अक्षय तृतीया 2019: वर्षों बाद बना है ऐसा शुभ संयोग, जानें पूजा का सबसे शुभ समय, व्रत के नियम

शिखा पटेल

6th May 2019

हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से वैशाख का महीना चल रहा है। 

अप्रैल महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है क्योंकि इस दिन मनाई जाती है अक्षय तृतीया। इस तिथि पर विशेष नक्षत्रों के संयोग से इस दिन को अक्षय फल देने वाला माना जाता है। यह दिन की शुभता देखते हुए इसे मात्र एक तिथि नहीं त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 7 मई, दिन मंगलवार को है।
 
शुभ मुहूर्त 
 
अक्षय तृतीया 7 मई को सुबह 3 बजकर 17 मिनट पर वैशाख मास की तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी जो कि अगले दिन यानी 8 मई की सुबह 2 बजकर 17 मिनट तक चलेगी। इस बीच सुबह सूर्य उदय के बाद 5 बजकर 40 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। इस बीच कभी भी अक्षय तृतीया की पूजा की जा सकती है।
सोने की खरीददारी का शुभ समय- सु. 6:45-11:47 रात 
 
अक्षय तृतीया शुभ संयोग
 
हिन्दू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया पर इस बार चार बड़े ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। आख़िरी बार यह संयोग वर्ष 2003 में बना था। पंचांग के मुताबिक इस वर्ष अक्षय तृतीया पर चार बड़े ग्रह सूर्य, शुक्र, चन्द्र और राहू अपने से उच्च राशि में होंगे। इसे बेहद शुभ माना जा रहा है।
 
अक्षय तृतीया पूजा व‍िध‍ि 
 
1. शास्त्रीय मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ होता है।
2. कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि नित्य क्रियाओं से निवृत होकर पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा की तैयारी शुरू की जाती है।
3. पूजा में सबसे पहले भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करके उन्हें पीले फूलों की माला अर्पित करें।
4. भगवान विष्णु और लक्ष्मी माँ के सामने बैठकर वैदिक मंत्रों का जप करते हुए पूजा की जाती है।
5. पूजा खत्म होने के ठीक बाद या फिर शाम के समय गरीबों को भोजन कराना और दान देना शुभ माना जाता है।
 

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