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नये ब्रांड का पति

भारती राजा

29th May 2017

नये ब्रांड का पति


मेरी एक बहुत बुरी आदत थी कि मैं एक ही ब्रांड की चीजें बार-बार इस्तेमाल नहीं करती थी। मुझे हर बार दूसरे ब्रांड की वस्तु ही चाहिए। एक दिन सुबह नहाने के लिए गुसलखाने में गई तो देखा साबुन नहीं था। मैंने अपने देवर से कहा कि वह दुकान से नहाने का साबुन ला दे। उनका जनरल स्टोर है, अत: वे दुकान गए और लक्स साबुन लाकर दिया। लक्स साबुन देख कर मैंने कहा, 'मुझे लक्स साबुन नहीं चाहिए, दूसरे किसी ब्रांड का ला दें। यह सुन वे बोले, 'अरे भाभी! आप लक्स साबुन को इस्तेमाल करके देखिए, आप हीरोइन की तरह खूबसूरत हो जाएंगी। इस पर मैंने नाराज होते हुए कहा, 'नहीं, मुझे एक ही ब्रांड का नहीं चाहिए, मुझे अलग-अलग ब्रांड के बदल-बदल कर इस्तेमाल करने की आदत है।
मेरी बात सुन कर देवर मजाक करते हुए बोले, 'भाभी! भैया का ब्रांड भी तो पुराना हो गया है। उसके बदले ये नये ब्रांड का पति चलेगा क्या? उन्होंने अपनी ओर इशारा करते हुए कहा। उसकी बात सुन कर वहां खड़े सभी लोग ठहाका मार कर हंस पड़े। जब मुझे मेरी कही बात का अर्थ समझ में आया तो मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया।

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