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दिवाली में ऐसे बचें एयर पाल्युशन से

शिखा जैन

19th October 2019

दिवाली रोशनी, आनंद, उत्साह, उल्लास और खुशियों से भरा पर्व है। नए कपड़ों की खरीदारी करने और स्वादिष्ट भोजन की तैयारी करने से लेकर मिठाईयां खाने और विधि-विधान से पूजा करने तक पांच दिवसीय यह त्यौहार मंगलकामनाएं लेकर आता है। रोशनी के लिए बल्ब और लाइटिंग के साथ-साथ लोग भी पटाखे भी चलाते हैं। हालांकि, उन्हें यह एहसास नहीं होता कि वे पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। हानिकारक पटाखों का व्यापक रुप से इस्तेमाल करने के बाद हर साल अधिकांश शहरों में कुछ दिनों तक धुंध जमी रहती है। इसलिए दिवाली के समय वायु प्रदूषण एक चिंता का विषय रहता है। इससे वातावरण को तो नुकसान होता ही है साथ ही आपकी सेहत भी प्रभावित होती है। आइए जानते हैं कि इस साल दीपावली को स्वस्थ और सेहतमंद बनाने के लिए वायु प्रदूषण से अपनी सुरक्षा कैसे करें-

दिवाली में ऐसे बचें एयर पाल्युशन से

सुबह मॉर्निंग वॉक पर ना जाएं

माना कि एक्सरसाइज करना जरूरी है लेकिन तब नहीं जब हम जहरीली हवा में सांस ले रहे होते हैं। जो लोग हर रोज सुबह बाहर वॉक पर या फिर साइक्लिंग करने, योगा करने दौडऩे जाते हैं उन्हें भी तब तक ऐसा करना चाहिए जब तक की हवा ठीक नहीं हो जाती क्योंकि सुबह के समय पोल्युशन लेवल काफी हाई रहता है। इस समय बाहर जाकर एक्सरसाइज करने से फायदा का तो पता नहीं लेकिन नुकसान अवश्य हो सकता है, इसलिए जो भी एक्सरसाइज करनी है अपने घर ही करें। आप किसी शापिंग मॉल
में बने हुए जिम में जा सकते हैं। बच्चों को भी बाहर ज्यादा खेलने ना जाने दें।

फेस मास्क का प्रयोग करें 

जब भी आप बाहर जाएं तो फेस मास्क का प्रयोग करें। आजकल मार्केट में पोल्युशन से बचने के लिए फेस मास्क मिलते हैं। रोजाना भाप लें अपने वायु-मार्ग को आराम देने और शरीर को हानिकारक कण पदार्थों को हटाने में मदद करने के लिए हर दिन शाम को नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदों के साथ भाप लेने की कोशिश करें।

अपनी कार की हवा शुद्ध करें

अपनी कार को स्टार्ट करने पर सबसे पहले उसकी विंडो ओपन करें। इसके बाद ओपन विंडो में ही एसी को कुछ देर चलाएं इससे पीएम 2.5 का स्तर काफी कम हो जाएगा।
डिटॉक्स करने के लिए गुड़ अपने फेफड़ों से प्रदूषकों को बाहर निकालने के लिए गुड़ (उर्फ गुड़) का सेवन करें। आप चाहे तो खाने के बाद इसे खाएं या फिर चाय आदि में
चीनी की जगह गुण का प्रयोग करें।

विटामिन सी, ओमेगा फैटी

एसिड से भरपूर आहार विटामिन सी, मैग्नीशियम और ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों से भरपूर फलों का सेवन करें। इससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
औषधिक चाय हर्बल अदरक और तुलसी की चाय लें। प्रदूषण के प्रभावों को कम करने के लिए दिन में एक या दो बार इस स्वस्थ मनगढ़ंत स्थिति का होना बेहद स्वस्थ है।

एयर प्लग का यूज करें

एयर प्यूरिफायर विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के कमरे में जरूर लगवाएं। आजकल बहुत से एयर प्यूरिफायर मार्केट में अवेलेबल हैं। अगर आप घर में ही है और प्रदूषण के प्रभाव से बचना चाहते हैं तो किसी अच्छी कंपनी का एयर प्यूरिफायर लगाएं। यह आपके घर के वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होगा, जिससे आपका परिवार प्रदूषण के प्रभाव से बच सकता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें

