संभल कर चुनें बेबी स्किन केयर प्रोडक्ट

नीलम शुक्ला

6th May 2016

बच्चे की त्वचा का खयाल कैसे रखा जाए। कभी बच्चे को रैशेज हो जाते हैं तो कभी पाउडर लगाने से निशान पड़ जाते हैं। इस तरह की त्वचा संबंधी कई समस्याओं से आपको रोजाना दो-चार होना पड़ रहा है। इस सब समस्याओं का निदान है बेबी के लिए सही स्किन केयर प्रोडक्ट।

 

जितनी नाजुक होती है शिशु की त्वचा उतना ही खास होता है उनके लिए स्किन केयर प्रोडक्ट का चुनाव। बाजार में कई कंपनियों के बेबी स्किन केयर प्रोडक्ट मौजूद हैं। इसमें से खास अपने शिशु के लिए आप कौन सा प्रोडक्ट चुनती हैं यह आपका फैसला होता है।तो क्यों ना जान ले शिशु के लिए कौन सा और किस तरह का प्रोडक्ट है जरूरी जो बनाए रखे आपके शिशु की त्वचा को नर्म मुलायम और कोमल।


आर्मी से रिटायर्ड शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह कहते हैं कि नई मां यह समझ ही नहीं पाती कि बच्चे की त्वचा का खयाल कैसे रखा जाए। कभी बच्चे को रैशेज हो जाते हैं तो कभी पाउडर लगाने से निशान पड़ जाते हैं। इस तरह की त्वचा संबंधी कई समस्याओं से आपको रोजाना दो-चार होना पड़ रहा है। इस सब समस्याओं का निदान है बेबी के लिए सही स्किन केयर प्रोडक्ट।

कैसे हो आपके शिशु के लिए सही स्किन प्रोडक्ट चयन यह हम आपको बताते हैं।
 

बच्चों की त्वचा की सही देखभाल

बच्चों की त्वचा कोमल होती है, इसलिए उसकी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। त्वचा की देखभाल का मतलब सिर्फ चेहरे की त्वचा की देखभाल करना ही नहीं, बल्कि इसका अर्थ पूरे शरीर की त्वचा की सुरक्षा करना है। जन्म के समय शिशु की त्वचा नर्म, चिकनी और बेदाग होती है। जैसे-जैसे समय बीतता है, त्वचा को कई प्रकार के वातावरण का सामना करना पड़ता है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट हो जाती है। त्वचा का सौंदर्य क्षीण होने का मुख्य कारण है त्वचा की उपेक्षा और इसकी समुचितदेखभाल नहीं करना। इसलिए जरूरी है इनकी सही देखभाल हो।

 

खास हो ख्याल
छोटे बच्चे की त्वचा भी बिल्कुल उनके जैसी ही कोमल होती है। जब त्वचा कोमल हो तो उसे भी जरूरत होती है एक्स्ट्रा केयर की। बच्चों की त्वचा कोमल होती है,इसलिए उसकी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। बच्चों को सॉफ्ट सोप से नहलाना चाहिए। नहाने से पहले तेल मालिश करने से उनकी त्वचा नर्म और साफ रहती है। त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए हलका मॉइश्चराइजर उपयोग कर सकती हैं। बच्चों की त्वचा की सफाई के लिए क्लींजिंग, टोनिंग और
मॉइश्चराइजिंग बहुत जरूरी है। बच्चों को टोनिंग की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उनकी त्वचा उम्र के हिसाब से पहली स्टेज में होती है। लेकिन क्लींजिंग और मॉइश्चराइजिंग उनके लिए भी जरूरी है।

 

सही प्रोडक्ट का चुनाव
नवजात बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है। उनके लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स जैसे कि साबुन, शैंपू, लोशन आदि का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि वे प्रोडक्ट्स सौम्य हों और खासतौर पर उन्हीं के लिए बने हों। प्राकृतिक यानी कि नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सबसे अधिक फायदेमंद है, जैसे कि नारियल का तेल। यह बहुत हल्का होता है और बच्चे की त्वचा इसे आसानी से सोख लेती है।
तेल भी हो खास बच्चों की त्वचा की सबसे निचली परत को पूरी तरह विकसित होने में 10 साल का समय लगता है। वहीं, उनके तेल स्रावित करने वाली ग्रंथियां
भी इस उम्र में पूरी तरह से सक्रिय नहीं होती हैं।बच्चे जितने नाजुक होते हैं, उनकी त्वचा भी उतनी ही कोमल होती है। इसलिए नन्हे की त्वचा बहुत जल्द एलर्जी का शिकार हो जाती है। उनकी मालिश ऐसे तेल से करें, जो उनकी त्वचा के लिए ही बनाया गया हो या जो आपका डॉक्टर सलाह दे।

 

माइल्ड हो शैम्पू
जैसा कि आपको बताया कि नवजात बच्चों में तो क्रैडल कैप होता ही है। इसके कारण सिर की त्वचा भी सूखी सी नजर आती है। जब तेल निकालने वाली सेबेशियस ग्लैंड्स बहुत अधिक मात्रा में तेल का स्राव करती हैं तो यह पहले तैलीय पैच बन जाता है और बाद में सूख कर पपड़ी की तरह उडऩे लगता है। इसे ठीक करने का सबसे सुरक्षित तरीका है अपने बच्चे के बालों को हल्के शैम्पू से धोना। शैम्पू करने से पहले मुलायम बेबी ब्रश को उसके सिर पर फेरिए ताकि वे फ्लेक्स निकल जाएं।

   

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