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मौसम की तरह तुम भी बदल तो न जाओगे

संविदा मिश्रा

6th February 2020

कहा जाता है सच्चा प्यार कभी नहीं बदलता, लेकिन क्या शादी के बाद पति-पत्नी का प्यार धीरे-धीरे कम होने लगता है या फिर प्यार के मायने बदल जाते हैं।

मौसम की  तरह तुम भी  बदल तो  न जाओगे
शादी दो दिलों के बीच का ऐसा रिश्ता है जो धरती नहीं बल्कि स्वर्ग से ही तय हो जाता है। हम तो उस रिश्ते को एक नाम देने का जरिया मात्र होते हैं। धरती पर इस रिश्ते को शादी के अटूट बंधन होने की मुहर लगाई जाती है, जिसमें शामिल होती हैं ढेर सारी रस्में और बड़ों का आशीर्वाद। लेकिन शादी का एक और पहलू होता है प्यार और विश्वास जिस पर इस रिश्ते की डोर टिकी होती है। इसी प्यार और विश्वास की बुनियाद में ही दो अंजाने इस बंधन में बंध जाते हैं।
तुम शादी के बाद कितने बदल गए हो, पहले की तरह गिफ्ट्स भी नहीं लाते, तुम उतनी खूबसूरत नहीं लगती, तुम्हारे लिए तो तुम्हारा काम ही सब कुछ है, क्या हम एक दूसरे को टाइम नहीं दे सकते, तुम बस अपनी फैमिली के बारे में ही सोचते हो, हर कपल के पास बहुत सी बातें सोचने के लिए होती हैं और यही बातें धीरे-धीरे रिश्तों में दूरी पैदा करने लगती हैं और कभी एक दूसरे पर जान छिड़कने वाले दो लोग एक दूसरे से ही दूर भागने लगते हैं। हर शादीशुदा जोड़े की जि़ंदगी में ऐसे पड़ाव आते हैं जब उन्हें प्यार कम होता नज़र आने लगता है। वैसे वास्तविकता ये है कि प्यार कभी कम नहीं होता लेकिन उसके मायने बदल जाते हैं क्योंकि हमारी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। डॉक्टर समीर पारिख, डायरेक्टर मेन्टल हैल्थ एंड बिहेवियरल साइंस, फोर्टिस हॉस्पिटल आपको बता रहे हैं कि आखिर क्यों शादी के बाद प्यार बदलता हुआ लगने लगता है और प्यार को कायम रखने के लिए क्या करें-

दो संस्कृतियों का मिलन 

शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं है बल्कि दो संस्कृतियों का मिलन है। दो अलग घरों के लोग विवाह के बंधन में बंधते हैं। दोनों के घर का रहन-सहन, खाने-पीने और त्यौहारों को मनाने का तरीका सब कुछ अलग ही होता है। ऐसे में लड़कों को लगता है कि लड़कियां उनके पारिवारिक तरीकों के हिसाब से घर को आगे बढ़ाएं वहीं लड़कियां अपने आप को बदलने के बजाय परिवार को अपने तरीके से चलाना चाहती हैं। यही वजह होती है कि दोनों के बीच नोंक-झोंक शुरू हो जाती है और प्यार कम होता नज़र आने लगता है। 

क्या करें-

लड़के-लड़कियों दोनों को चाहिए कि वो एक दूसरे पर दबाव बनाने की जगह थोड़ा समय दें। लड़कियों को कोशिश करनी चाहिए कि वो परिवार को अपने अनुसार चलाने की बजाय खुद बड़ों से सीख लेकर परिवार के अनुसार ढल जाएं। यदि कोई बात उन्हें गलत लगती है तो सबके साथ बैठकर बात करें।

जिम्मेदारियां बढऩा 

जब हम डेटिंग करते थे, तो मुझे कभी भी उसके ध्यान की चिंता नहीं करनी पड़ी क्योंकि वह पूरी तरह से मुझ पर ही समर्पित था। लेकिन अब मुझे उसका ध्यान अपनी तरफ लाने के लिए बहुत इंतज़ार करना पड़ता है। कुछ ऐसा ही सवाल होता है हर कपल का अपने पार्टनर को लेकर, क्योंकि शादी के बाद परिवार के लोगों की ओर भी ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। रोज़मर्रा की जिम्मेदारियां भी बढऩे लगती हैं। 

क्या करें-

शादी के बाद जिम्मेदारियां बढऩा लाज़मी है, ऐसे में एक दूसरे को समझते हुए आगे बढऩे में ही समझदारी है। दोनों को एक दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहिए इसके लिए कुछ एक्टिविटीज एक साथ करने की कोशिश करें। 

पारिवारिक हस्तक्षेप

जब तक लड़के और लड़की की शादी नहीं हुई होती तब तक उनकी दुनिया दो लोगों के ही इर्द गिर्द घूमती है। दोनों को ऐसा लगता है कि वो अपनी जि़ंदगी का कोई भी निर्णय अकेले ही ले सकते हैं। लेकिन शादी होने के बाद हम एक परिवार के रूप में पहले और कपल के रूप में बाद में सोचते हैं, जिसमें लड़का और लड़की किसी भी निर्णय में घर के बड़ों की सलाह लेते हैं। ऐसे में कई बार दोनों को ऐसा करना ठीक लगता है क्योंकि बड़ों का निर्णय ठीक होता है, लेकिन बहुत बार दोनों में से किसी एक को ये निर्णय बंधन लगने लगता है। जिसकी वजह से आपसी प्यार कम होता नज़र आने लगता है। 