दीपावली के समय बिमारियों से बचने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए आप पानी का सेवन अधिक करें और अन्य पेय पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। फैटी फूड खाने से बचें। सेब, ब्रोकोली, अखरोट और बीन्स आदि खाएं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है।

अस्थमा के रोगी

अपने इन्हेलर को अपने साथ रखें, रिफिल्स भी मंगा ले। इस बात का ध्यान रखें कि आपका इन्हेलर एक्सपायर ना हुआ हो। साथ ही समय पर अपनी जरूरी दवाईयां खरीद लें, क्योंकि त्यौहार के दौरान अधिकतर दुकानें बंद होती हैं। 

अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो

अगर दिवाली के दौरान पटाखों या अन्य किसी कारण से आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो घबराएं नहीं और किसी ऐसी जगह पर जाएं जहां धुआं और प्रदूषण कम हो। गहरी सांस लें। गीले कपड़े का मास्क पहनें। अगर समस्या कम ना हो तो डॉक्टर से मिलें।

बच्चे और नवजात शिशु का ख्याल

दिवाली के समय जब चारों तरफ धुआं और पटाखों की आवाज होती है, इसलिए इस दौरान बच्चों व नवजात शिशुओं को अकेला ना छोड़ें। बच्चों को घर के अंदर रखें और खिड़की बंद रहने दें ताकि प्रदूषित हवा अंदर ना आ सके।

बुजुर्गों की देखभाल

इसी तरह बुजुर्गों का ख्याल रखना भी जरूरी है। बुजुर्गों को पटाखों के धुएं से जितना हो सके दूरी बना के रखने को कहें। अगर वो पटाखें जला रहे हैं तो कोशिश करें कि उन्होंने सेफ्टी मास्क पहना हो।

पटाखे है खतरनाक

पटाखों में कॉपर, कैडमियम, सल्फर, एल्यूमिनियम, और बेरियम को चमक और
रोशनी पैदा करने के लिए मिलाया जाता है साथ ही नाइटोजन आक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड जैसे कण और गैस हमारी आंखों में चुभते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। पटाखे को रंग-बिरंगा बनाने के लिए इनमें रेडियोएक्टिव और जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जात है। ये पदार्थ जहां एक ओर हवा को प्रदूषित करते हैं, वहीं दूसरी
ओर इनसे कैंसर की आशंका भी रहती है।  
अन्य सावधानियां
- बाहर का फिलहाल कुछ भी खाने से बचें। मिठाईयों में त्यौहारों पर काफी मिलावट की जाती है, इसलिए उसका सेवन करने से पहले मिठाई की जांच कर लें।
- अगर आप गाड़ी, बाइक या अन्य किसी वाहन से ट्रैवल कर रहे हैं तो रेड लाइट होने पर उसे बंद कर दें, उसे चलता हुआ ना रखें। इससे भी एयर पॉल्यूशन कम होगा।
- जहां पटाखे फोड़े जाते हैं उस स्थान से दूर रहें। जहां हानिकारक केमिकल्स रखे जाते हैं, उससे बचने का प्रयास करें।
- ध्वनि प्रदूषण से बचें, यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
- अपने पास हमेशा इनहेलर रखें, जब भी जरूरत महसूस करें उसका उपयोग करें।
- पटाखें न जलाएं या कम पटाखे फोड़ें। पटाखों के जलने से कार्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं, जो दमा के मरीजों के लिए खतरनाक हैं। हवा में मौजूदा धुंआ बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक हो सकता है।
- प्रदूषित हवा से बचें, क्योंकि यह तनाव और एलर्जी का कारण बन सकती है।
- एलर्जी से बचने के लिए अपने मुंह को रूमाल या कपड़े से ढक लें। दमा आदि के मरीज अपना इन्हेलर अपने साथ रखें। अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो तो
तुरंत इसका इस्तेमाल करें और इसके बाद डॉक्टर की सलाह लें।
- त्यौहारों के दौरान हेल् दी लाइफस् टाइल अपनाएं। अगर आपको किसी तरह असहजता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- जिन लोगों को अस्थमा की प्रॉब्लम है वे डॉक्टर से संपर्क करके अपनी डोज बढ़वाएं।

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