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एक्टिंग मेरा काम है, मैं सेलेब्रिटी जैसा फील नहीं करना चाहती- कीर्ति कुल्हारी

गरिमा अनुराग

12th August 2019

एक्टिंग मेरा काम है, मैं सेलेब्रिटी जैसा फील नहीं करना चाहती- कीर्ति कुल्हारी

पिंक, ऊरी, इंदु सरकार जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुकी एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी  इस फिल्म में प्रोग्राम एटोनॉमी नेहा सिद्दिकी की भूमिका में नज़र आएंगी। हालांकि इंडस्ट्री के इतने बड़े सेलेब्स के साथ काम करने के ख्याल से पहले कीर्ति थोड़ा असहज थी, लेकिन शूटिंग का उनका अनुभव बिलकुल अलग था। वो कहती हैं, मिशन मंगल जैसा टैंट्रम फ्री सेट मैंने पहली बार देखा है। सबने बहुत अच्छे से, प्यार से, मजे करते हुए काम किया और इसका श्रेय अक्षय और विद्या को जाता है। पेश है कीर्ति से बातचीत के कुछ अंश-

पिंक, उरी आपकी फिल्में समाज को छूने वाली हैं। क्या ये फिल्म भी इसलिए चुना आपने?

नहीं, मैं कोई भी फिल्म ये देखकर नहीं करती की क्या वो समाज को छूएगी या इसमें कोई संदेश है। मेरे लिए किसी भी फिल्म का सब्जेक्ट सबसे ज्यादा जरूरी है। मैं ये भी देखती हूं कि मेरा किरदार क्या है, इसे कौन डायरेक्ट करेगा, इसकी कहानी कैसे जा रही है, इन चीज़ों को देखने के बाद ही मैं फिल्म को करने के लिए कॉन्फिडेंट नहीं महसूस करती। जहां तक मिशन मंगल की बात है तो मैं बहुत खुश हूं कि मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़ी क्योंकि इन चीज़ों के बारे में जब आप फिल्में देखते हैं तो ज्यादा अच्छी तरह समझ पाते हैं।

इस फिल्म में काम करते हुए आपने क्या सीखा?

फिल्म में तापसी, विद्या, अक्षय, शरमन, नित्या जैसे कलाकार हैं। सबके साथ काम करते कब हंसी खुशी कब इस फिल्म की शूटिंग खत्म हुई हमें पता भी नहीं चला। एक चीज़ जो हम सब में कॉमन थी वो ये कि हम सबको मिशन मंगल पर बहुत ज्यादा गर्व है। मैंने इस फिल्म में काम करते हुए सीखा की काम तो सभी कर रहे हैं लेकिन एंजॉय करते हुए काम करने का अलग मजा है। 

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जब काम नहीं करती तो कहां जाना पसंद करती हैं?

मैं अगर काम नहीं कर रही होती हूं तो मुझे घर से भी बाहर निकलने का मन नहीं करता है। मैं घर पर ही रहकर थोड़ा वर्कआउट करती हूं, कभी योगा या मेडिटेशन करती हूं, कभी कहीं बाहर खाने-पीने के लिए चले गए। छुट्टियों पर मैं बाहर जाना बिलकुल पसंद नहीं करती हैं, घर पर ही ज्यादा रहना और रिलैक्स करना पसंद करती हूं क्यूंकि अकसर हमलोग काम के सिलसिले में ट्रैवल करते रहते हैं। 

आजकल एयरपोर्ट लुक, जिम लुक का चलन है। आप अच्छा दिखने का कितना प्रेशर फील करती हैं?

मैं अच्छे दिखने का कोई प्रेशर नहीं लेना चाहती है। मैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हूं कि मैं इस प्रेशर से दूर रहूं। मैं अपने आप को हीरोइन, सेलेब्रिटी, स्टार जैसा कोई स्टेटस नहीं देना चाहती हूं क्योंकि देखा जाए तो ये मेरा काम है। जैसे आप जर्नलिस्ट हैं, वैसे मैं एक्टर हूं।इसके अलावा मुझे चौबिस घंटे खुद को स्टार समझने की जरूरत नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी सोच को सामान्य बनाए रखना चाहिए क्योंकि हमें लोग आसानी से खास एहसास करा देते हैं। जैसे मैं घर पर होती हूं तो अपने कपड़े खुद धो लेती हूं।

आपको कुकिंग का कितना शौक है?

कुकिंग का मुझे बहुत ज्यादा शौक नहीं है। मैं दो महीने में कभी एक बार कुछ बना लेती हूं, हां, मैं रोज़ सुबह अपनी अदरक वाली चाय खुद बनाती हूं। मेरी ये चाय बहुत अच्छी बनती है, बस मैं अपने लिए दूध थोड़ा कम रखती हूं। 

घर का खाना आपके लिए क्या है?

मुझे कोई भी नॉर्मल चावल के साथ पीली मुंग दाल, जो कि मेरी सास बहुत स्वादिष्ट बनाती हैं, और कोई भी आलू की सब्जी जैसे आलू जीरा खाना पसंद है। चावल भी मुझे बिलकुल प्लेन और सामान्य पसंद है, मैं बासमती चावल ज्यादा पसंद नहीं करती।

स्ट्रीट फूड में आपको क्या खाना पसंद है?

मुझे मुम्बई में मिलने वाले ग्रिल्ड सैंडविच जिसमें सब्जियां, चीज़ वगैरह डालकर टोस्ट किया जाता है बहुत पसंद है। मुझे याद है मैं अपने कॉलेज के दिनों में भी ये सैंडविच बहुत खाती थी। अब भी खाती हूं। इसके अलावा मुझे वड़ा पाव और मुम्बई में मिलने वाली कटिंग चाय पसंद है। 

आने वाले दिनों में आप किस तरह की फिल्में करना चाहेंगी?

मैं सिर्फ अच्छा काम करना चाहती हूं। लेकिन, मैं ढ़ेर सारा काम करने की जगह क्वालिटी पर ध्यान दूंगी। 

 

 

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