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उम्र जो भी हो, शुरूआत करने से न डरें- शेफ मेघना

गरिमा अनुराग

18th August 2019

शेफ मेघना की कहानी बताती है कि लाइफ में कुछ भी नया शुरू करने के लिए कभी देर नहीं होती। नए रास्तों पर चलकर भी आप अपनी पहचान बना सकते हैं, बस इसके लिए जोश और जज़्बा दोनों होना चाहिए। इस साल मेघना ने बतौर इंस्टाग्रामर ऑफ द ईयर "लिविंग फूड्स एपिक्यूरियन गिल्ड अवॉर्ड 2019"  भी जीता है। वो टेड एक्स की वक्ता भी हैं और महिलाओं के विकास के लिए सभी मंच पर खुलकर बोलती हैं- 

उम्र जो भी हो, शुरूआत करने से न डरें- शेफ मेघना
बैंकिग छोड़ जुड़ी कुकिंग की दुनिया से
मेघना ने चौदह साल बैंकिंग जगत में काम करने के बाद 37 साल की उम्र में कुकिंग में कुछ करने का मन बनाया और आज यू ट्यूब पर उनके चैनल मैघनाज़ फूड मैजिक के 2 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। और ये सब तब जब मेघना को कुकिंग का ज्यादा शौक बचपन से ही नहीं था। शादी के बाद भी वो ज्यादातर खाने के लिए टिफिन मंगाया करती थी। कुकिंग से अपना रिश्ता समझाते हुए उन्होंने बताया कि कैसे शादी के बाद उन्होंने कुकर में बिना पानी डाले ही चावल और दाल डाला था और कुकर ब्लास्ट हो गया था। 
 
घर के खाने की चाहत से हुई शुरूआत
मेघना बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें किचन में घुसने की रुचि नहीं थी। शादी के बाद भी जब परिवार की सहायता के लिए उन्हें जॉब करनी पड़ी तो कई रातें, जब टिफिन भेजने वाली मैम छुट्टी लेती, तो वो और उनके पति मुम्बई के स्ट्रीट फूड पर ही रह जाते। लेकिन जब इन दोनों ने परिवार शुरू करने की सोची और प्रेगनेंसी के दौरान मेघना को घर के खाने की तलब लगने लगी, तो शुरू हुआ खाना बनाने का सिलसिला औऱ जब वो मां बनी तब भी ये सिलसिला चलता रहा।
 
बेटी के लिए सीखा बेकिंग 
लेकिन मेघना को कुकिंग में ज्यादा मज़ा तब आने लगा जब उन्होंने बेकिंग शुरू की। मेघना बताती हैं कि जब उनकी बेटी स्कूल जाने लगी तो उन्होंने अचानक महसूस किया कि उनकी बेटी हमेशा जंक फूड खाना जैसे केक, पेस्ट्री, पास्ता, पिज्जा पसंद करती है। ये वो पल था जब उन्हें ऐसा लगता है जिसने उनके अंदर की मां को झकझोर दिया और उन्होंने बेकिंग सीखने की ठान ली। उन्होंने बेकिंग, लो ऑय कुकिंग जैसी क्लासेज़ शुरू की और अपने इस पैशन को प्रोफेशन बना लिया। उन्होंने कुकिंग क्लासेस शुरू किया और साथ में पार्टीज़ के लिए डिज़ाइनर केक्स के ऑर्डर लेना शुरू किया। पैशन बना ये प्रोफेशन जितना सफल हो रहा था, मेघना भी इसे बढ़ाने के लिए और मेहनत कर रही थी। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रिय एक्सपर्ट्स से कुकिंग सीखा और इस काम में उनके पति ने उन्हें पूरा सहयोग दिया। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बारे में सोचा और आज वो एक सफल यू ट्यूबर हैं। 
 
बैंकिंग से सीखा अनुशासन
मैंने अपने बैंकिंग करियर से जो अनुशासन सीखा है वह मेरे लिए आज भी काम आता है। इतना ही नहीं, बैंकिंग के दौरान ही मैंने सीखा कि हर किसी का, फिर चाहे वो कितने ही बड़े पोस्ट पर हो या छोटे, सम्मान करना चाहिए और ये बात अब मेरे मन में बिलकुल रच बस गया है कि टीम में या मेरे आस-पास जो भी लोग हैं, सबको मुझे इज्जत देनी है। 
 
उम्र को रुकावट न समझें
मैं हर महिला से सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि उम्र को रुकावट न समझें। मैं जब 37 साल की थी तो मैंने ये बिज़नेस शुरू किया था, शुरूआत में मैं लगभग असफल सी ही रही, फिर से शुरूआत की और आज 40 साल की उम्र में मेरे 2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। अपने व्यक्तित्व पर मेहनत करें। कुछ नया सीखें। वो काम करें जो आप करना चाहती हैं, याद रखें कि सिर्फ आपके परिवार को आपकी जरूरत नहीं है, अपने लिए भी जिएं, अपने सपनों को पूरा करें। 
 
 

 

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