GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

नौ कन्याओं की पूजा क्यों ? आखिर कन्याओं के साथ क्यों लड़के को बैठाया जाता है?

शिखा पटेल

11th April 2019

नवरात्र में कन्या पूजन का काफी महत्व होता है। जानिए- आखिर कन्याओं के साथ क्यों लड़के को बैठाया जाता है... क्या है इसके पीछे वजह?

 
नवरात्र में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है और इस दौरान कन्‍याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत की जाती है। दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनका स्वागत किया जाता है। वहीं आपने अक्सर देखा होगा कि कन्या-पूजन में नौ कन्याओं के साथ एक लड़के को बैठाया जाता है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों है और इसके पीछे क्या वजह है?
 
जानें- 'लंगूर' को क्यों बैठाया जाता है?
 
नवरात्र पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। कन्याओं के साथ जो एक लड़का बैठता है उसे 'लंगूर' कहा जाता है। जिस तरह कन्याओं को पूजा जाता है, ठीक उसी तरह लड़के यानी 'लंगूर' की पूजा की जाती है। बता दें, 'लंगूर' को हनुमान जी का रूप माना जाता है। लोगों का मानना है जिस तरह वैष्णों देवी के दर्शन के बाद भैरो के दर्शन करने से ही दर्शन पूरे माने जाते हैं, ठीक उसकी तरह कन्‍या पूजन के दौरान के लंगूर को कन्याओं के साथ बैठाने पर ये पूजा सफल मानी जाती है। 
 
कन्या-पूजन की पुरानी कहानी 
 
ऐसी मान्यता है कि एक बार माता वैष्णो देवी ने अपने परम भक्त पंडित श्रीधर की भक्ति से प्रसन्न होकर उसकी न सिर्फ लाज बचाई और पूरी सृष्टि को अपने अस्तित्व का प्रमाण भी दे दिया। आज जम्मू-कश्मीर के कटरा कस्बे से 2 किमी की दूरी पर स्थित हंसाली गांव में माता के भक्त श्रीधर रहते थे। वे नि:संतान थे एवं दुखी थे। एक दिन उन्होंने नवरात्र पूजन के लिए कुँवारी कन्याओं को अपने घर बुलवाया। माता वैष्णो कन्या के रूप में उन्हीं के बीच आकर बैठ गई। पूजन के बाद सभी कन्याएं लौट गईं, लेकिन माता नहीं गईं। बालरूप में आई देवी पं. श्रीधर से बोलीं- सबको भंडारे का निमंत्रण दे आओ। श्रीधर ने उस दिव्य कन्या की बात मान ली और आस-पास के गांवों में भंडारे का संदेशा भिजवा दिया। भंडारे में तमाम लोग आए। कई कन्याएं भी आई। इसी के बाद श्रीधर के घर संतान की उत्पत्ति हुई। तब से आज तक कन्या पूजन और कन्या भोजन करा कर लोग माता से आशीर्वाद मांगते हैं।
 

पोल

सबसे अछि दाल कौन सी है

गृहलक्ष्मी गपशप

जानिए बॉलीवु...

जानिए बॉलीवुड की...

चलिए जानते हैं कुछ एक्ट्रेसेस के बारे में जिन्होंने...

चाणक्य के अन...

चाणक्य के अनुसार...

सदियों से ये सोच चली आ रही है महिलाएं शारीरिक और मानसिक...

संपादक की पसंद

रामायण: घर-घ...

रामायण: घर-घर में...

रामानंद सागर की 'रामायण' लॉकडाउन में जब दोबारा प्रसारित...

खाद्य पदार्थ...

खाद्य पदार्थ जो...

आजकल आप थके-थके रहते हैं। रोमांस करने की आपकी इच्छा...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription