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गर्भावस्था में एनीमिया का कारण- आयरन की कमी

गृहलक्ष्मी टीम

11th September 2017

जैसे-जैसे समय बढ़ेगा तो करीब 20 सप्ताह बाद शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आयरन की आवश्यकता बढ़ेगी। वैसे अगर आप हर रोज सही तरीके से आयरन की खुराक लेती रहेंगी तो एनीमिया की शिकार नहीं होंगी।

गर्भावस्था में एनीमिया का कारण- आयरन की कमी
‘‘मेरी एक सहेली गर्भावस्था में एनीमिया से ग्रस्त हो गई थी। क्या यह सामान्य है?

आमतौर पर गर्भावस्था में आयरन की कमी से एनीमिया (खून की कमी) हो जाता है लेकिन आप इससे बच सकती हैं। डॉक्टर से पहली भेंट के बाद एनीमिया के लिए आपकी जांच हुई होगी लेकिन यह जरूरी नहीं कि उस समय आपके शरीर में आयरन की कमी रही होगी।

जैसे-जैसे समय बढ़ेगा तो करीब 20 सप्ताह बाद शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आयरन की आवश्यकता बढ़ेगी। वैसे अगर आप हर रोज सही तरीके से आयरन की खुराक लेती रहेंगी तो एनीमिया की शिकार नहीं होंगी। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर ही आपको दवा लिख देंगे। आपको आहार में आयरन युक्त पदार्थों की मात्रा भी बढ़ा देनी चाहिए। इसके साथ ही विटामिन-सी युक्त आहार लेने से भी आयरन के अवशोषण में मदद मिलेगी।

एनीमिया के लक्षण

एनीमिया से ग्रस्त मां का चेहरा पीला पड़ जाता है, वह काफी कमजोर हो जाती है, जल्दी थक जाती है, कभी-कभी बेहोशी भी होने लगती है।वैसे तो सभी डॉक्टर आयरन की गोलियाँ देते हैं लेकिन जो माएँ जल्दी-जल्दी दो-तीन शिशुओं को जन्म दे चुकी हों, उल्टियाँ बंद न होती हों,मॉर्निंग सिकनेस की वजह से कुछ खाती-पीती न हों यह ईटिंग डिसआर्डर की वजह से अल्पपोषक हों, वे एनीमिया की आसानी से शिकार हो सकती हैं। डॉक्टर की सही दवा व आहार लेने से इससे बचा जा सकता है।

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