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मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या को न करें नजरंदाज, अपने भोजन में शामिल करें ये आहार

सुचि बंसल, योगा एक्सपर्ट एवं डाइटीशियन

18th August 2018

मांसपेशियों में ऐंठन या मसल्स क्रैम्प को अक्सर हम सभी ने कभी न कभी अनुभव किया होगा। रात को सोते वक्त अचानक से पिंडलियों में तेज मरोड़ उठती है और असहनीय दर्द होने लगता है। यह थोडी ही देर में ठीक हो जाती है, लेकिन इस दौरान होने वाली पीड़ा बहुत तेज और बर्दाश्त के बाहर होती है। ऐसा ही मसल्स क्रैम्प शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है।

ऐसा अक्सर तब होता है जब अचानक से मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। ज्यादा भार उठाने, खेलते समय, ज्यादा एक्सर्साइज़ करने या पोषण की कमी की वजह से यह समस्या हो सकती है। मांसपेशियों में ऐंठन के लिए जरूरी पोषण की कमी सबसे अहम कारण है। जैसे- कैल्शियम, पोटेशियम, इलेक्ट्रोलाइट्स और मैग्निशियम की कमी। इन पोषक तत्वों की कमी को कुछ विशेष आहार को अपनी डाइट में शामिल करके दूर किया जा सकता है -

केला

केले में कैल्शियम और पोटेशियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है। साथ ही यह मैग्निशियम का भी अच्छा स्रोत है। ये तीनों ही तत्व मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करने में मदद करते हैं और मसल्स को मजबूत बनाते हैं।

दूध और मिल्क प्रॉडक्ट

मिल्क और सभी मिल्क प्रॉडक्ट कैल्शियम और पोटेशियम की प्रचुर मात्रा रखते हैं। जो मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या में राहत पहुंचाते हैं। इसके अलावा इनमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। जो मसल्स में होने वाली टूट- फूट को रिपेयर करने में मदद करते हैं।

शकरकंद

शकरकंद में केले की तुलना में 6 गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है। इसमें कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्निशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसे खाने से मांसपेशियों के दर्द और सूजन में बहुत जल्दी राहत मिलती है।

इसके अलावा एवोकाडो, पालक, बीन्स, फलियाँ, आलू, हरी सब्जियाँ भी पोटेशियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत हैं। आप अपनी डाइट में अंडे, फिश और सोयाबीन को भी शामिल कर सकते हैं, इनमें प्रोटीन और कैल्शियम अधिकता से पाया जाता है। साथ ही कुछ और भी मुख्य बातें हैं जिनको अपनाकर आप इस भयंकर दर्द से निजात पा सकते हैं।

 खूब पानी पिएँ

शरीर में पानी की कमी से भी मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि अपने आपको हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पिएँ। दिन भर थोड़ी- थोड़ी देर में पानी पीते रहें, खासकर व्यायाम के समय। क्योंकि इस समय पसीने के रूप से शरीर से पानी की हानि होती है, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जो क्रैम्प का कारण बन सकता है।

नियमित थोड़ा व्यायाम करें 

दिन में थोड़ी देर रोजाना स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों का लचीलापन बरकरार रहता है। इससे मसल्स रिलेक्स भी होती हैं और क्रैम्प आने की संभावना कम हो जाती है। साथ ही पूरे शरीर में रक्त का संचार भी सही बना रहता है।

मालिश करें

अगर आपको किसी हिस्से में बार- बार क्रैम्प आता हो तो नियमित उस भाग की मालिश करें। इससे उस अंग में रक्त का संचार सही होता है और मसल्स को ताकत मिलती है। उस भाग पर गरम ठंडी सेक भी दे सकते हैं।

 

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