GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जानें क्यों मनाया जाता है 8 मार्च को ही वीमेंस डे 

शिखा पटेल

7th March 2019

8 मार्च का दिन महिलाओं के सम्मान और उससे जुड़े तमाम विषयों के प्रति समर्पित किया गया है।

जानें क्यों मनाया जाता है 8 मार्च को ही वीमेंस डे 
 
नारी के सम्मान और उसके अस्तित्व का एहसास कराने के लिए 'इंटरनेशनल वीमेंस डे' 8 मार्च को मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिला दिवस मनाना कब से शुरु हुआ और आखिर यह 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है? आइए, जानते हैं इन सारे सवालों का जवाब-
 
कब हुई शुरुआत?
 
1908 में लगभग 15000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क सिटी में वोटिंग अधिकारों की मांग के लिए, काम के घंटे कम करने के लिए और बेहतर वेतन मिलने के लिए मार्च निकाला। एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी की घोषणा के अनुसार 1909 में यूनाइटेड स्टेट्स में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया। 1910 में clara zetkin (जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की महिला ऑफिस की लीडर) नामक महिला ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार रखा, उन्होंने सुझाव दिया की महिलाओ को अपनी मांगो को आगे बढ़ने के लिए हर देश में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना चाहिए।
 
कैसे आया विचार?
 
वीमेंस डे का विचार भी एक महिला का ही था, जिसका नाम था क्लारा ज़ेटकिन। 1910 में क्लारा ने कोपेनहेगन में कामकाजी औरतों की इंटरनेशनल कांफ्रेंस, जिसमें 17 देशों की 100 महिलाएं मौजूद थीं, के दौरान यह सुझाव दिया। सभी महिलाओं ने इस सुझाव का समर्थन किया और 1911 से ही कुछ देशों में इंटरनेशनल वीमेंस डे मनाया जाने लगा। हालांकि महिला दिवस की आधिकारिक मान्यता 1975 में मिली और इस हिसाब से अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की पहली थीम थी 'सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फ़ॉर द फ्यूचर' यानि अतीत का उत्सव और भविष्य की योजना।
 
8 मार्च को ही महिला दिवस क्यों?
 
अब सवाल यह उठता है कि आखिर महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है? आपको बता दें के 1917 में युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड और पीस की मांग की थी और हड़ताल कर सम्राट निकोलस को पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। अंतरिम सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दे दिया था। महिलाओं ने यह हड़ताल जब शुरू की थी उस दिन 23 फरवरी थी, जो ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च का दिन था। बस इसके बाद से इंटरनेशनल वीमेंस डे 8 मार्च को मनाया जाने लगा।