम

11th May 2016

पानी से निखारें अपनी खूबसूरती, जानिए कैसे

 

जी हां रहिम जी ने कहा था कि रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सूना अब तक हम ये ही जानते हैं कि पानी बस पीने के काम ही आता है परन्तु क्या आप जानते हैं कि वाटर थैरेपी से ब्यूटी को बूस्ट करते हैं कुछ इस तरह से।

 

सुपर हाइड्रेयर

ब्यूटी एक्सपर्ट अल्पना रतेजा का कहना है कि ये एक ऐसा ट्रीटमेंट है, जिसके द्वारा त्वचा के रूखेपन को दूर करके उसे माॅइश्चराइज किया जाता है। इसमें मशीन के जरिये फुल प्रेशर से पानी फेंका जाता है। इस प्रक्रिया में स्किन के उपर खोई हुई स्किन के मुलायम टेक्चर को वापस लाने के लिए तीन सीटिंग लगती है। हर सिटिंग में एक घंटे का समय लगता है।

बालों की डीप कंडीशिनिंग

बालों को सुंदर, मजबूत, काले, चमकदार व घने बनाए रखने के लिए बालों की डीप कंडीशिनिंग की जाती है। इसमें बालों को रिलैक्स करने के लिए वाटर स्पा थेरेपी देते हैं। इसके लिए वाटर स्टीम का यूज करते हैं। अर्थात् बालों को अच्छी तरह से मसाज करके शैम्पू किया जाता है। फिर 30-40 मिनट तक शावर के नीचे खड़े होकर बालों पर पानी डाला जाता है। पानी के लिए इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि पानी खारा, अमोनिया युक्त व गंदा ना हो। ताकि बालों पर उसका गलत असर ना पड़े।

 

स्वीमिंग

पानी में स्वीमिंग करने पर पूरी बाॅडी की एक्सरसाइज होती है। इसके साथ ही स्वीमिंग करते वक्त पानी के हाइड्रोस्टेटिक इफेक्ट के कारण मसाज जैसी फीलिंग आती है, जिससे ब्लड सुर्कलेशन बढ़ता है। मसल्स मजबूत होती हैं, लचीली होती है व चेहरे पर ग्लो आता है।

बाॅडी की डीप कंडीशनिंग

पूरी बाॅडी को साफ, मुलायम, चमकदार जवां बनाए रखने के लिए डीप कंडीशनिंग की जाती है। इसमें पूरी बाॅडी पर स्क्रब लगाकर फुल मसाज की जाती है। फिर किसी अच्छे बाॅडी सोप से बाॅडी साफ करके धोई जाती है। इसके बाद फिर 30-40 मिनट तक शावर के नीचे खड़े होकर बाॅडी पर पानी की बौछारें छोड़ी जाती हैं। पानी के लिए इस बात का पूरा ध्यान रखें कि पानी साफ व शुद्ध हो।

स्टीम एंड स्लीपिंग बाथ

अगर शरीर में थकावट व दर्द की शिकायत है, तो उसे दूर करने के लिए स्टीम व स्लीपिंग बाथ दी जाती है। इस तकनीक में पीड़ित को एक बाथ टब में लिटाकर उपर से हाॅट शावर चलाया जाता है। साथ ही बाथरूम में चारों ओर से स्टीम छोड़ी जाती है। इस तरह का बाथ लेने से शरीर की जकड़न, दर्द व बैचेनी पूरी तरह से दूर हो जाती है व भरपूर राहत भी मिलती है। साथ-साथ गर्म पानी व स्टीम के संपर्क में आने से स्किन के पोर्स भी खुलते हैं, जिससे डेड स्किन निकलती है व त्वचा मुलायम भी होती है।

 

शावर बाथ

अगर शरीर पर जमने वाली अनावश्यक चर्बी को कम करना है, तो भी उसके लिए पानी एक अनमोल तोहफा है। प्रियंका सोठारी के अनुसार शावर बाथ में पहले पूरी बाॅडी पर चिकनी मिट्टी की तीन पर्तें लगाई जाती है। फिर उस मिट्टी के पूरी तरह सूख जाने पर उस व्यक्ति के ज्वाॅइन्ट्स रिलैक्स हो जाते हैं, ब्लड सर्कुलेशन नाॅर्मल होता है जिसमें बाॅडी के ज्वाॅइन्ट्स में जमी अनावश्यक चर्बी घुलने लगती है। इससे फैट कम हो जाता है। सबसे बड़ी बात ये है कि शावर बाथ विधि काफी सस्ती, सरल व प्रभावी होती है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

पैरों के लिए फुटबाथ

पैरों की खूबसूरती को कायम रखने, उनको मुलायम बनाने, नाखूनों को फंगल इन्फेक्शन से बचाने व एड़ियों को फटने से बचाने रखने के लिए पैरों को फुटबाथ दिया जाता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक मशीन के अंदर नमकीन पानी, अमोनिया, शैम्पू डालकर उसमें पैरों को रखकर हल्का सा करंट दिया जाता है। इससे न केवल पैरों की गंदगी साफ होती है बल्कि पैरों की डेड स्किन भी बाहर आ जाती है। ये पैरों के तलवों में वाटर बैलेन्स करके एड़ी की स्किन को नर्म, मुलायम व चमकदार बनाते हैं।

एक्वा रेडियंस

स्किन स्पेशलिस्ट डाॅ. अभिषेक शर्मा का कहना है कि इस जेट स्प्रे टेक्नोलाॅजी के जरिये सुपर हाई स्पीड से पानी में विटामिन मिनरल मिलाकर स्किन में डाला जाता है। पानी एक बराबर स्पीड पर पड़े निशान तो दूर होते ही हैं साथ ही हाॅर्मोनल इम्बेलेंस व टेंशन भी दूर होती है और चेहरे व पूरी बाॅडी की स्किन दमकने लगती है। एक्वा रेडियंस एक महंगी परन्तु कारगर तकनीक है।

 

(साभार - शशिकांत सदैव, साधना पथ)

 

 

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