गर्भावस्था में शराब का सेवन भ्रूण के लिए ख़तरनाक

गृहलक्ष्मी टीम

31st July 2017

गर्भावस्था के दौरान शराब गर्भ में पल रहे शिशु केे लिए हानिकारक है। चाहे आप कितनी भी कम शराब पीएं, यह आपकी रक्त नलिकाओं के जरिये आपके शिशु तक पहुंचती ही है। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन न करना ही सबसे सुरक्षित है।

अगर गर्भवती महिला शराब या बीयर का सेवन करती है तो उसको  कई तरह की गंभीर परेशानियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे हालात में जन्म लेने वाले शिशुओं का आकार पूरा नहीं होता, मानसिक विक्षिप्तता पाई जाती है। इसलिए गर्भावस्था में शराब पीना,जितना जल्दी बंद करेगी, खतरा उतना ही घटेगा। 

‘‘मुझे पता नहीं था कि मैं गर्भवती हूं। मैंने अनजाने में दो बार शराब पी ली। क्या इससे शिशु को कोई नुकसान हो सकता है?''
दरअसल आमतौर पर, माँ को शुरूआत में पता ही नहीं चल पाता कि वह गर्भ से है। इस दौरान वे एक-दो ऐसे काम कर लेती हैं, जो इस बारे में पता होने पर शायद न करतीं। तभी हम यहां इन मुद्दों को उठा रहे हैं। इस बात का कोई सबूत नहीं मिलता कि गर्भ के शुरूआती समय में थोड़ी-बहुत शराब पीने से भ्रूण को नुकसान हो सकता है इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है। यह सच है कि अब आपको पीने की आदत छोड़नी होगी।

वैसे आपने उन महिलाओं के बारे में भी सुना होगा, जो पूरे नौ महीने, रात को सोते समय, एक गिलास हल्की वाइन लेने के बावजूद, स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आप भी सेफ मान सकती हैं बल्कि अमरीकन अकादमी के बाल चिकित्सकों की सलाह है कि गर्भवती माता के लिए अल्कोहल का सेवन नुकसानदायक होता है। इस सिफारिश के बावजूद आप उस शराब के बारे में सोचकर परेशान न हों, जो आपने अनजाने में पी है।आप चाहें तो अपनी डॉक्टर से पूछ कर भी निश्चिंत हो सकती हैं।

जब भी नन्हा मेहमान आने वाला हो तो स्वयं ही संभल कर रहने में क्या बुराई है?हालांकि इसकी सुरक्षित मात्रा के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन गर्भावस्था में अल्कोहल के सेवन की बात आती है तो हर महिला के हिसाब से इसकी मात्रा लेने से यह शिशु के रक्त में भी मिल सकती है। एक गर्भवती महिला कभी अकेले शराब नहीं पीती। वह हरवाइन, बीयर या कॉकटेल का गिलास अपने बच्चे के साथ पीती है। ऐसे में कौन सी संभावना हो सकती है, यह आप खुद ही अंदाजा लगा लें।

अगर गर्भवती महिला हर रोज शराब या बीयर पांच-छह पैग ले, तो कई तरह की गंभीर परेशानियां पैदा हो सकती हैं। कहते हैं कि यह हैंगओवर सारी जिंदगी बना रहता है। ऐसे हालात में जन्म लेने वाले शिशुओं का आकार पूरा नहीं होता, मानसिक विक्षिप्तता पाई जाती है। सिर, मुंह हृदय, हाथ-पैर व केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में भी खराबी हो सकती है। वे अल्पायु होते हैं। जो बच्चे बच भी जाते हैं उनके साथ कोई न कोई समस्या हमेशा बनी रहती है। वे सही तरह से फैसले नहीं ले पाते। वे खुद भी 21 साल की उम्र तक आते-आते शराब की चपेट में आ जाते हैं। गर्भावस्था में शराब पीना,जितना जल्दी रोकेंगे; खतरा उतना ही घटेगा। आपकी पीने की खुराक जितनी ज्यादा होगी, खतरा उतना ही बढ़ता जाएगा।

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