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कहीं आप भी तो नहीं हैं पीरियड्स से जुड़े इन मिथ का शिकार

यशोधरा वीरोदय

11th November 2019

कहीं आप भी तो नहीं हैं पीरियड्स से जुड़े इन मिथ का शिकार
पीरियडस यानि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा है, जिससे हर महीने महिलाओं को रूबरू होना पड़ता है। लेकिन फिर भी पीरियडस से जुड़े कई सारे मिथ समाज में प्रचलित हैं, जिसका शिकार समाज का एक बड़ा हिस्सा है। आज भी कई सारे घरों में पीरियड्स को लेकर कुछ बने बनाए नियमों का पालन होता है। घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएं ऐसे नियमों और कायदों को लेकर खासा सख्त दिखती हैं। लेकिन अब समय आ गया है ऐसे मिथ का बहिष्कार किया जाए और मासिक धर्म को लेकर जागृति लाई जाए। आज हम पीरियड्स से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथ की बात कर रहे हैं, साथ ही इन मिथ की असलियत से भी आपको रूबरू कराएंगे। 

आचार नहीं छूना चाहिए

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को आचार छूने से मना किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से आचार खराब हो जाता है। जबकि ये पूरी तरह से गलत है। असल में आचार गंदे हाथों से छूने से खराब होता है ना कि खास तौर पर पीरियड्स के दौरान छून से। इसलिए अगर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए तो पीरियड के दौरान आचार छून में कोई बुराई नहीं है।

पेड़-पौधे नहीं छूने चाहिए

वहीं पीरियड को लेकर ये मिथ भी काफी प्रचलित है कि इस दौरान पेड़-पौधे नहीं छूने चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से पेड़-पौधे सूख जाते हैं। जोकि सरासर गलत है, ऐसा कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है कि पीरियड्स के दौरान पेड़-पौधे छूने से उन पर कोई नाकारात्मक असर पड़ता हो। असल में, भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों को पूजनीय माना जाता है, ऐसे में पहले के समय में महिलाओं को पीरियड के दौरान पेड़-पौधे छूने से मना किया जाता है। 

एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए

पीरियड के दौरान महिलाओं को एक्सरसाइज करने से भी मना किया जाता है, माना जाता है कि ऐसा करने से पीरियड की पीड़़ा बढ़ सकती है। हालांकि असलियत में एक्सरसाइज का बॉड़ी पर विपरित यानि कि सकारात्मक असर पड़ता है। पीरियड के दौरान एक्सरसाइज करने से पेट दर्द में काफी राहत मिलती है। 

बाल न धुले

वहीं पीरियड के दौरान महिलाओं को बाल न धोने की सलाह भी दी जाती है, जबकि असल में ये भ्रम से अधिक कुछ नहीं है। दरअसल, पहले के समय में लोग तालाब में नहाते थें, ऐसे में तब पीरियड के दौरान महिलाओं को तालाब में नहाने से मना किया जाता था। हालांकि आज के समय में इस नियम का कोई औचित्य नहीं है।

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