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कई मर्ज की एक दवा है नींबू

विजय

16th October 2019

नींबू एक ऐसा फल है जो बेहद सुलभ तो है ही,साथ ही इसमें बहुत से औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। नींबू का उपयोग हमें कई रोगों से निजात दिलाता है।

कई मर्ज की एक दवा है नींबू

नींबू एक उपयोगी फल है। कि यह लगभग हर मौसम में उपलब्ध होता है। इसमें विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। नींबू में प्रबल कीटाणु-नाशक शक्ति होती है।नींबू के रस में विटामिन ,बी,सी पाए जाते हैं।इसका नित्य सेवन स्वास्थ्य और सौन्दर्य के लिए लाभदायक है। तो चलिए जानते हैं कैसे आप सेहत और सौंदर्य के लिए असका लाभ ले सकते हैं।नींबू का सेवन किसी भी प्रकार की अवस्था वाले व्यक्ति कर सकते हैं। रोगी और निरोगी व्यक्ति दोनों ही इससे लाभ उठाते हैं। नींबू अम्ल वातनाशक,हल्का,पाचक,कृमिनाशक,उदर रोगों को दूर करने वाला,वात,पित कफ और शूल में तो लाभदायक है ही साथ ही अरुचि को दूर कर रुचि बढ़ाने वाला भी है। ऐसे में इसके सेवन से तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं। जैसे कि...

 गर्मी में राहत

गर्मी के मौसम में नींबू का सेवनलाभदायक रहता है। मिश्री के साथ नींबू निचोड़कर पीने से लू शीघ्र दूर होती है। गर्मी में हैजा होने पर नींबू के रस में प्याज तथा पुदीने का रस मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है।

मलेरिया 

वहीं जब मलेरिया हो जाए,तब एक नींबू को लोहे के बर्तन में एक किलो पानी डालकर पकाएं। जब आधा शेष रह जाए,तब गुनगुना कर रोगी को पिलाएं। ऊपर से कंबल और रजाई ओढ़ा दें।मूत्र अथवा पसीने के द्वारा बुखार की गर्मी बाहर निकल जाएगी। सवेरे-शाम भोजन से ढाई घंटे पूर्व या बाद में नींबू में थोड़ी काली मिर्च डालकर चूसना चाहिए।मलेरिया की आशंका बहुत हद तक दूर हो जाएगी।

मोतियाबिन्द

शुरुआती अवस्था में रोग को बढऩे से रोकने के लिए नींबू के रस को फलालेन से छान लेना चाहिए और आंख में 3-4बूंद सुबह-शाम नित्य डालनी चाहिए।उबकाई या उल्टी-एक गिलास गर्म जल में एक नींबू का रस तथा थोड़ा सा शहद मिलाकर लें। उल्टी बंद हो जाएगी।

जुकाम

दो नींबू के रस में बराबर की मात्रा शहद में काली मिर्च एक रत्ती और मधु दो रत्ती मिलाएं तथा रात को लेकर सो जाएं तो सवेरे गला साफ हो जाएगा।

पायरियाजिनके दांतों से पीव (पस)और खून आता है,दुर्गन्ध आती है तथा दांत कमजोर हैं,उन्हें नींबू के रस को दांतों पर मलना चाहिए। दांत स्वच्छ और दृढ़ हो जाएंगे। यह अचूक कीटाणुनाशक है।बवासीरएक नींबू के छिलके को थोड़े ठंडे पानी में भिगो दें और रात के समय ओस में पड़ा रहने दें। प्रात:काल उसे पिएं। बवासीर का खून जाना बन्द हो जाएगा।मुंह के छालेनींबू का रस और सुहागे की खील मिलाकर लगाएं।साथ ही साथ कुल्ले भी करें।

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