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पूजा में दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

शिखा पटेल

7th May 2019

हिन्दू धर्म में पूजा के समय दीपक जलाने का बहुत ही महत्व है। दीपक के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। 

पूजा के समय दीपक जलाना एक ओर जितना शुभ माना जाता है वहीं दूसरी ओर ऐसा कहा जाता है कि घर में दीपक जलाने से वास्तु दोष दूर होता है। अब अलग-अलग दिन, व्रत और त्यौहार के हिसाब से पूजा में घी और तेल का दीपक जलाने का नियम है। वैसे ही कुछ और नियम भी शास्त्रों में बताए गए हैं, जिसका पालन करने से शुभ लाभ मिलता है। चलिए, बताते है आपको दीपक जलाने के कुछ खास नियमों के बारे में-
 
इन खास बातों का रखें ध्यान
 
  • दीपक जलाने से पहले उसको अच्छे से साफ़ करे लें। साफ़-सुथरा दीपक ही पूजा में मान्य है।
  • इस बात का खास ख्याल रखें कि दीपक हमेशा भगवान की मूर्ति के ठीक सामने लगाएं। कई बार हम भगवान की प्रतिमा के सामने दीपक न लगाकर कही और लगा देते है, तो सही नहीं होता है।
  • पूजा में कभी-भी टूटा या चिटका हुआ दीपक नहीं जलाना चाहिए। वरना आपको लाभ की जगह परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • ध्यान दें अगर घी का दीपक हो, तो इसे अपने बायें हाथ की ओर ही जलाएं। यदि दीपक तेल का है तो अपने दाएं हाथ की ओर जलाएं। और घी के दीपक में रुई की बत्ती का इस्तेमाल करें जबकि तेल के दीपक के लिए लाल धागे की बत्ती अच्छी रहती है।
  • अखंड जोत जलाने के लिए हमेशा गाय के घी और तिल के तेल का ही इस्तेमाल करें।
 
वैज्ञानिक कारण
 
दीपक को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। गाय के घी में रोगाणुओं को दूर भगाने की क्षमता होती है। इसलिए जब घी का दीपक जलाते हैं तो वातावरण शुद्ध होता है। इससे घर के अंदर का प्रदूषण भी दूर होता है। 
 
दीपक जलाते समय बोले ये मंत्र
 
दीपज्योति: परब्रह्म: दीपज्योति: जनार्दन:।
दीपोहरतिमे पापं संध्यादीपं नामोस्तुते।।
शुभं करोतु कल्याणमारोग्यं सुखं सम्पदां।
शत्रुवृद्धि विनाशं च दीपज्योति: नमोस्तुति।।
 
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