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अगर नवजात शिशु कर रहा है दूसरी महिला से ब्रेस्टफीडिंग तो रखें इन बातों का ध्यान

प्रीती कुशवाहा

16th August 2019

दूसरे के बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराना वेट-नर्सिंग कहलाता है। लेकिन कई बार ये सवाल मन में आता है कि क्या ऐसा करना बच्चे के लिए सुरक्षित है। तो आइए जानते हैं इस बारे में...

अगर नवजात शिशु कर रहा है दूसरी महिला से ब्रेस्टफीडिंग तो रखें इन बातों का ध्यान
नवजात शिशु के लिए सबसे बेहतर संपूर्ण आहार अगर कुछ होता है तो वो होता है मां का दूध। डॉक्टर्स भी बच्चे के जन्म के साथ ही मां को सलाह देते हैं कि बच्चे को कम से कम छह: माह तक अपना स्तनपान यानी ब्रेस्ट फीडिंग कराएं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बच्चे के जन्म के बाद भी मां के स्तनों मं दूध नहीं आता या फिर ये भी कहा सकता है कि दूध उतरता ही नहीं है। ऐसे में या तो बच्चे की भूख मिटाने के लिए उसे गाय या भैंस का दूध दिया जाए या फिर डिब्बे वाला दूध। लेकिन ये बच्चे की सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है। ऐसे में  बच्चे का पेट भरना भी जरूरी है तो अब सवाल आता है कि क्या कोई दूसरी महिला किसी के बच्चे को स्तनपान करा सकती है? 
 
 
आखिर वेट-नर्सिंग कितना है सुरक्षित ?
डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मानें, तो वेट-नर्सिंग यानी मां के अलावा किसी अन्य महिला से बच्चे को  ब्रेस्टफीडिंग करना खतरनाक नहीं है। लेकिन इसे पूरी तरह से सुरक्षित मानना भी ठीक नहीं है। वेट-नर्सिंग की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिला का स्वास्थ्य कैसा है। आजकल देखा जाता है कि वर्किंग वुमन दूसरी महिलाओं से अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं। वहीं कई बार ये सुरक्षित होता है लेकिन कुछ हालातों में किसी और से अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाने से बचना चाहिए।
 
रखें इन बातों का खास ध्यान
जब कभी भी आप अपने बच्चे को किसी अन्य महिला से स्तनपान करवाने के बारे में सोच रही हैं तो कई बातों का विशेष ध्यान रखें। देख लें कि कहीं वो महिला किसी गंभीर बीमारी जैसे- एचआईवी, कैंसर या दूसरी कोई स्वास्थ्य संबंधी बीमारी का शिकार तो नहीं है। अगर ऐसा है तो उस महिला से अपने बच्चे को कतई स्तनपान न कराएं। इसके साथ  ये भी देख ले कि वो महिला किसी नशीली चीज जैसे-शराब, सिगरेट या फिर किसी तरह के दवा आदी का नियमित सेवन तो नहीं कर रही है।