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अनुष्का शर्मा की तरह आप भी ट्राई कीजिए चंदेरी साड़ियां

जूही मिश्रा

28th March 2018

अनुष्का शर्मा की तरह आप भी ट्राई कीजिए चंदेरी साड़ियां
विराट और अनुष्का की शादी में जितना लोग इस खबर से सरप्राइज हुए थे, उतना ही उन दोनों के फैशन सेंस से इम्प्रेस भी हुए थे। एंगेजमेंट से लेकर रिसेप्शन तक अनुष्का ने जिस तरह से इंडो वेस्टर्न और रेट्रो लुक को कैरी किया था, उसकी हर कोई बात कर रहा था। उन्होंने इंगेजमेंट में वेल्वेट की साड़ी पहनी थी और रिसेप्शन में बनारसी साड़ी पहनी थी। सिल्क साड़ियों में भी अनुष्का को कई बार देखा जा चुका है। अब आजकल उनका दिल आया है चंदेरी साड़ियों पर। 
 

 

 
जी हां.. अनुष्का ने हाल ही में वरूण के साथ जाकर चंदेरी की साड़ियों की शॉपिंग की। वैसे तो दोनों अपनी फिल्म सुई—धागा की शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे थे और जब वहां उन्हें चंदेरी के बारे में पता चला तो अनुष्का खुद को रोक नहीं पाई और उन्होंने एक दो नहीं, बल्कि दर्जन भर चंदेरी की साड़ियां खरीदीं। इतना ही नहीं साथ में उन्होंने वरुण को भी ये साड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया और वरुण धवन ने भी कुछ साड़ियां खरीद लीं।
 
तो आइए जानते हैं कि क्या खास है इन चंदेरी की साड़ियों में जो अनुष्का खुद को शॉपिंग करने से रोक नही पाईं-
 
इतिहास से जुड़ी चंदेरी
पुराने समय में कपास को महीन पीसकर फिर चंदेरी के धागे तैयार किए जाते थे। मुगलकाल में इन साड़ियों को बुनने के लिए ढाका से बारीक मलमल के रेशे मंगवाए जाते थे। इस सा​ड़ी की खासियत यह है कि 5 मीटर की साड़ी एक मुठ्ठी में समा जाती है। पुराने समय में राज परिवारों की स्त्रियां केसर से निकाले गए रंग से अपनी साड़ियों के धागे रंगवाती थीं, जिन्हें पहनने के बाद उनमें से केसर की भीनी-भीनी खुशबू आती रहती थी।
 
खास होती है जरी
बारीक जरी की किनारी चंदेरी साड़ियों की खास पहचान है। इन साड़ियों की बुनाई के लिए जरी आगरा और सूरत से मंगाई जाती है। इसकी जरी में चांदी से बने धागों में सोने का पानी चढ़ा होता है। चूंकि ये साड़ियां चंदेरी गांव में तैयार होती हैं इसलिए इनका नाम ही चंदेरी पड़ गया है। जरी की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें कितनी मात्रा में असली चांदी है। असली चांदी की जरी के इस्तेमाल से साड़ी की लागत और कीमत बढ़ जाती है। इन साड़ियों में आमतौर पर केसरिया, लाल, मैरून, गुलाबी, बादामी, मोरगर्दनी और तोतापंखी रंगों का इस्तेमाल होता है।
 
अब तो आप समझ ही गए होंगे कि इतनी मेहनत से बनने वाली साड़ियों पर क्यों आया अनुष्का का दिल! अब यही आप भी अनुष्का के फैशनसेंस की फैन हैं तो अपने बार्डरोब में चंदेरी की साड़ियों के लिए जगह बना ही लीजिए।