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वर और वधू को शादी में क्यों लगाई जाती है हल्दी

संविदा मिश्रा

5th December 2019

शादी की कई रस्मों में से एक है हल्दी की रस्म। ये रस्म किसी भी शादी की मुख्य रस्म होती है। इसमें दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूल्हा और दुल्हन को हल्दी क्यों लगाई जाती है।

वर और वधू को शादी में क्यों लगाई जाती है हल्दी
हल्दी में एंटीबायोटिक प्रॉपर्टी होती है जो त्वचा की सुरक्षा करता है। हल्दी को त्वचा के लिए बहुत ज्यादा गुणकारी माना जाता है। इसलिए शादी में दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। जिससे उनके चेहरे और शरीर में एक अलौकिक चमक आ जाती है। आइए आपको बताते हैं कि शादी में दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाने के पीछे के कारण क्या हैं ?

हल्दी लगाना एक परंपरा 

शादी में हल्दी लगाने का सबसे बड़ा कारण है कि ये एक परंपरा है जो कई वर्षों से चली आ रही है। पीला रंग शुभ होता है और हल्दी लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है और अधिकांश लोग इसे परंपरा मानते हुए लगाते हैं और कई लोग सोचते हैं कि इससे रुप निखरता है। इसलिए इस परंपरा का पालन करते चले आ रहे हैं। जबकि ये रस्म केवल रुप ही नहीं निखारती  बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर बनाता है।

त्वचा संबंधी रोगों  से लड़ती है 

हल्दी को एक औषधि माना जाता है। हल्दी हमारी त्वचा के लिए प्रकृति का वरदान है। हल्दी लगाने से त्वचा संबंधी अनेक बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इस कारण शादी के समय  हल्दी लगाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि शादी में कई तरह के लोग आते हैं जिनसे किसी तरह का इन्फेक्शन न फैले इसलिए वर वधू को हल्दी का लेप लगाया जाता है। हल्दी त्वचा को रोगों से बचाने के साथ त्वचा में निखार भी लाती है। 

निगेटिव एनर्जी दूर होती है 

शादी की रस्मों के बीच किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी न फैले इसलिए दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगायी जाती है। हल्दी नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

त्वचा के निशानों को दूर करती है 

दूल्हा या दुल्हन को कभी कोई चोट लगी हो जिसके निशान त्वचा पर मौजूद हों या फिर एक्ने और मुहांसे के निशानों में हल्दी का लेप लगाने से ये समस्या भी दूर हो जाती है।

हल्दी एंटी बायोटिक है 

हल्दी एक एंटी बायोटिक की तरह काम करती है जो खाने के अंदर के सारे बैक्टीरिया का खात्मा कर देती है, इसी कारण लोग इसका प्रयोग भोजन में करते हैं। लोगों को चोट लगने में हल्दी वाला दूध पिलाया जाता है ताकि अंदरूनी चोटों से छुटकारा मिल सके।
 
 

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