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दिल को सेहतमंद बनाए रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स

संविदा मिश्रा

10th August 2019

दिल यानि हार्ट हमारे शरीर का सबसे मत्त्वपूर्ण अंग है। यह हमारे पूरे शरीर की जैविक क्रियाओं के लिए ऑक्सीजन युक्त रक्त उपलब्ध कराता है। ह्रदय की धड़कन का रुकना, कार्डियक अरेस्ट  कहलाता है । यदि इस पर ध्यान न दिया जाए  तो कार्डियक अरेस्ट के कुछ मिनटों के अन्दर मृत्यु हो सकती है।  क्योंकि मस्तिष्क  को ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति की आवश्यकता होती है, यदि यह आपूर्ति लंबे  समय तक रुक जाए  तो मृत्यु हो सकती है।

दिल को सेहतमंद बनाए रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स
हमारे देश में लगभग 2.1. मिलियन मौतें दिल की बीमारियों की वजह से होती हैं।  इनमे हर आयु वर्ग के लोग शामिल होते हैं। नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, जिनमे बैड कोलेस्ट्रॉल के कई तत्व शामिल होते हैं, जैसे कि ट्राईग्लिसराइड्स और अन्य, देश में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाले सबसे मह्त्वपूर्ण कारण बने हुए हैं। भारतीयों में सबसे आम डिसलिपिडेमिया अथवा फैट का अस्वस्थ्य स्तर है बॉर्डरलाइन हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, लो एचडीएल कोलेस्ट्रॉल और हाई ट्राईग्लिसराइड्स।
 
कितने प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं
 
इस बारे में पीएसआरआई हार्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली के चेयरमैन डॉ. टी. एस. क्लेर का कहना है कि हमारे शरीर में दो मुख्य प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं, लो-डेंसिटी लीपोप्रोटीन (एलडीएल) और हाई-डेंसिटी लीपोप्रोटीन (एचडीएल)। एलडीएल को आमतौर पर "बैड कोलेस्ट्रॉल कहते" हैं, जो शरीर के अधिकतर प्रकार के कोलेस्ट्रॉल को बनाता है, और जब इसका स्तर अधिक हो जाता है, तो धमनियोँ में यह प्लॉक के रूप में जमा होने लग जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप दिल की बीमारियां और स्ट्रोक होता है। दूसरी तरफ, एचडीएल अथवा "गुड कोलेस्ट्रॉल" कोलेस्ट्रॉल को शरीर में एब्जॉर्ब कराता है और इसे वापस लिवर तक लेकर जाता है, जहाँ से यह शरीर से बाहर निकल जाता है।
 
सामान्यतौर पर वयस्कों के लिए कोलेस्ट्रॉल का आइडियल स्तर 200 एमजी/डीएल से कम होना चाहिए, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल 100 एमजी/डीएल से कल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल 60 एमजी/डीएल से अधिक होना चाहिए।"
 
हाई कोलेस्टॉल वाली चीज़ें खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी तेजी से बढता है। शरीर का करीब 85% कोलेस्ट्रॉल हमारे लिवर में बनता है, न कि उन चीजोँ से जो हम खाते हैं। इसके अलावा, यह माना जाता है कि जब डाइटरी कोलेस्ट्रॉल बढता है, तब शरीर इसको कम्पंसेट करता है, और लिवर कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन कम मात्रा में करता है।
 
 
पतले लोगों का कोलेस्ट्रॉल स्तर भी बढ़ सकता है। ऐसे लोग जो बहुत सिडेंटरी जीवनशैली जीते हैं उन्हेँ भी खतरा रहता है। कुछ ऐसे जेनेटिक डिसॉर्डर जो व्यक्ति को पहले से ही हाई कोलेस्ट्रॉल स्तर के खतरे के दायरे में लाता है, चाहे उनका वजन कम हो अथवा ज्यादा। 
 
दिल को कैसे रखें  दुरुस्त 
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने और  दिल की सेहत में सुधार के लिए  डॉ. टी. एस. क्लेर, चेयरमैन, पीएसआरआई हार्ट इंस्टिट्यूट, दिल्ली , ने हमारे आहार और लाइफस्टाइल में कई बदलाव लाने के सुझाव दिए हैं , आइए जानें -
 
