GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

अशोक चक्रधर

1st June 2017

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, कहा जाता है कि सूरत नहीं, सीरत देखनी चाहिए, आपका क्या विचार है?
आरती सिन्हा, दिल्ली
 
सूरत भी देखो
सीरत भी देखो,
कर्म भी देखो
कीरत भी देखो!
सीरत भली होगी तो
सूरत दमकाएगी,
कर्म भले होंगे तो
कीॢत बढ़ जाएगी।
कभी-कभी आता है
ऐसा भी मौका,
जब सूरत से लोग
खा जाते हैं धोखा।
तुलना में क्या धराय
समझो सूरत
निकले गोधरा!
 
अनाड़ी जी, नर और नारी की सबके बड़ी ताकत क्या होती है?
प्रियंका सिद्धू, गोरखपुर
 
नारी की
सबसे बड़ी ताकत है नर
नर की
सबसे बड़ी ताकत है नारी,
बशर्ते दोनों के पास हो
प्यार का गमला
न कि अहंकार की आरी।
 
अनाड़ी जी, डिप्रेशन में पड़े व्यक्ति को डिप्रेशन से बाहर कैसे लाऊं? कृपया अपना नुस्खा बताएं!
मधुमिता शेख, मुंबई
 
पहले डिप्रेशन के कारणों को जानिए,
फिर डिप्रेस्ड की
कपोल-कल्पनाओं को सच मानिए।
जब संतुलित लगे
तब समझाइए,
न समझे तो
स्वयं डिप्रेशन का नाटक दिखाइए।
नाटक अगर असर कर गया,
तो समझो डिप्रेशन मर गया।
वह समझ जाएगा कि
डिप्रेशन इसलिए है,
फिर भी न माने तो
डॉक्टर किसलिए है?
 
अनाड़ी जी, पतियों की हालत धोबी के कुत्ते जैसी कैसे हो जाती है?
प्रीति वर्मा, पटना
 
पत्नी अपने पति को
कुत्ते के सामने दुत्कारती है
घाट पर कपड़ों के साथ
फटकारती है।
सुनार के कुत्ते के गले में
सोने की माला है,
कुम्हार ने अपने कुत्ते के लिए
कुल्हड़ में दूध डाला है।
लुहार के कुत्ते के पास
सिकी हुई बोटी है,
हलवाई के कुत्ते के पास
मलाईदार रोटी है।
जुलाहे के कुत्ते के पास
खेलने के लिए
ढेर है कपास का,
मोची के कुत्ते के पास
जूता है आदिदास का।
इन सबके पास जुगाड़ है
एशोआराम और ठाठ का,
एक निरीह पति है
जो न घर का न घाट का।
 
अनाड़ी जी, शादी के लड्डू का स्वाद सबके लिए अलग-अलग क्यों होता है?
हरजीत सिंह, जम्मू
 
शादी के लड्डू के स्वाद लेकर
कुछ हंसते हैं कुछ रोते हैं,
क्योंकि लड्डू
अलग-अलग तरह के होते हैं।
कोई कम वेतन के बेसन का
कोई ऊपर की कमाई की मलाई का
कोई कम आमदनी की
बूंदा-बांदी की बूंदी का।
कोई गोंद के लड्डू सा क्रूर होता है,
कोई मोतीचूर जैसा मगरूर होता है।
इस मामले में नहीं
चलती कोई फरियाद,
जैसा लड्डू वैसा स्वाद।
 
अनाड़ी जी, दो लोगों में मतभेद होने पर 36 का आंकड़ा क्यों कहा जाता है? 34-35 का आंकड़ा क्यों नहीं?
श्वेता सकलानी, वडोदरा
 
36 में 3 और 6
हर संख्या ढीठ होती है,
क्योंकि दोनों की
एक-दूसरे की ओर
पीठ होती है।
34-35 में 4 और 5
3 को मना रहे हैं,
मतभेद नहीं, मोहब्बत का
माहौल बना रहे हैं।
63 का आंकड़ा है
प्रेम के हसंत-वसंत का,
मतभेदों के अंत का।