GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

रमज़ान के बेहतरीन ज़ायके का मज़ेदार सफर

शेफ हरपाल सोखी

29th June 2016

रमजान एक ऐसा पावन अवसर है जो इस्लाम के कैलेंडर के अनुसार नौवें महीने में आता है और यह त्यौहार दुनियाभर में मुसलमानों द्वारा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। सुबह सूरज उगने से लेकर सूरज ढलने तक सभी मुसलमान ना ही कुछ खाते हैं और ना ही कुछ पीते हैं। खाना और पानी दोनों ही सूरज ढलने और दुबारा उगने से पहले खाया जाता है। सूरज उगने से पहले खाया जाने वाला भोजन सहरी कहलाता है और सूरज ढलने के बाद खाया जाने वाला भोजन इफ्तार कहलाता है। रमदान के समय मुसलमान बहुत पूजा और दान देते हैं। यह एक ऐसा महीना भी है जब ये लोग अपने अंदर आत्म अनुशासन भी बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

रमज़ान के बेहतरीन ज़ायके का मज़ेदार सफर


सहरी दिन के शुरू होने से पहले खाया जाता है तो यह भोजन अक्सर बहुत हैवी किया जाता है।सहरी दिन के शुरू होते ही खत्म हो जाता है और इसके साथ साथ दिन की शुरुआत फजर, सुबह की पूजा के साथ की जाती है। दिन के अंत में मखरीब पूजा की जाती है और पहले दिन का व्रत इफ्तार भोजन से तोड़ा जाता है।  बहुत से मुसलमान इफ्तार भोजन शुरू करने से पहले खजूर भी खाते हैं। 

मुसलमान अगले दिन के सहरी की शुरुआत से पहले पूरे समय कुछ भी खा और पी सकते हैं। सहर और इफ्तार दोनों भोजन में ताजे फल, सब्जियों, हलाल मांस, ब्रेड, चीज, और मिठाई होती हैं। रमज़ान के समय आपको बहुत सी जगहें लाइटों से सजी मिल जाएंगी और बहुत सी दुकानों पर बेहद स्वादिष्ट मिठाइयां व खाने पीने की चीज़ें मिलेंगी जिसे देखकर आपका मन ललचा जाएगा। मुंबई में स्थित मोहोमद अली रोड, रमदान के समय में यह रोड बहुत सुंदर सजी होती है और यहां फलूदा, फिरनी, कबाब, जलेबी, निहारी, चाट, मालपुआ, पाया, हलीमी इत्यादि जैसी चीज़े इस रोड पर बहुत अधिक बिकती है। लखनऊ में ऐसी बहुत सी जगहें हैं जहां इस अवसर पर जाना आपके लिए एक अच्छा अनुभव होगा। 
1. टुंडे कबाबी: यह सदी पुरानी खाने की जगह जो परिवार द्वारा शुरू की गई और आज भी उन्ही के द्वारा चलाई जा रही है, यह सभी स्थानीय लोगों और पर्यटकों का सबसे पसन्दीदा कबाब पॉइंट बन गया है। लुखनऊ के बीचों बीच स्थित टुंडे कबाबी घर पर बने मसालों से बने सबसे स्वादिष्ट कबाब देता है। गलौटी कबाब भी एक बहुत अच्छा जॉइंट है। 

2. अकबरी गेट: जिन लोगों को खतरा और वे साहसी हैं तो उनके लिए अखबरी गेट सबसे अच्छी जगह है और अपने भोजन की शुरुआत से पहले यहाँ कश्मीरी चाय पीनी चाहिए और फिर कबाब खाने चाहिए। इसके बाद हाजी साहिब की दुकान पर जाए जहां बहुत अच्छे निहारी और कुलचे मिलते हैं, और अपने दिन का अंत मक्खन मलाई के साथ करें। 

दिल्ली 

1. करीम्ज़: यहां बहुत कुछ देखने को नहीं है और इसे ढूंढना भी थोड़ा मुश्किल होगा, पर इसके बाहर लगने वाली लाइन से ही अंदाज़ा लग जाएगा की यह जगह क्यों इतनी मशहूर है। यहाँ कोमल फ्लैट ब्रेड को कबाब और पाया के साथ दिया जाता है और यहां रमज़ान में खाई जाने वाली सबसे पसन्दिदार डिश नल्ली निहारी भी मिलती है। 

2. गिआनी दी हट्टी:
 इस जगह पर दिल्ली का सबसे मशहूर रबरी-फलूदा मिलता है- गाढ़ी रब्बी को ड्राई फ्रूट्स और फलूदा के साथ दिया जाता है। 


