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स्वच्छता बढ़ाए आपके आत्मविश्वास को

शहनाज़ हुसैन

8th August 2019

खुद की स्वच्छता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपको होने वाले कई बीमारियों से बचाता है, साथ ही यह आप में आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

स्वच्छता बढ़ाए आपके आत्मविश्वास को

अच्छा दिखना और महसूस करना ही सबसे महत्वपूर्ण नहीं होता है, इससे भी महत्वपूर्ण होता है खुद की स्वच्छता। भले आपके पास आकर्षक फिगर और चेहरे के आकर्षक फीचर हो, लेकिन आप में स्वच्छता की कमी है तो लोग आपसे दूर भागेंगे। हां, आप बाहरी स्वच्छता को इत्र या मेकअप छुपा सकती है, लेकिन अंदरूनी स्वच्छता को नहीं छुपा सकती है। अगर आप स्वच्छ नहीं हैं, तो आपको कई तरह की बीमारियां हो सकती है। जैसा कि आप जानते हैं कि त्वचा पसीने के माध्यम से गंदगी को बाहर निकालती है। पसीना और गंदगी त्वचा पर जम जाता है और इसे रोज साफ करना चाहिए। वास्तव में पसीने में बैक्टीरिया होता है,

जो शरीर की अप्रिय गंध का कारण बनते हैं। पसीना आने के लगभग छह घंटे बाद से सडऩ शुरू हो जाती है। हालांकि, यह समस्या खासकर गर्मियों के महीनों के दौरान ज्यादा सामने आती है। इसलिए रोजाना स्नान जरूर करना चाहिए और शरीर के सभी हिस्सों को अच्छी तरह से धोना चाहिए, विशेष रूप से गर्दन, बगल, कमर और पैरों को। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां रोगाणु जमा आसानी से होते हैं। माइल्ड साबुन के अलावा आपको एक साफ खुरदरी बनावट वाला वॉशक्लॉथ या लोफा, पीठ के लिए एक ब्रश, एक प्यूमिक स्टोन, एक नेल ब्रश, एक खुशबूदार तेल, टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए। स्पंज त्वचा पर साबुन लगाने के लिए अच्छे होते हैं, जबकि एक वॉशक्लॉथ शरीर को साफ करने में मदद करता है। 

यह न केवल गंदगी को हटाता है, बल्कि त्वचा से मृत कोशिकाओं को भी साफ करने में मदद करता है। कोहनी और एड़ी पर एक प्युमिक स्टोन का उपयोग करना चाहिए। नहाने के पानी में एसेंशियल ऑयल भी मिला सकते हैं। अंडरआर्म के बालों को साफ रखने से बैक्टीरिया जन्म नहीं लेती हैं और साथ ही गंध से बचने में भी मदद मिलती है। गर्मियों के महीनों के दौरान टैल्कम पाउडर, पसीने को दूर बनाए रखने में मदद करता है। अपने स्नान के तुरंत बाद एक इत्र या डिओडोरेंट का जरूर उपयोग करें।

पैरों पर विशेष ध्यान दें। अच्छी तरह से धोने के बाद, उन्हें अच्छी तरह से सुखाएं और गर्मी के मौसम के दौरान टैल्कम पाउडर लगाएं। गर्मियों में खुले फुटवियर पहनें, ताकि पसीना वाष्पित हो जाए। यह एथलीट फुट और रिंग वर्म जैसे फंगल संक्रमण से बचने में मदद करता है, जो सॉफ्ट त्वचा पर बढ़ते हैं। स्वच्छता आपके कपड़ों के लिए भी जरूरी है। पसीना कपड़े में जाता है और एक खराब गंध की बदबू आती है। अपने कपड़ों को रोजाना बदलें, विशेषकर अपने अंडरक्लॉथ को। कपड़े दो बार ज़रूर बदलें। गर्मियों के दौरान सूती कपड़े पहनें ताकि पसीने को बाहर निकलने और वाष्पित करने में मदद कर सके।  

एक महिला का स्वच्छ रहना बहुत महत्वपूर्ण है, वो भी मासिक धर्म के दौरान। भारत में, शिक्षा की कमी और सामाजिक कलंक ने मासिक धर्म को एक विषय बना दिया है जो कि वर्जित है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में, महिलाओं को सैनिटरी पैड जैसी जानकारी और बुनियादी ज़रूरतों तक अभी भी पहुंचा नहीं है। जिस कारण स्वच्छता की कमी और संक्रमण हो सकता है। मासिक धर्म स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, लेकिन ये आज भी भारत जैसे विकासशील देश में क्षेत्रों तक पूरी तरह पहुंच नहीं पाया है। महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए, जैसे कि तौलिए और कपड़े धोने की आवश्यकता।

खुद को स्वच्छ और सुगंधित रखने से अपने अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है। एंटीपर्सपिरेंट और डियोड्रेंट का उपयोग भी मदद करता है। एक हल्के डियोड्रेंट का चयन करें। यदि त्वचा दो मिनट से अधिक समय तक जलन महसूस होती है, तो आपको इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए। हार्ड एंटीपर्सपिरेंट्स जलन या संवेदनशील प्रतिक्रिया का कारण बन सकते हैं। पहले त्वचा के एक छोटे से क्षेत्र पर उन्हें आज़माना बेहतर होता है।

व्यक्तिगत स्वच्छता के कई पहलू हैं। यह जानते हुए कि अपने शरीर के प्रत्येक भाग हमारे अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाता है, जो अच्छा दिखने और महसूस करने में मदद करता है। 

 

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