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बड़े ही नहीं बच्चे भी हैं हाई ब्लड प्रेशर का शिकार, जानें क्या है वजह ?

संविदा मिश्रा

8th August 2019

हाई ब्लड प्रेशर  यानि उच्च रक्तचाप की समस्या लोगों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। एक टाइम था जब ये समस्या एक उम्र के बाद के लोगों में होती थी लेकिन बदलता परिवेश कहें ,खराब खान-पान या फिर बदलता हुआ लाइफस्टाइल, हाई ब्लड प्रेशर ने बड़ों के साथ बच्चों को भी अपने चंगुल में जकड़ना शुरू कर दिया है ।

 बड़े ही नहीं बच्चे भी हैं हाई ब्लड प्रेशर का शिकार, जानें क्या है वजह ?
हाई ब्लड प्रेशर में धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है, दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये दिल को सामान्य से अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है। उच्च रक्तचाप तब उपस्थित होता है यदि यह 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है।
 
आमतौर पर ये समस्या ज्यादा तला -भुना या मसालेदार खाने की वजह से होती है। लेकिन बच्चों में इसका मुख्य कारण जंक फूड्स का अधिक सेवन करना है।  आजकल के बच्चे जीवन के शुरुआती चरण में ही विभिन्न प्रकार के जंक फूड्स खाने लगते हैं।  बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को अधिक   समय तक रखने के लिए इसमें ज़रुरत से ज्यादा चीनी और नमक मिलाया जाता है जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बचपन से ही हाई बी पी की समस्या होने से वयस्क होने पर ह्रदय रोगों की शुरुआत होने का खतरा रहता है। 
 
बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर का  सबसे मुख्य कारण मोटापा है।  दही में प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटमिन बी 6 और विटमिन बी 12 काफी मात्रा में होते हैं, जो कि उच्च रक्तचाप की समस्या को कम करते हैं। इसके अलावा कुछ फल भी ऐसे हैं, जिन्हें हर दिन खाने से उच्च रक्तचाप नियंत्रित रहता है। मोटापे से ग्रस्त या अधिक वजन वाले बच्चों की समय -समय पर जांच करवानी अति आवश्यक है।  अगर समय पर जांच और उपचार न हो तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। लगातार बैठे रहने वाला लाइफस्टाइल , अशुद्ध भोजन और कम वर्कआउट  इसके प्रमुख कारण हैं। 
 
बच्चों में शुरुआत से ही अच्छे पोषण संबंधी आदतें विकसित करना बहुत ज़रूरी है साथ ही बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी में भी इन्वॉल्व करें।  बच्चों की ज्यादा वसायुक्त भोजन और जंक फूड्स से दूर रखें जिससे वो मोटापे का शिकार न हो सकें।