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स्किन ब्लीचिंग के साइड इफेक्ट

पूजा पाल जैन

31st May 2017

आप गोरी रंगत पाने के लिए अगर चेहरे पर ब्लीच का इस्तेमाल करती हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाएं, क्योंकि चंद मिनट में गोरा बनाने वाली यह ब्लीच आपकी त्वचा के लिए नुकसानदायक है।

आजकल कम वक्त में गोरा रंग, इंस्टेंट ग्लो व कोमल त्वचा प्रदान करने वाले ब्यूटी प्रसाधनों ने महिलाओं को अपने उत्पादों से कुछ इस तरह जकड़ लिया है जिससे उनका निकल पाना नामुमकिन सा लगता है। ब्यूटी प्रसाधनों के जाल में वो इस तरह फंस चुकी हैं कि वो विज्ञापन में दिखाई गई महिला की तरह झटपट सुंदर दिखना चाहती हैं, पर क्या कभी आपने इन दावों की सच्चाई को टटोलना चाहा है? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि ब्लीच युक्त प्रोडक्ट का असर किस तरह से त्वचा के लिए नुकसानदायक है। ब्लीच युक्त प्रोडक्ट्स का असर त्वचा के बदरंग होने या धब्बे व निशान पडऩे तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारे किडनी, फेफड़ों के साथ हृदय पर भी जबरदस्त कुठाराघात करते हैं। यहां यह समझ लेना बेहतर होगा कि ऐसा प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स के कारण है। आइये जानते हैं ब्लीच के कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में-

एलर्जी :- ब्लीच चेहरे की हो या शरीर की, फायदे के साथ नुकसान एक से हैं। ब्लीचिंग से त्वचा में दर्द, उसका छिल जाना, लाल रंग के चकते व सूजन जैसी समस्याएं आमतौर पर रिएक्शन के रूप में देखने को मिलती है। सिलिकॉन रसायन का इस्तेमाल क्रीम को मुलायम बनाने के लिए किया जाता है। इससे अकसर एलर्जी हो जाती है।  पड़ता है किडनी पर भी असर ब्लीच में मरकरी नामक तत्व होता है जिससे जहर फैलता है और यह धीरे-धीरे शरीर की कोशिकाओं पर जमकर लिवर या किडनी पर बुरा असर डालता है।

आंखों में लालिमा :- दरअसल ब्लीचिंग में अपनी एक अलग सी महक होती है, जिसको दूर करने के लिए खुशबू का इस्तेमाल किया जाता है। आपने कभी ध्यान दिया हो तो ब्लीचिंग का प्रयोग करते समय धुंआ सा निकलता है, जो आंखों के पास पहुंचते ही जलन पैदा करता है। नतीजा, आंखों में सूजन और लालिमा आ जाती है।         

                                                                                                                                                                                                                                   

 

बदरंग त्वचा :- हाइड्रोक्विनोन नामक तत्व एक अच्छा ब्लीचिंग एजेंट माना जाता है और इसका नियमित और अधिक मात्रा में इस्तेमाल त्वचा को बदरंग कर सकता है। त्वचा पर समय से पहले आता है बुढ़ापा त्वचा को गोरा व चमकदार बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में ग्लायकोलिक एसिड, रेटिनॉल और बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड होते हैं। ये त्वचा की प्राकृतिक रूप से अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से लडऩे की क्षमता पर असर डालते हैं और त्वचा जल्दी बुढ़ाने लगती है और चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां आनी शुरू हो जाती हैं।

रूखी व पतली त्वचा :- त्वचा को टोन बनाने वाले उत्पादों के अधिक इस्तेमाल के चलते इसमें मौजूद ट्रेटिनॉएन से त्वचा पर लाल निशान पड़ जाते हैं। साथ ही त्वचा पतली व रूखी हो जाती है। ब्लीचिंग के बाद अकसर त्वचा लाल हो जाती है। ब्लीच में मौजूद केमिकल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। ब्लीचिंग से चेहरे पर बाल तेजी से बढ़ने लगते हैं। 

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