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सर्दी के मौसम में एलर्जी से बचना है तो अपनाएं ये टिप्स

यशोधरा वीरोदय

10th January 2020

सर्दियों के मौसम में कई लोग एलर्जी के शिकार हो जाते हैं। सर्द हवाओं के कारण कई बार छींक, बंद नाक की समस्या होने लगती है। ऐसे में कुछ सावधानियां और अपना खान-पान बदलकर आप एलर्जी से बच सकते हैं।

सर्दी के मौसम में एलर्जी से बचना है तो अपनाएं ये टिप्स
सर्दियों के मौसम में कई लोग एलर्जी के शिकार हो जाते हैं। सर्द हवाओं के कारण कई बार छींक, बंद नाक की समस्या होने लगती है। ऐसे में कुछ सावधानियां और अपना खान-पान बदलकर आप एलर्जी से बच सकते हैं।
कई बार घर में घुसते ही छीकों का ऐसा महासंग्राम छिड़ता है, कि मानो आंख से लेकर नाक तक सब कुछ बहाकर ले जाता है। कारण सर्द हवाओं का हमला और वो भी ऐसा, जो सिर से लेकर छाती तक सब कुछ जाम कर देता है। आप जानते हैं, ऐसी हालत को क्या कहते हैं? जी हां, ऐसी हालत को कहते हैं, मौसमी एलर्जी यानि बदलते मौसम की ऐसी मार, जो पूरे बदन को एक साथ अपनी गिरफ्त में कैद कर ले। हालांकि सुनने में थोड़ा सा अटपटा जरूर लगता है कि बदलता मौसम हमें कैसे नुकसान पहुंचा सकता है, मगर यही सच है। दरअसल, इसमें छीकें, नाक बंद या 
नाक बहना बहुत मामूली है। इसके अलावा गले में खराश रहती है। साथ ही साथ आंखों में खुजलाहट या लाली महससू होती है। रिसर्च के मुताबिक सर्दी के मौसम में आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और सर्दी जुकाम इस मौसम की आम समस्या हैं। जो आपको आसानी से अपनी गिरफ्त में ले सकती है। 
हालांकि धूल, मिट्टी, फफूंदी और जानवरों की खुश्की तो हर वक्त ही हमारे वातावरण में मौजूद रहती है, लेकिन ठंड के मौसम में ये इसलिए हमें तेजी से पकड़ते हैं, क्योंकि हम अपने कमरे की खिड़की और दरवाजे बंद कर लेते हैं। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए हीटर की मदद भी लेने लगते हैं। ऐसे में कमरे का वातावरण इन चीजों को तेजी से पनपने में मदद करता है। दरअसल, एलर्जी दो तरह की होती है, पहली मौसमी, जो बदलते मौसम के कारण होती है और दूसरी बारहमासी जो सालभर चलती है। आइए जानते हैं, वो कौन से ऐसे कारण हैं, जो वातावरण में मौजूद रहते हैं और हमें मौसमी एलर्जी की कैद में कैद कर लेते हैं।

ऊनी कपड़ों की देखभाल 

ऊनी कपड़ों को धूप में सुखाएं। इसके अलावा अगर लंबे समय से कुछ गर्म 
कपड़ों का इस्तेमाल नहीं किया गया, तो उन्हें पहनने से पहले उसे धो लें और फिर धूप में सूखने के बाद ही इस्तेमाल करें। 

वेंटिलेशन का करें इंतजाम

सर्दिर्यों के आगमन के साथ ही आने वाली ठंडी हवाओं से बचने के लिए हम दरवाजें और खिड़कियां बंद रखना शुरू कर देते हैं और दिन-रात हीटर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मे सूर्य की किरणे हमारे घर मे प्रवेश नहीं कर पाती हैं। इसके चलते घर मे फंगल इंफेक्शन का खतरा रहता है। प्राकृतिक ऊर्जा को घर में आने दें।

वैक्यूम क्लीनर का करें इस्तेमाल

परदे, मैटे्रस और कारपेट को नियमित तौर पर वैक्यूम क्लीनर से साफ करें, ताकि जीवाणुओं की रोकथाम की जाए। धूल और प्रदूषण मुक्त रखें माहौल नाक बंद और सायनस के लिए स्टीम इन्हेलर इस्तेमाल करें सबसे पहले इस बात की जांच करवाएं कि आपको किस चीज से एलर्जी है। उसके बाद एलर्जी से बचने के लिए दूध, दही, प्रोसेस्ड गेहूं और चीनी समेत रेशा बनाने वाली चीजों से परहेज करें।

जरूरी बातें

मौसमी एलर्जी बच्चों से लेकर किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यदि आंखों में सूजन, गले में खांसी या नाक बहने जैसी कोई भी समस्या एक हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। कोई भी उपचार डॉक्टर की सलाह से ही करें। घर में खुली और ताजा हवा आने का रास्ता रखें। एलर्जी से बचाव के लिए सूरज की किरणों को घर के अंदर आने दें।

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