GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

क्या आप इग्नोर करती हैं Private Parts की सफाई? तो आपको भी हो सकता है..

गीता सिंह

5th June 2018

पेशाब करते वक्त होने वाली जलन को अक्सर यह सोच कर महिलाएं इग्नोर कर देती हैं कि शायद पानी कम पीने की वजह से यह दिक्कत हो रही है, लेकिन यह अनदेखी यूरिन से संबंधित संक्रमण का रूप ले लेती है। मूत्र मार्ग का संक्रमण जिसे “यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन" के नाम से जानते हैं।

क्या आप इग्नोर करती हैं Private Parts की सफाई? तो आपको भी हो सकता है..
जारी आंकड़ों के मुताबिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, श्वसन सम्बंधी संक्रमण के बाद, ह्यूमन बॉडी में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन इंफेक्शन है। डाक्टर्स के मुताबिक "यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन" इतनी आम बीमारी है जिससे हर महिला को अपनी लाइफ में अवश्य जूझना पड़ता है। महिलाओं में 12 से 40 की उम्र के बीच यह समस्या अधिक होती है। वहीं मेनोपाज के बाद इस इंफेक्शन के होने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। 
 
जानें, क्या है यूटीआई?
 
"यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्श्न" मूत्र मार्ग में होने वाला इन्फेक्शन है। यह तब होता है जब बैक्टीरिया या फंगस हमारे पाचन तंत्र से निकल कर या फिर किसी और माध्यम से यूरिनरी ट्रैक्ट की दीवारों में चिपक जाते हैं और तेजी से बढ़ते चले जाते हैं। यदि सरल शब्दों में कहें तो यूरिनरी सिस्टम के अंग जैसे किडनी, यूरिनरी ब्लैडर और यूरेथ्रा में से कोई भी पार्ट जब संक्रमित हो जाए तो उसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्श्न कहते हैं। अगर इस इंफेक्शन को लंबे समय तक अनदेखा किया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जन्म ले सकती है।
 
कारण
 
  • बहुत देर तक यूरिन रोके रखना।
  • शौच के बाद सही तरीके से प्राइवेट पार्ट की सफाई ना करना।
  • शारीरिक संबंध बनाने के बाद प्राइवेट पार्ट की ठीक से सफाई ना  करना।
  • किडनी में स्टोन होना।
  • पीरियड्स के दिनों में साफ-सफाई ना रखना।
  • इम्यूनिटी सिस्टम का ठीक ना रहना।
 
लक्षण
 
  • लोअर ऐबडोमेन अर्थात पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • पेशाब का रंग बदला हुआ आना।
  • पेशाब में बदबू आना।
  • थकान, चक्कर व बुखार होना।
  • समस्या अधिक बढ़ जाने पर कमर में भी भयंकर दर्द होना।
  • पेशाब करते वक्त जलन होना।
 
यूटीआई से ऐसे करें बचाव
 
  • कभी भी देर तक पेशाब को ना रोकें क्योंकि इससे यूटीआई की समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती है।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, जूस इत्यादी का सेवन भी खूब करें। जिससे की शरीर के सारे टॉक्सिन्स निकल जाएं।
  • पब्लिक टाॅयलेट का प्रयोग करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें। टाॅयलेट में फ्लश जरूर करें। यदि इंग्लिश टाॅयलेट है तो सीट पर बैठने से पहले उसे टीशू पेपर से अच्छी तरह साफ कर लें।
  • शौच जाने व शरीरिक संबंध बनाने के बाद प्राइवेट पार्टस की सफाई अच्छे से करें।
  • पीरियड्स के दौरान प्राइवेट पार्टस की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही सामान्य दिनों में भी टाॅयलेट जाने के बाद वजाइना को पानी से अवश्य धोएं।
  • यूटीआई में पेट दर्द होने पर गर्म पानी की बोतल से पेट की सिकाई करें, इससे दर्द में आराम मिलता है।
  • कम्फर्टेबल और कॉटन के अंडरगार्मेंट्स पहनें।
  • विटामिन सी युक्त खाद्य-पदार्थ डाइट में शामिल करें।
  • डाक्टर के पास जाकर दवाईया लें जो भी एंटीबायोटिक का कोर्स है उसे पूरा अवश्य करें।