मेरे लाल तुझ में तो कोई कमी ही नहीं

सीमा धीर

11th December 2017

मेरे लाल तुझ में तो कोई कमी ही नहीं
 
एक दिन मेरी सासू मां ने मुझे बहुत बुरा-भला कहा। शाम को पति के घर आते ही मैंने अपना सारा गुस्सा इन पर निकाल दिया। सासू मां के साथ-साथ मैंने इनका पूरा खानदान लपेट में ले लिया। इतने में मेरा बेटा खेल कर वापस आया और अपना होमवर्क मेरे पति को दिखाता हुआ बोला, 'पापा निबंध लिखना है, 'मैं और मेरी कमियां। मैं लाड से बेटे से बोली, 'मेरे लाल, तुझ में तो कमी है ही नहीं। मेरे पति यह सुन कर बोले, 'बेटे, बड़ा हो जा, शादी कर ले, फिर देख कैसे बीवी तेरी तो क्या, पूरे खानदान की कमियां गिनवाती है। यह सुन बेटा तो बेचारा निरुत्तर खड़ा रहा और मैं शर्म से लाल हो गई।
 

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