सैचुरेटेड फैट कम करेँ
सैचुरेटेड फैट, आपके टोटल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता  है। जो कि प्राथमिक रूप से रेड मीट और फुल-फैट डेयरी उत्पाद में पाया जाता है।  सैचुरेटेड फैट कम लेने से आपके शरीर बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो सकती है।
 
ट्रांस-फैट न लें
ट्रांस-फैट के बारे में कई बार खाने की चीजोँ की पैकेजिंग के ऊपर लेबल लगा होता है "पार्शियली हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल ऑयल" इसका इस्तेमाल आमतौर पर कृत्रिम मक्खन और स्टोर से खरीदे गए कुकीज, क्रैकर्स और केक आदि में होता है। ट्रांस-फैट आपके  ओवरऑल कोलेस्ट्रॉल स्तर बढा सकता है। जिस तेल का इस्तेमाल बार-बार किया गया होता है, उसमेँ भी ट्रांस- फैटी एसिड की मात्रा बढ जाती है। 
 
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन लेँ
ओमेगा-3 फैटी एसिड एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पर कोई असर नहीं डालता है। लेकिन दिल के लिए यह कई तरह से फायदेमंद है, जिसमे ब्लड प्रेशर में कमी भी शामिल है। जिन चीजोँ में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है उनमेँ सी फूड, अखरोट और अलसी के बीज शामिल हैं।
 
 
सॉल्युबल फाइबर की मात्रा 
सॉल्युबल फाइबर आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का एब्जॉर्प्शन कम कर सकता है। सॉल्युबल फाइबर ओटमील, किडनीबींस, स्प्राउट्स, सेब और पीअर में मिलता है। 
 
व्हे प्रोटीन शामिल करें
 व्हे प्रोटीन, जो कि डेयरी उत्पादोँ में मिलता है, कई तरह से लाभदायक हो सकता है। ऐसा देखा गया है कि यह न सिर्फ एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और टोटल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है बल्कि ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखता है। 
 
अधिक व्यायाम करें और एक्टिव  रहें 
व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्टार को कम करने का अच्छा तरीका है। हल्का शारीरिक व्यायाम भी हाई-डेंसिटी लीपोप्रोटीन (एचडीएल) यानि गुड कोलेस्ट्रॉल बढाने में सहायक होता है। हफ्ते में कम से कम 5 दिन 30 मिनट तेज कदमो से वॉक करना अथवा हफ्ते में तीन दिन सिर्फ 20 मिनट की गंभीर  एरोबिक एक्टिविटी से एचडीएल स्तर में सुधार आ सकता है।  
 
धूम्रपान छोड़ दें 
 
धूम्रपान छोडने से आपके एचडीएल कोलेस्ट्रॉल स्तर में सुधार हो सकता है। इसके फायदे काफी जल्दी दिखाई देने लगते हैं। धूम्रपान न करने के 20 मिनट के अंदर आपका ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट सिगरेट के धुएँ से हुए नुकसान से रिकवर होने लग जाता है और एक साल के अंदर आपको दिल की बीमारी होने का खतरा धूम्रपान करने वालोँ की तुलना में आधा हो जाता है। 
 
वजन कम करें 
मोटापा भी हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर से संबंधित  होता है। अपने खान-पान में ऐसा बदलाव लाएं जिसमे अधिक एनर्जी से भरपूर कार्बोहाइड्रेट्स की जगह कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स को शामिल करें , इससे आपके शरीर का वजन कम करने में काफी मदद मिलेगी। 
 
अल्कोहल का इस्तेमाल कम से कम करें 
अगर आप अल्कोहल का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे मामूली मात्रा में लेँ। स्वस्थ्य वयस्क महिलाएँ जिनकी कोई भी उम्र हो, दिन भर में एक ड्रिंक इस्तेमाल कर सकती हैं और 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले पुरुष भी सिर्फ एक ड्रिंक ले सकते हैं। 65 या इससे कम उम्र के पुरुष एक दिन में दो ड्रिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
 
 जीवनशैली संबंधी  बदलाव पर्याप्त न हो तो दवा लें 
कई बार कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने के लिए सिर्फ जीवनशैली संबंधी बदलाव काफी नहीं होते हैं। अगर आपके डॉक्टर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के लिए दवा लेने की सलाह देते हैं तो अपनी जीवनशैली में बदलाव के साथ-साथ दवाओं का भी सेवन करें। समस्या के समाधान के लिए संबंधी-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेते रहें।