क्या करें-

घर के बड़ों के निर्णय पर अमल करें लेकिन अपने पार्टनर से इस बात पर विचार-विमर्श जरूर करें। दोनों की सहमति होने पर ही आगे बढ़ें। 

प्यार न जताना

यह हमारे जीवन का सबसे बड़ा बदलाव है। मेरे पति शायद ही कभी कहते हैं, 'मैं तुमसे प्यार करता हूं।जब शादी से पहले हम डेटिंग करते थे, या फोन पर बात करते थे तब एक भी दिन ऐसा नहीं था जब वो आई लव यू जैसे तीन जादुई शब्दों का प्रयोग नहीं करते थे। आमतौर पर कुछ ऐसा ही होता है शादीशुदा कपल की जि़ंदगी में। आई लव यू जैसे अल्फाज़ व्हॉट्स गोइंग ऑन और नथिंग स्पेशल जैसे शब्दों में बदल जाते हैं। इसी वजह से कपल एक दूसरे के प्यार को कम होता हुआ समझने लगते हैं। 

क्या करें-

आप भले ही काम में कितने ही व्यस्त क्यों न हों लेकिन कभी-कभी प्यार जताना भी जरूरी है। इसलिए अपने पार्टनर के सामने बीच-बीच में प्यार का इज़हार जरूर करें। 

पसंद का ख्याल न रखना

शादी से पहले, हर कपल एक दूसरे का प्यार और प्रशंसा जीतने का प्रयास करता है। इसमें उनकी पसंदीदा कलर की शर्ट या सूट से लेकर उनकी पसंद का परफ्यूम और लिपस्टिक का शेड तक शामिल होता है। या फिर यूं कहें कि शादी से पहले पार्टनर को इम्प्रेस करना ही एक लक्ष्य होता है। लेकिन शादी के बाद वास्तविकता सामने आ जाती है, क्योंकि हम किसी भी तरह के दिखावे से पार्टनर को इम्प्रेस नहीं करना चाहते। जिसकी वजह से लड़के और लड़की अपने पार्टनर की पसंद और नापसंद को नज़रअंदाज़ करने लगते हैं और दोनों को ऐसा लगने लगता है कि उनका प्यार कम हो गया है। 

क्या करें-

आपकी पसंद अपने पार्टनर से अलग है लेकिन कभी उसकी पसंद के कपड़े पहनें या फिर उनकी पसंद को ध्यान में रखकर तैयार हों। 

पर्सनल स्पेस न मिलना

शादी के बाद लड़के और लड़की पूरे समय घर और परिवार के साथ अपनी जि़म्मेदारियों में उलझे रहते हैं। शादी के पहले जब वो कभी-कभी ही डेटिंग के लिए एक दूसरे से मिलते हैं तब उन्हें ये सब बहुत अच्छा लगता है। लेकिन शादी के बाद जब वो पूरे समय एक साथ रहते हैं तब उन्हें पर्सनल स्पेस की जरूरत होती है, क्योंकि किसी की भी जि़ंदगी में मी टाइम बहुत ज़रूरी होता है। पर्सनल स्पेस न मिलने की वजह से दोनों के बीच मनमुटाव की स्थिति आने लगती है और प्यार फीका लगने लगता है। 

क्या करें-

एक दूसरे को पर्सनल स्पेस दें। दोनों एक दूसरे की जि़ंदगी में बहुत ज्यादा हस्तक्षेप करने के बजाय उन्हें मी टाइम बिताने दें।

मनी सेविंग का सोचना

शादी के पहले दो प्रेमी पर सब कुछ न्योछावर करने के लिए हरेक प्रयास करते हैं। उनका रहन-सहन का तरीका से लेकर खाने-पीने की आदतें सब अलग होता है। शादी होने के बाद शादीशुदा जोड़ा मनी सेविंग के बारे में सोचकर कपड़ों और खाने पर कम खर्च करने लगता है। एक दूसरे को महंगे गिफ्ट्स देने और घूमने-फिरने में पैसे खर्च करने के बजाय दोनों अपने परिवार और बच्चों के पालन पोषण के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। उदाहरण के तौर पर विदेश यात्रा का प्लान करने की जगह बच्चों की एक्टिविटी फीस देना ज्यादा बेहतर ऑप्शन लगता है। मनी सेविंग की वजह से दोनों कई बार इच्छाओं के साथ भी समझौता कर लेते हैं जिससे दोनों को एक दूसरे का प्यार कम लगने लगता है।

क्या करें-

मनी सेविंग के लिए महीने का बजट बना लें। अपने बजट में से थोड़ा अमाउंट अपनी फैमिली ट्रिप्स के लिए भी जरूर रखें और समय-समय पर एक दूसरे को गिफ्ट्स जरूर देते रहें, जिससे आपके रिश्ते में मिठास कायम रहेगी।

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