हैदराबाद 
1. पैराडाइस: यह खाने का मशहूर जॉइंट फिर से हैदराबाद में दुबारा खुली है और यहां की बिरयानी का स्वाद बिल्कुल पहले की तरह ही है। 

2. हैदराबाद हॉउस: हैदराबाद हॉउस अपने खाने को बहुत गम्भीरता से लेता है- एक बहुत बड़ी चेफ की टीम 14 घंटों की मेहनत के बाद सबसे स्वादिष्ट हलीम बनाई जाती है। 
 
 
चलिए ये तो रही रमज़ान और उन जगहों की बात जहां आप रमज़ान का ज़ायका ले सकते हैं। अब इस खास मौके पर कुछ और ज़ायके आप सबसे साझा कर रहा हूं। 
 
 
 

 


 

 
 
 


फिरनी फलूदा 

सामग्री 
  • केसर- 2-3
  • फुल क्रीम दूध - 1 लीटर
  • बासमती चावल- 4 बड़े चम्मच
  • चीनी -  6 बड़े चम्मच
  • चमच खस का रस-2 बड़े चम्मच
  • रुह आफज़ा- 2 बड़े चम्मच
  • इलायची पाउडर- 1 छोटा चम्मच
  • बादाम
  • फलूदा नूडल्स - 1/3 कप 

विधि 
1. 10 सेकंड  के लिए केसर को पैन में रोस्ट करें। 
2.  इसमें 1 बड़ी चमच दूध की डालकर अलग रख दें। 
3.  चावल को एक घंटे के लिए पानी में भीगा दें। 
4.  चावल को अच्छे से साफ कर लें। एक कपड़े पर रखकर सुखा लें और मिक्सी में पीसकर इसका दरदरा पौडर बना लें। 
5.  इसमें 1/2 कप ठंडा दूध डालकर इसका पेस्ट बना लें और अलग रखें। 
6.  बचे हुए दूध को उबाल लें और हल्के से चावल के पेस्ट में मिलाएं। 
7.  15 मिनट के लिए धीमी आंच पर सेकें और लगातार चलाते रहें। 
8. इसमें चीनी और केसर मिला लें और कुछ मिनट के लिए गैस पर रखें। 
9.  गैस को बंद करके इसे साइड रख दें। 
10.  अब फलूदा सेव को उबाल लें और अच्छे से धोकर अलग रख लें। 
11. इसे दो हिस्सों में बाट लें। एक हिस्से को रुहअफज़ा में डालें और दूसरे हिस्से को खस के रस में डालें। 
12. एक ग्लास में फिरनी, रुहअफज़ा फ्लेवर्ड सेव और फिर से फिरनी डालें। 
13. अब खस फ्लेवर  वाली सेव डालें। 
14. इसे कटे हुए बादाम से सजाएँ और फ्रिज में ठंडा होने रख दें। 
15. फ्रिज से निकालकर ठंडा ठंडा सर्व करें। 
 

 

 
 
 
 
 
 
 

मालपुआ

सामग्री 
  • लीटर दूध -1लीटर
  • चीनी -300 ग्राम 
  • आटा -30 ग्राम 
  • घी तलने के लिए 
  • केसर 

विधि 
1.  एक पैन में दूध को बराबर चलाते हुए उबाल लें। ठंडा होने के लिए साइड में रख दें। 
2.  30 ग्राम चीनी अलग निकालने के बाद बची हुई चीनी की चाशनी बना लें। 
3. एक छोटी चम्मच गर्म दूध में केसर को घोल लें और चाशनी में मिला दें। 
4. अब बची हुई चीनी को ठंडे दूध और आटे में मिलाकर अच्छे से चला लें। 
5. इसको अच्छे से मिला लें और इसकी पोरिंग कंसीस्टेंसी बना लें और अगर ज़रूरत हो तो थोड़ा दूध और मिला लें। 
6. 3 घंटों के लिए अलग रख दें। 
7. एक नॉन स्टिक पैन में घी गर्म कर लें। 
8. पैनकेक बनाने के लिए अब थोड़ा सा बैटर गर्म घी में डाल दें। 
9.  पैनकेक के ऊपर  घी डालकर उसे पलट दें। 
10. जब दोनों साइड अच्छे से सिक जाए तो इसे केसर फ्लेवर वाली चाशनी में डाल दें। गर्मागर्म सर्व करें।
 
अगर आप सेलेब्रिटी शेफ हरपाल के ज़ायकों से और भी करीब से जानना चाहते हैं तो आप उन्हें फॉलो कर सकते हैं-