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अब घर बैठे पौधे भी मंगवाएं ऑनलाइन

कल्पना श्रीवास्तव 

8th May 2017

 

इंटरनेट की बढ़ती उपलब्धता, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, कम्प्यूटर साक्षरता के बढ़ते ज्ञान और मोबाइल एप के  उपयोग से सरलता के चलते ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया बहुत तेजी से बढ़ रही है। आप सोचिये और गूगल कीजिये हमारे उपयोग की लगभग प्रत्येक वस्तु आज ऑनलाइन उपलब्ध है।  इलैक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कपड़े, जूते , घर का सजावटी सामान , किताबें, दवाई, मोबाइल और डी टी एच रिचार्ज, सिनेमा की टिकट,  बिल भुगतान, टैक्सी सर्विसेज, बर्थडे केक, गिफ्ट और चाकलेट बुके से फ्लावर बुके तक,  किराना, सब्जी लगभग सब कुछ एक टच या क्लिक पर निर्धारित अवधि के भीतर आपके दरवाजे पर पहुंच रहा है . इसी क्रम में अब पौधे भी आप घर बैठे मंगवा सकते हैं। 

पौधों से हमारा लगाव बहुत स्वाभाविक है। भगवान की प्रतिमा पर फूल, माला चढ़ाने की परम्परा से लेकर अतिथियों के स्वागत तक में गुलदस्ता भेंट करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन  बुके प्रेजेंट करना, फूल तोड़ने को रेखांकित करता है, साथ ही अतिथि के लिये बाद में उस भेंट की कोई उपयोगिता नही होती।

यदि यही स्वागत एक छोटा सा पौधा भेंट करके किया जाये तो उसे कहीं न कहीं रोपा जा सकता है और इस तरह हरियाली का भी विस्तार होता है जो आज अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। मै तो विगत लम्बे नब्बे के दशक से ही लेडीज क्लब के अपने आयोजनो में तुलसी या अन्य उपयोगी पौधे ही भेंट करती हूं, अब अनेक संस्थाएं स्वागत की यही परम्परा स्थापित कर रही हैं, इसलिये भी ऑनलाइन प्लांट शापिंग महत्वपूर्ण होती जा रही है। एक छोटे से पौधे में खिला हुआ स्निग्ध फूल हममें नई सकारात्मक ऊर्जा भर देता है। यही कारण है कि अब कंपनियां अपने मैनेजर्स की टेबल पर फ्लावर पाट की जगह टेबल प्लांट रखने को अधिक तरजीह दे रही हैं।जिससे पौधो की आनलाइन कारपोरेट सप्लाई का बाजार भी खुला है।

महानगरो में बहुमंजिला इमारतो में हम कैद होते जा रहे हैं पर फिर भी टेरेस पर कुछ गमले रख कर या हैंगिंग पाट लगाकर हम पौधो से निकटता बनाना चाहते हैं। तुलसी जैसा धार्मिक भावना से जुड़ा पौधा या कम रखरखाव वाले क्राटन और क्रीपर्स इस  परिस्थिति में उपयुक्त होते हैं जो अपनी विशिष्ट हरियाली से सहज ही वातावरण को सुखद बना देते हैं।

 "प्लांटले" प्लांट पोर्टल के फाउंडर  और आईआईटी वाराणसी के छात्र रोहन सिंहा बताते हें कि महानगरीय संस्कृति में लोगों के पास पैसा तो है पर समय नहीं है। साथ ही दूरियां इतनी ज्यादा हैं कि एक या दो पौधे खरीदने जाने पर आवागमन की ही लागत इतनी अधिक हो जाती है कि ऑनलाइन शापिंग ही सस्ती व सरल लगती है। दूसरी ओर एलीट वर्ग के लोग जो पर्याप्त व्यय करने की क्षमता रखते हैं, इंटीरियर डेकोरेशन के अनुरूप मंहगे विदेशी पौधे और बोनसाई चाहते हैं। जिनके पास छोटा सा किचन गार्डन सुलभ होता है वे मौसमी पौधो की मंग करते हैं। अपनी भावनाओ का इजहार करने के लिये प्रेमी प्रेमिका हृदय के आकार की पत्तियो वाले एनथूरियम रेड या गुलाब की मांग करते हैं।

वास्तु तथा लकी प्लांट्स का भी अलग ही बाजार है। चाइनीज बेम्बू हमने छोटे से कांच के जार में लगे देखे ही हैं। पौधों के बीज, बल्ब , खाद, मिट्टी, पानी डालने के व अन्य जरूरी उपकरण, सुंदर छोटे छोटे गमले आदि भी इन वेबसाइट के जरिये बिक रहे हैं। रोहन सिंहा के अनुसार पौधो की ऑनलाइन शापिंग बाजार में अप्रत्याशित संभावनाएं हैं जिनका दोहन किया जाना अभी बाकी है।ऑनलाइन पौधे खरीदने के लिए आप plantley.com, amazon.in‎‎, plantsguru.com, nurserylive.com, gardenesia.comrollingnature.com आदि वेबसाइट पर संपर्क करके सही कीमत पर उच्च गुणवत्चता के पौधे मंगवा सकते हैं। तो आप भी कोई सुंदर सा पौधा किसी प्रियजन को गिफ्ट कीजिये या खुद अपने लिये ही मंगवा लीजिये।

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