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भारत के अलावा अन्य राष्ट्रों में भी रहती है बसंतपंचमी की धूम

गीतांजली

30th January 2020

इसमें कोई संदेह नहीं है कि ज्ञान की पूजा का महत्व सदियों से है और यह आगे भी रहेगा। यही कारण है कि दुनिया के लगभग हर देश में ज्ञान की देवी की पूजा की जाती है।

भारत के अलावा अन्य राष्ट्रों में भी रहती है बसंतपंचमी की धूम

यूं तो बसंत पंचमी को उत्तर भारत का त्यौहार कहा जाता है लेकिन ये खुशियां सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं हैं। तो आइए जानते हैं बसंतपंचमी को भारत या भारत के अलावा किन- किन देशों में किस-किस रूप में मनाया जाता है।

1.) पाकिस्तान-

बहुत कम लोग जानते हैं कि बसंत पंचमी पाकिस्तान में कई जगहों पर धूमधाम से मनाई जाती है। यहां रहने वाले पंजाबियों के लिए भी यह खास आयोजन होता है। इस त्यौहार की खास बात पतंगबाजी होती है। यहां कई जगहों पर मांझे से पतंग उड़ाना मना है, इसकी वजह आतंकी गतिविधियां बताई जाती हैं। इसके अलावा पीले फूलों की बारिश की जाती है,जिसमें लोग खुशी से सराबोर नजर आते हैं। पाकिस्तानी प्रशासन का मानना है कि पतंग उड़ाने के लिए जिन तारों का इस्तेमाल करते हैं उनमें कई बार लोग ऐसी चीजें मिला देते हैं जो लोगों के लिए जानलेवा बन जाती है।

2.) बांग्लादेश-

राजधानी ढाका के शिक्षण संस्थानों में भी बसंती पंचमी का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है। ढाका यूनिवर्सिटी और रामकृष्ण मिशन की ओर से कई जगह सरस्वती पूजा के आयोजन किए जाते हैं। ढाकेश्वरी मंदिर और पुराने ढाका में लोगों में इस त्यौहार का खास उत्साह देखा जाता है। बसंत पंचमी के मौके पर यहां रिवाज है कि बच्चे को पहली बार लिखना और पढ़ना सिखाया जाता है। यहां के लोगों के लिए यह दिन शिक्षा की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

3.) जापान-

जापान में इनकी पूजा बेंजाइटन देवी के रूप में की जाती है। बेंजाइटन मां भी माता सरस्वती की तरह ही वीणा बजाती हुई परिलक्षित होती हैं। सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद में मां सरस्वती का वर्णन नदी के रूप में है। बाद में उन्हें विद्या की देवी का दर्जा मिला। अगर जापान में पूजी जाने वाले बेंजाइटन मां की बात करें तो इन्हें चीन में ‘सुवर्णप्रभास सूत्र' के स्थानीय भाषाओं में अनुवाद होने के बाद ख्याति मिली और इस तरह बेंजाइटन के रूप में मां की पूजा होने लगी। उन्हें जल, विद्या, ज्ञान, समय और संगीत की देवी माना गया है। जापान में उन्हें ‘शीसीफुकूजिन' के अंतर्गत रखा जाता है। अर्थात ऐसे सात देवी-देवता, जिनकी पूजा करना व्यक्ति को भाग्यशाली बनाता है। देवी सरस्वती को बर्मा (म्यांमार) में थुयथदी, सूरस्सती और तिपिटका मेदा, चीन में बियानचाइत्यान, जापान में बेंजाइतेन और थाईलैंड में सुरसवदी के नाम से जाना जाता है। 

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